Monday, September 21, 2020
Home Blog पाचन तन्त्र

पाचन तन्त्र

- Advertisement -

[lwptoc]

पाचन क्या है ?

पाचन एक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें मानव शरीर  एन्जाइम की सहायता से भोजन के बडे अणुओं ( प्रोटीन वसा तथा कार्बोहाइड्रेट) को छोटे अणुओं ( प्रोटीन को अमीनो अम्ल में, कार्बोहाइड्रेट को  ग्लूकोज में  तथा वसा को वसीय अम्ल एवं ग्लिसराल  में) परिवर्तित करके अवशोषित करता है ।

पाचन तन्त्र के कौन-कौन से भाग हैं ?

- Advertisement -

मनुष्य के पाचन तन्त्र के भाग  मुख, यकृत, अमाशय, अग्न्याशय, छोटी आंत तथा बड़ी आंत हैं  ।

मनुष्य में पाचन क्रिया कहां पर प्रारम्भ और कहां पर समाप्त होती है ?

मानव शरीर की पाचन क्रिया मुख से प्रारम्भ होकर बड़ी आंत में समाप्त होती है

मुख

- Advertisement -

भोजन को मुख में चबाते समय मुख से निकलने वाली लार भोजन में मिल जाती है, लार में पाया जाने वाला टायलिन नामक एन्जाइम भोजन में मौजूद स्टार्च को माल्टोज में परिवर्तित कर देता है । लार की प्रकृति अम्लीय होती है । लार में 98. 5% पानी तथा 1.5 प्रतिशत एन्जाइम पाया जाता है । लार भोजन को चबाने में  भी मदद करती है ।

यकृत –

मुख से भोजन यकृत में पहुंचता है जहां पर यकृत से निकलने वाला पित्त रस भोजन में मिल जाता है । यकृत मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जिसका वजन करीब पंद्रह सौ ग्राम होता है । यकृत में पित्त रस का अधिक निर्माण होने पर पीलिया रोग हो जाता है जिसमें शरीर में खून तथा  लौह तत्व की कमी हो जाती है ।

यकृत के कार्य

(1) यकृत मानव शरीर के रक्त का ताप नियन्त्रित करता है ।

(2) ग्लूकोज की मात्रा नियन्त्रित करता है  ।

(3) यूरिया तथा पित्त रस का निर्माण करता है  ।

 आमाशय – 

आमाशय में पाचन क्रिया जठर रस के द्वारा होती है । एमाइलेज कारबोहाइड्रैड को गलाता है तथा लाइपेज वसा को गलाता है ।  यकृत से होकर भोजन आमाशय में पहुंचता है जहां पर आमाशय से निकलने वाले जठर रस में मौजूद रेनिन  तथा पेप्सिन नामक एंन्जाइम भोजन में मिल जाता है । पेप्सिन प्रोटीन को सरल पदार्थों में बदल देता है तथा  रेनिन दूध में घुली हुई प्रोटीन कोसीनोजेन को ठोस प्रोटीन कैल्शियम पैराक्सीनेट में बदल देता है । प्रोटीन का पाचन अमाशय में ही होता है ।

अग्न्याशय-

अग्न्याशय में अग्न्याशय  रस बनता है जो भोजन का पाचन करता है ।  अमाशय से भोजन अग्न्याशय में पहुंचता है जहां पर अग्न्याशय से स्रावित होने वाले अग्न्याशय रस में मौजूद एन्जाइम ट्रिप्सिन, रेनिन, एमाइलेज तथा लाइपेज भोजन में मिल जाते हैं । ट्रिप्सिन प्रोटीन तथा पेप्टोन को पाली पेप्टाइड्स एवं अमीनो अम्ल में परिवर्तित करता है । एमाइलेज मण्ड को घुलनशील शर्करा में बदल देता है । रेनिन  दूध को फाड देता है । लाइपेज वसा को ग्लिसरीन एवं फैटी एसिड्स में परिवर्तित कर देता है ।

छोटी आंत – 

अग्न्याशय से भोजन छोटी आंत में पहुंचता है जहां पर छोटी आंत से स्रावित होने वाले विभिन्न प्रकार के एन्जाइम भोजन में मिलकर भोजन के बड़े अणुओं को छोटे अणुओं में विखण्डित कर अवशोषण के योग्य बना देते हैं । छोटी आंत की लम्बाई लगभग 22 फीट ( लगभग 7 मीटर ) होती है ।

बड़ी आंत

- Advertisement -

पाचन कार्य में बड़ी आंत की कोई विशिष्ट भूमिका नहीं होती है । इसका मुख्य कार्य उपचित खाद्य पदार्थों से जल का अवशोषण करना है । भोजन के अवशिष्ट पदार्थ छोटी आंत में आने पर उनमें जल का अवशोषण होता है तथा मल के रूप में मलाशय से होते हुए गुदा मार्ग से बाहर निकल जाते हैं ।

उत्तम आहार पदार्थों को देखने से भूख क्यों बढ जाती है ?

जठरीय रस का स्राव मुख्यतया तन्त्रिकामण्डल  के अधीन है । आहार पदार्थों की सुगन्ध नाक से सूंघने तथा उनको नेत्रों से देखने से रस का स्राव होने लगता है । यही कारण है कि उत्तम आहार पदार्थों के बनने की गन्ध से ही भूख मालूम होने लगती है तथा उनको देखने से भूख बढ जाती है । जीभ पर रखने पर तुरन्त खाने की इच्छा होती है ।

यदि आहार पदार्थ उत्तम तथा रूचिकर नही होते तो भूख मर जाती है  तथा खाने की इच्छा नही होती । यदि खा लिया जाये तो ऐसे आहार का पाचन भी अच्छी तरह नही होता है ।

 

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

What is Solution In Science ?

विलयन क्या है ? यह दो या दो से अधिक पदार्थों का समांग मिश्रण है जो स्थायी एवं पारदर्शक होता है । विलेय कणों का...

अर्थशास्त्र (ECONOMICS)

अर्थशास्त्र क्या है ? सामाजिक विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन, वितरण, विनिमय एवं उपभोग का अध्ययन किया जाता है...

विशेषज्ञों की राय के मूल्यांकन के सम्बन्ध में माननीय न्यायालयों के विभिन्न निर्णय (Various Judgements of Hon,ble Courts in related valuation of Expert...

रुकमानन्द अजीत सारिया बनाम उषा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ए0 आई0 आर0 1991 एन0 ओ0 सी0 108 गुवाहाटी में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय...

शिक्षाशास्त्र (PEDAGOGY)

शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) क्या है ? शिक्षण कार्य की प्रक्रिया के भलीभांति अध्ययन को शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) या शिक्षण शास्त्र कहते हैं । इसके अन्तर्गत अध्यापन की...
Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes