Saturday, September 19, 2020
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कोरोना वाइरस (कोविड-19) का शेयर मार्केट पर प्रभाव

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कोरोना वाइरस (कोविड-19) का शेयर मार्केट पर प्रभाव

कोरोना वाइरस (कोविडट) के कहर से भारत सहित पूरे एशियाई शेयर मार्केट लगातार गम्भीर मन्दी के दौर से जूझ रहे हैं । कोरोना वायरस के कारण विश्व तथा भारतीय शेयर बाजार में रिकार्ड मन्दी आयी है ।

दिनांक 13-03-2020 को भारतीय शेयर मार्केट में प्रारम्भ के 15 मिनट के कारोबार में देखते ही देखते निवेशकों के लगभग 12 लाख करोंड रुपये डूब गये । सेंसेक्स तथा निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढक गये जिसके कारण लोवर सर्किट लगाते हुए 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोंकनी पडी । इसके एक दिन पूर्व गुरुवार (दिनांक 12-03-2020) को शेयर बाजार की मन्दी के कारण निवेशकों के लगभग 11.42 लाख रुपये डूब गये थे ।

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दिनांक 23-03-2020 को कोरोना वाइरस के कारण एशियाई शेयर मार्केट डूब गये, सुबह 10 बजे सेंसेक्स 2991 अंक लुढक कर 26,924 तक पहुंच गया तब एन0 एस0 ई0 तथा बी0 एस0 ई0 दोनों में ट्रेडिंग रोंकते हुए लोवर सर्किट ब्रेकर लगा दिया गया तथा एक घण्टे के लिए कारोबार रोंक दिया गया । इसके बाद लोवर सर्किट हटाने के बाद भी शेयर मार्केट में मन्दी के दौर लगातार चलता रहा ।

दिनांक 23-03-2020 को बाम्बे स्टाक एक्सचेन्ज के सेंसेक्स 2307 अंकों की भारी गिरावट के साथ 27608 पर खुला । नेशनल स्टाक एक्सचेन्ज की निफ्टी लगभग 800 अंकों की गिरावट के साथ 7945 पर खुला । कोरोबार के अन्त में सेंसेक्स  3934.72 अंकों का भारी गिरावट के साथ 25,981.14 पर तथा निफ्टी 1,135 अंकों की गिरावट के साथ 7,610.25 पर बन्द हुआ । एस प्रकार सेंसेक्स में करीब 13.15 प्रतिशत तथा निफ्टी में करीब 13 प्रतिशत की रिकार्ड मन्दी आयी । सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों ही विगत सात वर्षों के न्यूनतम स्तर पर चले गये हैं । ऐसी आर्थिक मन्दी वर्ष-2008 में भी नही आयी थी । डालर के मुकाबले भारतीय रुपया काफी कमजोर होकर 76 रूपये पर चला गया है तथा डालर मजबूत होकर साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है ।

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दिनांक 23-03-2020 को कारोबार के शुरुआती एक घण्टे में भारतीय शेयर बाजार में बी0एस0ई0 में लिस्टेड कम्पनियों का पूंजीकरण 10,29,847 करोंड रुपये घटकर 1,05,79,296 करोंड रुपये रह गया अर्थात् कारोबार के शुरुआती एक घण्टे में ही निवेशकों के करीब 10 लाख करोंड रुपये डूब गये ।

एक्सिस बैंक, आई0सी0आई0सी0आई0 बैंक तथा बजाज फाइनेन्स के शेयर लगभग 20 प्रतिशत तक टूट गये । भारत की सबसे बडी कम्पनी रिलाएन्स इन्डस्ट्रीज के शेयर लगभग 12 प्रतिशत टूट गये । वहीं पर टी0सी0एस0 के शेयर 06 प्रतिशत तक टूट गये ।

विश्व भर में अब तक कोरोना वाइऱस के कहर से 14,000 से अधिक लोंगों की मृत्यु हो गई तथा लाक डाउन के कारण लगभग एक अरब लोग अपने-अपने के अन्दर रह रहें हैं जो घर से बाहर ही नही निकल रहे हैं, जिसके कारण देश में बहुत से कारोबार बन्द हो गये हैं जिसके कारण शेयर बाजारों का सेन्टीमेन्ट अत्यन्त निगेटिव हो गये है और भारी विकवाली देखी जा रही है । निवेशकों का मूड निगेटिव हो गया है तथा उनमें लगातार बेचैनी बरकरार है । कोई अपनी पूंजी निवेश कर नुकसान नही उठाना चाहता है ।

लोवर सर्किट ब्रेकर क्या है, कब तथा क्यों लगाया जाता है  ?

जब शेयर बाजार एक निर्धारित सीमा से ज्यादा गिरने लगे तब लोवर सर्किट लगाया जाता है । सेबी की तरफ से लोवर सर्किट की निर्धारित सीमा 10 प्रतिशत, 15 प्रतिशत तथा 20 प्रतिशत है । लोवर सर्किट ब्रेकर लगाने का मुख्य उद्देशय शेयर में लगातार तेजी से हो रही आर्थिक मन्दी को रोंकना है ।

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