Friday, September 18, 2020
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नागरिकता संशोधन कानून (C.A.A.)- 2019 क्या है ?

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नागरिकता संशोधन कानून(C.A.A.)-2019 को अंग्रेजी में Citizenship Amendment Act- 2019 कहा जाता है जिसका संक्षिप्त नाम C.A.A.- 2019 है । नागरिकता संशोधन विधेयक (C.A.B.)- 2019 भारतीय संसद में 11 दिसम्बर 2019 को पारित हुआ जिसके पक्ष में 125 तथा विपक्ष में 105 मत पड़े । 12 दिसम्बर 2019 को भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द द्वारा उक्त विधेयक को मन्जूरी दे दी गई । यह विधेयक संसद में पास होने से पहले Citizenship

Amendment Bill (C.A.B.) था । संसद में पास होकर भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द द्वारा मन्जूरी दिये जाने के बाद  उक्त विधेयक नागरिकता संशोधन कानून – 2019 बन गया । इसे सम्पूर्ण भारत  में लागू किया गया है । नागरिकता संशोधन कानून 2019 वह कानून है जिसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर भारत आए गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान किया गया है । भारत की नागरिकता लेकर पूर्व से भारत में रह रहे मुस्लिमों तथा अन्य किसी समुदाय के लोगों की नागरिकता को इस कानून से कोई खतरा नहीं है । इस कानून का किसी भी भारतीय नागरिक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ।

नागरिकता संशोधन कानून–  2019 में किस- किस धर्म के लोग सम्मिलित हैं ?

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पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर भारत आए 06 गैर मुस्लिम समुदायों (अल्पसंख्यक) हिन्दू, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा पारसी धर्म के वे लोग   सम्मिलित हैं जो 31 दिसम्बर 2014 को या  इससे पूर्व भारत में प्रवेश कर गये हों तथा भारत में बतौर अवैध अप्रवासी निवास कर रहे हों ।

क्या भारतीय नागरिकों पर नागरिकता संशोधन कानून-2019 का कोई प्रभाव पडेगा या नही ?

भारत की नागरिकता लेकर पूर्व से भारत में रह रहे भारतीय नागरिक चाहे वे मुसलमान हों या अन्य किसी भी धर्म के हों, की नागरिकता पर नागरिकता संशोधन कानून- 2019 का कोई प्रभावनही पडेगा ।

नागरिकता संशोधन कानून-2019 के अनुसार किन्हें भारतीय नागरिकता दी जा सकती है ?

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पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर 31 दिसम्बर 2014 को या इससे पूर्व भारत आ कर बतौर अवैध अप्रवासी रह रहे अल्पसंख्यक (06 गैर मुस्लिम समुदायों हिन्दू, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा पारसी धर्म के लोगों ) को नागरिकता संशोधन कानून- 2019 के अन्तर्गत भारत की नागरिकता हासिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है । ये अवैध अप्रवासी लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के तहत भारत की नागरिकता पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं, भारत सरकार द्वारा इन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी ।

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