Thursday, September 24, 2020
Home Blog What is G.ST. ?

What is G.ST. ?

- Advertisement -

goodsG.S.T. का Full Form, “Goods and Services Tax” है जिसे हिन्दी में, वस्तु एवं सेवा कर कहते हैं । जी0एस0टी0 एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं एवं सेवाओं दोनों पर लगता है । जी0एस0टी0 लागू होने से पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दील हो गया है । यह  01 जुलाई 2017 से सम्पूर्ण भारत में लागू है सम्पूर्ण भारत में वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री पर लगने वाले जी0एस0टी0 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी सामान का, “मूल्य” पूरे देश में एक जैसा होगा  अर्थात् देश के सभी नागरिकों को एक समान टैक्स चुकाना होगा चाहे वे देश के किसी भी कोने में हो ।

जी0एस0टी0 की आवश्यकता क्यों पड़ी ?

- Advertisement -

भारतीय संविधान में प्रत्यक्ष कर सम्बन्धी जो पुराने नियम थे उनमें वस्तुओं के उत्पादन और सेवाओं पर टैक्स लगाने का अधिकार केन्द्र सरकार को दिया गया है जबकि वस्तुओं की बिक्री पर टैक्स लगाने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया गया है । केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों ने अपने-अपने अनुसार टैक्स लगाने के नियम बनाए तथा श्रेणियां तय कर दी जिसके कारण एक ही सामान पर कई -कई टैक्स यहां तक कि टैक्स के ऊपर भी टैक्स लग गए । इन विसंगतियों को दूर करने के लिए जी0एस0टी0 को एक ऐसे एकीकृत कानून के रूप में लाया गया है जिससे माल तथा सेवा दोनों के उत्पादन  से लेकर बिक्री तक  कर लगाया जा सके ।

भारतीय संविधान में संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई जिसके कारण जी0एस0टी0 पारित होने में काफी लम्बा समय लग गया ।

- Advertisement -

जी0एस0टी0 लागू करने का उद्देश्य – सभी अप्रत्यक्ष करों को समाप्त कर पूरे देश में एक समान कर लगाना है ।

जी0एस0टी0 द्वारा कौन-कौन से टैक्स हटाए गए  ?

केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व में लगाए गए विभिन्न टैक्स- “केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, मेडिकल एवं टॉयलट सम्बन्धी निर्माण पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, सूती वस्त्र व सम्बन्धित उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, कस्टम ड्यूटी, विशेष महत्व की वस्तुओं पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, विशेष कस्टम ड्यूटी,  सर्विस टैक्स, सेस व सरचार्ज” तथा राज्य सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न कर, “वैट कर, खरीद कर, विलासिता कर, केन्द्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर,मनोरंजन कर,  विज्ञापन कर, लाटरी सट्टा व जुआ पर टैक्स, एवं उपकरण व अधिभार  कर” हटाकर पूरे देश में एक समान जी0एस0टी0 लागू किया गया ।

जी0एस0टी0 तीन प्रकार से लगता है सेन्ट्रल गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स(CGST),  स्टेट गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स(SGST),  इण्टीग्रेटेड गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स(IGST)।

यदि माल का लेन-देन एक ही राज्य के दो पक्षों के बीच हो रहा है तो सेन्ट्रल गुड्स एन्ड सर्विसेज टैक्स (CGST) केन्द्र सरकार को देना पड़ता है।

यदि माल का लेन – देन एक ही राज्य के दो पक्षों के बीच हो रहा हो तो स्टेट गुड एण्ड सर्विसेज टैक्स (SGST) राज्य सरकार को देना पड़ता है।

यदि माल का लेन-देन अलग अलग राज्य के दो पक्षों के बीच हो रहा है तो इन्टीग्रेटेड गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स (IGST) केन्द्र सरकार को देना पड़ता है ।

जी0एस0टी0 की दरें – विभिन्न वस्तुओं के लिए जी0एस0टी0 के कुल 05 स्लैब मन्जूर किए गए हैं । यह हैं –  शून्य, 5 %,  12 %,  18 % तथा 28% ।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

What is Solution In Science ?

विलयन क्या है ? यह दो या दो से अधिक पदार्थों का समांग मिश्रण है जो स्थायी एवं पारदर्शक होता है । विलेय कणों का...

अर्थशास्त्र (ECONOMICS)

अर्थशास्त्र (ECONOMICS) क्या है ? सामाजिक विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन, वितरण, विनिमय एवं उपभोग का अध्ययन किया जाता...

विशेषज्ञों की राय के मूल्यांकन के सम्बन्ध में माननीय न्यायालयों के विभिन्न निर्णय (Various Judgements of Hon,ble Courts in related valuation of Expert...

रुकमानन्द अजीत सारिया बनाम उषा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ए0 आई0 आर0 1991 एन0 ओ0 सी0 108 गुवाहाटी में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय...

शिक्षाशास्त्र (PEDAGOGY)

शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) क्या है ? शिक्षण कार्य की प्रक्रिया के भलीभांति अध्ययन को शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) या शिक्षण शास्त्र कहते हैं । इसके अन्तर्गत अध्यापन की...
Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes