Thursday, September 24, 2020
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I.P.S.आफीसर कैसे बनें

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आई0 पी0 एस0 क्या है ?

I.P.S.  की स्थापना वर्ष 1948 ई0 में की गई थी ।  I.P.S. का फुल फार्म Indian Police  Service  है  जिसे हिन्दी में भारतीय पुलिस सेवा कहते हैं । ब्रिटिश काल में भारतीय पुलिस सेवा को इम्पीरियल पुलिस के नाम से जाना जाता था । I.P.S (भारतीय पुलिस सेवा) भारत की एक अखिल भारतीय सेवा है । I.P.S. के लिए कैडर कन्ट्रोलिंग अथॉरिटी गृह मन्त्रालय के पास होती है । I.P.S. परीक्षा सिविल सेवा परीक्षा का एक भाग होती है जो संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित करायी जाती है । I.P.S. बनने की इच्छुक अभ्यर्थी को शारीरिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ होना चाहिए । I.P.S. आफीसर बनना अत्यन्त कठिन तथा साहसिक कार्य है । I.P.S. आफीसर बनने के लिए निर्धारित शारीरिक मापदण्ड के साथ-साथ अत्यन्त कठिन परिश्रम तथा स्मार्ट स्टडी  बेहद आवश्यक है । आई0पी0एस0 आफीसर बनने के लिए इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद सर्वाधिक रूचिकर विषय से स्नातक करना चाहिए जिससे उस विषय में गहन जानकारी हो सके । इससे वैकल्पिक प्रश्नपत्र हल करना कुछ हद तक सहज हो जाता है ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर की परीक्षा किस के द्वारा कराई जाती है ?

आई0 पी0 एस0 अधिकारी की परीक्षा U.P.S.C. द्वारा कराई जाती है जिसका फुल फॉर्म “Union Public Service Comission” है  जिसका  हिन्दी नाम “संघ लोक सेवा आयोग” है ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता क्या है ?

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आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना आवश्यक है ।  यदि आप स्नातक की अन्तिम वर्ष में है अथवा अन्तिम वर्ष की परीक्षा दे चुके हैं और परिणाम का इन्तजार कर रहे हैं तब भी आप इस सिविल सेवा परीक्षा में भाग ले सकते हैं परन्तु मुख्य लिखित परीक्षा में भाग लेने से पहले स्नातक होना आवश्यक है ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है ?

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है । अन्य पिछडा वर्ग तथा एस0 सी0/ एस0 टी0 वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा में क्रमश: 03 व 05 वर्ष की छूट का प्रवधान है । प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग आयु सीमा निर्धारित है जो निम्नवत है-

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सामान्य वर्ग के लिए-  न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष ।

अन्य पिछडा वर्ग के लिए- न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष (3 वर्ष की छूट) ।

एस0 सी0/ एस0 टी0 के लिए- न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष (5 वर्ष की छूट) ।

राष्ट्रीयता-

आई0पी0एस0 परीक्षा में बैठने के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक है ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए शारीरिक योग्यता क्या है ?

पुरूष अभ्यर्थी- पुरुष अभ्यर्थी सामान्य वर्ग की लम्बाई कम से कम 165 सेन्टीमीटर तथा चेस्ट 84 सेन्टीमीटर होना चाहिए । OBC तथा Sc/St वर्ग के अभ्यर्थियों की लम्बाई कम से कम 160  सेन्टीमीटर तथा चेस्ट 84 सेन्टीमीटर होना चाहिए ।

महिला अभ्यर्थी- महिला अभ्यर्थी सामान्य वर्ग की लम्बाई कम से कम 150 सेन्टीमीटर तथा चेस्ट 79 सेन्टीमीटर होना चाहिए । OBC तथा Sc/St वर्ग के महिला अभ्यर्थियों की लम्बाई कम से कम 145  सेन्टीमीटर तथा चेस्ट 79 सेन्टीमीटर होना चाहिए ।

नेत्र दृष्टि- स्वस्थ आंखों के लिए आंखों का विजन 6/6 या 6/9 होना चाहिए ।

आई0 पी0 एस0 ऑफिसर बनने के लिए आवेदन कब करना चाहिए ?

यदि आप उपरोक्त शारीरिक एवं शैक्षिक योग्यता तथा आयु सीमा रखते हैं तो आप आई0 पी0 एस0 आफीसर बनने के लिए यू0 पी0 एस0 सी0 के द्वारा आयोजित करायी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए कितनी बार परीक्षा दे सकते हैं ?

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आई0 पी0 एस0 ऑफिसर बनने के लिए प्रत्येक वर्ग की अलग-अलग एग्जाम अटेम्प्ट लिमिट निर्धारित की गई है जो निम्नवत है-

  • सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 06 बार एग्जाम दे सकते हैं ।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 09 बार एग्जाम दे सकते हैं ।
  • एस0 सी0/ एस0 टी0 वर्ग के अभ्यर्थी के लिए एग्जाम अटेम्प्ट की कोई सीमा निर्धारित नहीं है अर्थात ओवर एज होने के पूर्व वे जितनी बार चाहें उतनी बार एग्जाम दे सकते हैं ।

आई0 पी0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए परीक्षा पैटर्न क्या है ?

आई0 पी0 एस0ऑफिसर बनने के लिए परीक्षा निम्नांकित तीन चरणों में सम्पन्न होती है-

  • प्रारम्भिक लिखित परीक्षा ।
  • मुख्य लिखित परीक्षा ।
  • साक्षात्कार ।

प्रारम्भिक लिखित परीक्षा-

इस परीक्षा में इस पर छमिया पिटाई किसी की जाती हैदो प्रश्न पत्र होते हैं ।  एक प्रश्न पत्र जनरल एबिलिटी टेस्ट तथा दूसरा प्रश्नपत्र सिविल सर्विस एप्टीट्यूट टेस्ट होता है । तर्क तथा विश्लेषणात्मक सम्बन्धी प्रश्न पूछे जाते हैं दोनों प्रश्नपत्र में ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाते हैं । दोनों ही प्रश्नपत्र 200- 200 अंकों के होते हैं । यह परीक्षा मात्र क्वालीफाइंग होती है । प्रत्येक प्रश्नपत्र दो – दो घण्टे का होता है ।

पेपर प्रथम (सामान्य एबिलिटी टेस्ट) का पाठ्यक्रम –

राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय करेण्ट अफेयर्स ।

भारत का प्राचीन, मध्यकालीन तथा आधुनिक इतिहास ।

भारतीय राजतन्त्र तथा गवर्नेन्स ।

भारतीय राजनीति, शासन, राजनीतिक प्रणाली, संविधान तथा पंचायती राज व्यवस्था ।

सामान्य विज्ञान ।

सामाजिक विकास तथा आर्थिक, सामाजिक क्षेत्र की पहल, सतत विकास, समावेश, गरीबी तथा जनसांख्यिकी आदि ।

भारत एवं विश्व का भूगोल ।

पेपर द्वितीय (सिविल सर्विस एप्टिट्यूड टेस्ट) का पाठ्यक्रम

डाटा व्याख्या ।

समस्या हल करना तथा निर्णय लेना

सामान्य मानसिक योग्यता ।

तार्किक तर्क तथा विश्लेषणात्मक क्षमता ।

संचार कौशल तथा पारस्परिक कौशल ।

मुख्य लिखित परीक्षा- सिविल सेवा परीक्षा का दूसरा चरण है जिसमें प्रारम्भिक लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी भाग लेते हैं ।  इस परीक्षा में कुल 09 प्रश्न पत्र होते हैं जिसमें 2 प्रश्न पत्र (A तथा B ) क्वालीफाइंग प्रश्न पत्र होते हैं जो तीन 300 – 300 अंकों के होते हैं । शेष 07 प्रश्न पत्र मेरिट के लिए होते हैं जो तीन 250 – 250 अंकों के होते हैं ।

 प्रश्न पत्र A भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्णित किसी भी एक विषय का होता है ।

प्रश्न पत्र B–  अंग्रेजी

प्रथम प्रश्न पत्र-  निबन्ध ।

दूसरा प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होता है जिसमें भारतीय संस्कृत, विरासत, अर्थव्यवस्था एवं विश्व तथा भारतीय इतिहास व भूगोल से प्रश्न पूछे जाते हैं ।

तीसरा प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होता है जिसमें भारतीय संविधान, सामाजिक न्याय, भारतीय राजतन्त्र, भारतीय प्रशासन तथा अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध से प्रश्न पूछे जाते हैं ।

चौथा प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होता है जिसमें आर्थिक विकास, जैव विविधता, प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबन्धन तथा पर्यावरण सुरक्षा आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं ।

पांचवा प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन का होता है जिसमें आचार नीति, अखण्डता,एप्टीट्यूट, अभिवृत्ति आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं ।

छठवां प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र वैकल्पिक विषय पेपर प्रथम का होता है ।

सातवां प्रश्न पत्र-  यह प्रश्न पत्र वैकल्पिक विषय पेपर द्वितीय का होता है ।

साक्षात्कार-

सिविल सेवा परीक्षा का तीसरा तथा अन्तिम चरण है । मुख्य लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद अभ्यर्थी का साक्षात्कार लिया जाता है । साक्षात्कार 45 मिनट का होता है । साक्षात्कार  में सफल होने पर मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अन्तिम चयन सूची तैयार की जाती है जिसमें क्वालीफाइंग पेपर के नम्बर नहीं जोड़े जाते हैं । अन्तिम चयन सूची के अभ्यर्थियों को आई0पी0एस0 अधिकारी चुना जाता है ।

प्रशिक्षण-  चयनित आई0 पी0 एस0 उम्मीदवारों को एक साल की ट्रेनिंग के लिए क्रमश: मसूरी तथा हैदराबाद भेजा जाता है । प्रशिक्षण के दौरान इन्हें भारतीय दण्ड संहिता, दण्ड प्रक्रिया संहिता, स्पेशल लां तथा क्रिमिनोलॉजी आदि की ट्रेनिंग दी जाती है । शारीरिक दक्षता ट्रेनिंग भी दी जाती है । ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पोस्टिंग दी जाती है ।

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