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राज्य (State)

राज्य  का अर्थ, परिभाषा तथा तत्व

राज्य का अर्थ  

राज्य अंग्रेजी भाषा के State शब्द  का  हिन्दी रूपान्तर  है  जो लैटिन भाषा की Status शब्द से बना है जिसका अर्थ है दूसरों की तुलना में उच्च स्तर । राज्य शब्द का  सर्वप्रथम  प्रयोग  इटली  के  महान विद्वान  मैकियावली ने किया था । इस  प्रकार शाब्दिक अर्थ की दृष्टि  से राज्य  उस संगठन  का नाम है  जिसकी  स्थिति अन्य संगठनों या लोगों से उच्च हो ।

राज्य की परिभाषाः

राज्य उस संगठित इकाई को कहते हैं जो एक शासन (सरकार) के अधीन हो राज्य सम्प्रभुता सम्पन्न हो सकते हैं ।

किसी शासकीय इकाई या उसके किसी प्रभाग को भी राज्य कहते हैं, जैसे भारत के प्रदेशों को भी राज्य कहते हैं ।

गार्नर के अनुसार-  राज्य कुछ या अधिक लोगों का ऐसा समूह है जो स्थाई रूप से एक निश्चित भूभाग पर बसा है, बाह्य नियन्त्रण से पूर्णतया मुक्त हो, जिसकी अपनी एक संगठित सरकार हो जिसकी आज्ञा का पालन वहां के लोग स्वाभाविक रूप से करते हों ।

जीन बोंदा के अनुसारR;  राज्य परिवारों का एक संघ है जो किसी सर्वोच्च शक्ति तथा तर्क बुद्धि द्वारा शासित होता है ।

अरस्तू के अनुसार-  राज्य परिवारों तथा ग्रामीणों का एक ऐसा समुदाय है जिसका उद्देश्य पूर्ण तथा आत्मनिर्भर जीवन की प्राप्ति है

गिलक्रिस्ट के अनुसार- जहां कुछ लोग एक निश्चित भूभाग पर एक संगठित सरकार के अधीन है और सरकार के आन्तरिक मामलों में उनकी सम्प्रभुता को प्रकट करने के साधन हैं तथा बाहरी मामलों में अन्य सरकारों से पूर्णतया स्वतन्त्र हैं तो वह राज्य है ।

वुडरो विल्सन के अनुसार-   किसी निश्चित प्रदेश के भीतर कानून के लिए संगठित जनता को राज्य कहते हैं ।

गेटेल के अनुसार   राज्य उन व्यक्तियों का संगठन है जो स्थाई तौर पर निश्चित क्षेत्र में निवास करते हैं कानूनी दृष्टिकोण से विदेशी नियन्त्रण से स्वतंत्र हैं, उनकी अपनी संगठित सरकार है जो अपने अधिकार क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों और समूहों के लिए कानून बनाते हैं और उन्हें लागू करते हैं ।

उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि राज्य व्यक्तियों का ऐसा संगठित समूह है जो एक निश्चित भूभाग पर रहता है, जिसकी अपनी सरकार है जिसमें आन्तरिक एवं बाह्य सम्प्रभुता है ।

राज्य के आवश्यक तत्वः

राज्य के 4 आवश्यक तत्व है-  जनसंख्या, निश्चित क्षेत्र या भूभाग, सरकार तथा सम्प्रभुता ।

व्यक्तियों से मिलकर राज्य का निर्माण होता है अतः जनसंख्या राज्य का आवश्यक तत्व है । प्लेटो के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या 5040 तथा अरस्तु के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या लगभग 10,000 होनी चाहिए । एक निश्चित क्षेत्र या भूभाग के अभाव  में व्यक्तियों द्वारा व्यवस्थित जीवन व्यतीत नहीं किया जा सकता अतः एक निश्चित क्षेत्र या भूभाग राज्य का आवश्यक तत्व है जिसके अन्तर्गत जल, थल, वायु अर्थात नदियां,  सरोवर,  खनिज पदार्थ, समुद्र तथा वायुमण्डल आदि आते हैं । व्यक्तियों के जीवन को कुछ नियमों द्वारा नियमित करने के लिए सरकार आवश्यक साधन है अतः सरकार राज्य का अभिन्न अंग है । राज्य की सम्प्रभुता से तात्पर्य राज्य आन्तरिक रूप से उत्तम हो तथा बाहरी नियन्त्रण से पूरी तरह मुक्त हो ।

. राज्य शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया था?

इटली के महान विद्वान मैकियावली।

. राज्य के कितने आवश्यक तत्व हैं?

राज्य के 4 आवश्यक तत्व है-  जनसंख्या, निश्चित क्षेत्र या भूभाग, सरकार तथा सम्प्रभुता ।

. प्लेटो कौन था?

एक दार्शनिक।

. प्लेटो के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या कितनी होनी चाहिए?

प्लेटो के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या 5,040 होनी चाहिए

. अरस्तू के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या कितनी होनी चाहिए?

अरस्तू के अनुसार एक आदर्श राज्य की जनसंख्या 10,0000 होनी चाहिए

 

 

 

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