Thursday, September 24, 2020
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कोरोना वायरस का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

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कोरोना वायरस का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

यूनाइटेड नेशन्स कान्फ्रेन्स आन ट्रेड एण्ड डेवलपमेन्ट (UNCTAD) के अनुसार कोरोना वायरस से प्रभावित विश्व की 15 सबसे बडी अर्थव्यवस्था में भारत भी सम्मिलित है

कोरोना वायरस से भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर में कमी आयेगी 

कोरोना वायरस से प्रभावित चीन मे उत्पादन में भारी कमी आयी है जिसका व्यापक प्रभाव भारतीय व्यापार पर पडा है जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को लगभग 34.8 अरब डालर तक नुकसान हो सकता है । आईसीडी ने पहले वर्ष- 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था तथा कोरोना वायरस के बाद वर्ष- 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है ।

कोरोना वायरस के कारण कच्चे माल की आपूर्ति में भारी कमी आने के कारण भारत में जेनरिक दवाओं के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा 

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भारत जेनरिक दवाएं बनाने तथा निर्यात् करने के लिए विश्व में प्रसिध्द है तथा वर्ष- 2019 में इन दवाओं को निर्यात कर के अरबों रुपये कमाए परन्तु भारत इन दवाओं के बनाने के लिए लगभग 85 प्रतिशत एक्टिव फार्मास्क्यूटिकल इनग्रेडिएन्स (कच्चा माल) चीन से आयात करता  है । चीन में बुरी तरह से कोरोना वायरस फैलने के कारण आयात निर्यात काफी प्रभावित हुए है जिसके कारण जेनरिक दवाओं के निर्माण के  लिए चीन से उक्त कच्चे माल का आयात न हो पाने के कारण इन दवाओं के प्रोडक्शन में कमी आ रही है जिसका व्यापक प्रभाव आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पर पडेगा ।

कोरोना वायरस से भारतीय उद्योग भयभीत 

भारतीय वाहन निर्माता कम्पनियां उत्पादन से जुडे करीब 10 प्रतिशत कच्चा माल चीन से आयात करती हैं । कोरोना वायरस का चीन में व्यापक प्रसार होने का कारण कच्चा माल तथा वाहनों के कलपुर्जो के आयात में भारी कमी आने के कारण भारतीय उद्योग भयभीत है । आयात में कमी आने के कारण भारतीय उद्योगों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा जिससे  आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा ।

कोरोना संकट का भारतीय पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव

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कोरोना वायरस संकट के कारण भारत में पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आयी है जिसका भारतीय अर्थव्यस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा । 41 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे गर्मी की छुट्टियों को लेकर काफी चिन्तित हैं जबकि 72 प्रतिशत लोग इसे लेकर सतर्क हैं । लगभग 16 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यात्रा करने से कोरोना वायरस का खतरा है इसलिए यात्रा नही करनी चाहिए ।

कोरोना संकट का विमानन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव

अन्तर्राष्ट्रीय एयर ट्रान्सपोर्ट एसोसिएशन  के अनुसार कोरोना वायरस के कारण यात्रियों की संख्या में भारी कमी आयी है जिसके कारण विमानन उद्योग को यात्रियों से होने वाले कारोबार में कम से कम 63 अरब डालर का नुकसान हो सकता है ।

आई0 पी0 एल0 मैच रद्द होने पर हो सकता है 10,000 करोंड रूपये का नुकसान

कोरोना वायरस के व्यापक प्रसार को देखते हुए यदि भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड आई0पी0एल के पूरे टूर्नामेन्ट को रद्द करता है तो भारत को लगभग 3,000 करोंड रूपये का नुकसान उठाना पड सकता है जिसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडगा ।

भारतीय शेयर बाजार में भूचाल

कोरोना वायरस के कारण भारतीय शेयर बाजार ने भी मन्दी के सारे रिकार्ड तोड दिए हैं । हाल ही में गत शुक्रवार ( दिनांक 13-03-2020) को प्रारम्भ के 15 मिनट के कारोबार में देखते ही देखते निवेशकों के लगभग 12 लाख करोंड रुपये डूब गये । सेंसेक्स तथा निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढक गये जिसके कारण लोवर सर्किट लगाते हुए 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोंकनी पडी । जब शेयर बाजार में 10 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट आती है तो उसमें लोवर सर्किट लग जाता है  तथा ट्रेडिंग कुछ देर के लिए रोंक दी जाती है । इस अवधि में शेयर का क्रय-विक्रय रोंक दिया जाता है । भारतीय शेयर बाजार में 12 साल में पहली बार लोवर सर्किट लगा  है । इसके एक दिन पूर्व गुरुवार (दिनांक 12-03-2020) को शेयर बाजार की मन्दी के कारण निवेशकों के लगभग 11.42 लाख रुपये डूब गये थे ।

ज्वेलरी कारोबार पर प्रभाव 

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण ज्वेलरी तथा जवाहरात को कारोबार भी काफी प्रभावित हुआ है जिससे इस सेक्टर को करीब सवा अरब डालर का नुकसान होने की सम्भावना है ।

इस प्रकार भारत में आटोमोबाइल उद्योग, पर्यटन  उद्योग, शेयर बाजार तथा दवा कम्पनियों सहित कई सेक्टरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है जिससे  आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा ।

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