राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (N.R.C.) क्या है ?

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N.R.C. क्या है ?

N.R.C. का पूरा नाम National Register of Citizen है जिसका  हिन्दी रूपान्तर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर है  । N.R.C. भारत की जनगणना के दौरान 1951 में तैयार किया गया भारतीय नागरिकों का एक रजिस्टर है  जिसमें उन सभी व्यक्तियों का भी विवरण अंकित है जो बांग्लादेश बनने के पहले (24 मार्च 1971 के पहले) भारत आए हैं केवल उन्हें ही भारत का नागरिक माना जाएगा । बांग्लादेश बनने के बाद बांग्लादेश से भारत आने वाले नागरिकों को भारत  का नागरिक नहीं माना गया है।

असम भारत का ऐसा प्रथम राज्य है जिसके पास राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर है जिसमें उन सब भारतीय नागरिकों के नाम है जो असम के वास्तविक नागरिक हैं । 1951ई0 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर सबसे पहले 1951ई0 में असम राज्य के लिए बनाया गया था । 1979 ई0 में अखिल असम छात्र संघ द्वारा अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से निकालने की मांग करते हुए आन्दोलन चलाया गया  जो 15 अगस्त 1985 को असम समझौते के साथ समाप्त  हुआ । अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक अलग न्यायाधिकरण प्रक्रिया बनाने हेतु  1983 ई0 में भारतीय संसद द्वारा अवैध अप्रवासी अधिनियम पारित किया गया था जिसे भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2005 ई0 में असंवैधानिक माना गया, जिसके बाद भारत सरकार ने असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को अद्यतन करने पर सहमति व्यक्ति किया ।  एक दशक में अद्यतन प्रक्रिया पर असन्तोषजनक प्रगति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2013 ई0 में प्रक्रिया का निर्देशन किया एवं उस पर निगरानी शुरू की । असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती जनसंख्या को देखते  हुए नागरिक सत्यापन की प्रक्रिया दिसम्बर 2012 ई0 में की गई । मई 2015 ई0 में असम राज्य के लिए आवेदन आमन्त्रित किए गए थे । 31 दिसम्बर 2017 ई0 को असम सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया जिसमें भारतीय नागरिक के रूप में मान्यता प्रदान किए जाने हेतु कुल प्राप्त 3.29 करोड आवेदनों में से 1.9 करोड लोगों को वैध भारतीय नागरिक माना गया है एवं शेष आवेदनों की विभिन्न स्तरों पर जांच जारी थी । असम के लिए अन्तिम अद्यतित एन0आर0सी0 31 अगस्त 2019 ई0 को प्रकाशित हुई जिसमें 3.29 करोड़ में से 3.1 करोड़ के नाम थे, शेष आवेदक शामिल नही थे।

फिलहाल अवैध बांग्लादेशियों को भारत से निकालने के लिए एन0आर0सी0 सबसे पहले असम में लागू किया गया है । संसद के अगले सत्र में इसे पूरे देश में लागू करने का बिल लाया जा सकता है।

एन0आर0सी0 का उद्देश्य एन0आर0सी0 (नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजन) बिल का मुख्य उद्देश्य भारत में अवैध रूप से रह रहे  घुसपैठियों को भारत से बाहर निकालना है।

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एन0आर0सी0 का भारत के नागरिकों पर  प्रभाव  –  एन0आर0सी0 का भारत के किसी धर्म के नागरिकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नही पडेगा।

एन0आर0सी0 में शामिल होने के लिए क्या-क्या आवश्यक है  ?

एन0 आर0 सी0 के तहत भारत का नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि वह स्वयं या उसके पूर्वज् 24 मार्च 1971 ई0 से पहले भारत आकर बस गए थे।

एन0आर0सी0 के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं  ?

भारत का वैध नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति के पास रिफ्यूजी रजिस्ट्रेशन, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, एल0आई0सी0 पॉलिसी, नागरिकता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट तथा  सरकार  द्वारा निर्गत लाइसेन्स में से कोई एक अवश्य होना चाहिए।

एन0आर0सी0 में न शामिल होने वाले लोगों का क्या होगा  ?

जो व्यक्ति स्वयं को भारत का वैध नागरिक साबित नही कर पाते हैं उन्हें डिटेन्शन सेन्टर लाकर सरकार उन देशों से सम्पर्क करेगी जहां का वे नागरिक हैं, यदि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को दूसरे देशों की सरकार मान लेती है तो ऐसे अवैध प्रवासी व्यक्तियों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।

C.A.B,  C.A.A  तथा N.R.C. में अन्तर 

(1)  सिटिजनशिप अमेण्डमेन्ट बिल (NRC) दिनांक 11 दिसम्बर 2019 को संसद में पास होने तथा दिनांक 12 दिसम्बर 2019 को राष्ट्रपति की मन्जूरी मिलने के बाद सिटिजनशिप अमेण्डमेन्ट एक्ट (CAA) 2019 बन चुका है । इस कानून के प्रावधानों के तहत भारत के 03 पड़ोसी देशों  पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान के उन धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया में ढील दी गई है जिन्होंने भारत में शरण ले रखी है जबकि एन0आर0सी0 नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर है जो भारत से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के उद्देश्य से एक प्रक्रिया है जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अभी हाल ही में भारत के असम राज्य में पूरी हुई है।

(2)  सी0ए0ए0 का उद्देश्य भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान से 31 दिसम्बर 2014 को या इसके पूर्व भारत आकर बसे अल्पसंख्यक समुदाय  के हिन्दू, सिक्ख, ईसाई, जैन, बौद्ध तथा पारसी धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करना है जबकि एन0आर0सी0 का उद्देश्य बांग्लादेश के गठन के उपरान्त भारत आकर बसे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत से बाहर निकालना है।

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