Friday, September 18, 2020
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आतंकवाद का उद्देश्य, प्रमुख घटनाएं एवं स्वरूप

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आतंकवाद क्या है ?

गैर राज्य कारकों या अराजक तत्वों द्वारा अपने राजनैतिक, वैचारिक, आर्थिक, धार्मिक या अन्य किसी मकसद को हासिल करने के लिए सैन्य ठिकानों, सरकार या नागरिकों की सुरक्षा को निशाना बनाकर किए गए गैर कानूनी हमले / असाधारण हिंसा या हिंसा की धमकी को आतंकवाद कहा जाता है । आतंकवाद किसी भी वर्ग, जाति विशेष, धर्म, सम्प्रदाय या राष्ट्र का हितैषी नहीं है बल्कि सम्पूर्ण मानवता का शत्रु है ।

आतंकवाद का उद्देश्य –

आतंकवाद का मुख्य उद्देश्य गैर कानूनी हमले / असाधारण हिंसा करके जन-धन की भारी क्षति करना व भय का माहौल पैदा करना या हिंसा की धमकी देकर राज्य अथवा प्रशासन को अपनी मांगों को मनवाने के लिए मजबूर करना होता है ।
आतंकवादियों द्वारा की जाने वाली प्रमुख घटनाएं – बसों तथा हवाई जहाजों का अपहरण, किसी व्यक्ति अथवा कुछ व्यक्तियों को बन्धक बना लेना, महत्वपूर्ण नेताओं अथवा उनके परिवार के सदस्यों का अपहरण, राज्य एवं सरकार के मुखिया या महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तियों की हत्या, सार्वजनिक भवनों व स्थानों को बम विस्फोट द्वारा नष्ट करना या क्षति पहुंचाना तथा वहां पर रहने वाले निर्दोष लोगों की हत्या करना आदि घटनाएं शामिल है ।

आतंकवाद का भयावह स्वरूप –

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जब आतंकवादी संगठनों या गुटों को कुछ भ्रष्ट राष्ट्र जनशक्ति, अस्त्र – शस्त्र, प्रशिक्षण तथा आर्थिक मदद का खुला समर्थन कर मदद देने लगते हैं तो आतंकवाद का स्वरूप अत्यन्त व्यापक तथा भयावह हो जाता है । भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकवादी तथा विद्रोही गतिविधियों की मदद चीन तथा बांग्लादेश द्वारा परोक्ष रूप से की जाती रही है । इसी प्रकार पाकिस्तान पहले पंजाब में और बाद में जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तथा विभिन्न आतंकवादी संगठनों या गुटों संरक्षण ही नहीं बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन, आर्थिक सहायता, सलाह तथा फर्जी पासपोर्ट भी प्रदान कर रहा है । भारत के लगभग सभी पूर्वोत्तर राज्य उग्रवादी तथा अलगाववादी गतिविधियों से बहुत पहले से प्रभावित रहे हैं । 26 नवम्बर 2008 को मुंबई आतंकवादी हमला पूरे देश तथा विश्व को दहला देने वाला था जिसमें लगभग 434 निर्दोष लोगों की जानें गई, काफी संख्या में लोग घायल हुए तथा आर्थिक क्षति हुई । अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर तथा वाशिंगटन के पेन्टागन कार्यालय पर आतंकवादी हमला हुआ जिसके बाद आतंकवाद ने विश्वव्यापी आयाम धारण कर लिया है । 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए जबरदस्त आतंकवादी हमले में सी0आर0पी0एफ0 के 42 जवान शहीद तथा 05 जवान बुरी तरह घायल हो गए । उक्त आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैस-ए-मोहम्मद ने ली थी ।

आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई अदृश्य दुश्मन के विरूद्ध लड़ाई है क्योंकि आतंकवाद में यह अनुमान लगा पाना काफी मुश्किल है कि कब, कौन, कहां और कैसे आतंकवादी घटना करेगा । आतंकवादी घटनाओं का निश्चित पूर्व अनुमान लगा पाना अत्यन्त दुष्कर कार्य है । विश्व के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर हुए आतंकवादी हमले में यह देखा जा चुका है कि एक अकेले पायलट ने कामर्शियल हवाई जहाज को कैसे एक अत्यन्त विनाशकारी मिसाइल की रूप में प्रयोग किया है । इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवादी विस्फोटकों से भरे हुए ट्रक चलाकर एक सैन्य संस्थान में घुसकर विस्फोट कर देता है जिससे व्यापक पैमाने पर जन धन की क्षति हुई । अमेरिका पर आतंकवादी हमले के बाद दुनिया के सभ्य तथा प्रजातान्त्रिक देशों द्वारा आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के प्रयास किए जा रहे हैं ।

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