Saturday, September 19, 2020
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भारत का इतिहास (History of India)

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हमारे देश का नाम भारत ऋषभदेव के पुत्र महाराज भरत जो कि चक्रवर्ती सम्राट थे, के नाम पर भारतवर्ष रखा गया। भारतवर्ष से ही इसका नाम बदल कर भारत रखा गया। हमारे देश के 03  नाम हैं- भारत,  इण्डिया,  हिन्दुस्तान ।

क्या आप जानते हैं कि भारत का नाम हिन्दुस्तान कैसे पड़ा ?

आइए हम आप को बताते हैं कि हमारे देश भारत का नाम हिन्दुस्तान कैसे पड़ा। हमारे देश भारत में हिन्दुओं की संख्या अधिक होने के कारण हमारे देश को हिन्दुओं का देश कहा गया जिसके आधार पर हमारे देश भारत का नाम हिन्दुस्तान पड़ा।

क्या आप जानते हैं कि हमारे देश भारत का नाम इण्डिया कैसे पड़ा  ?
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सिन्धु नदी  का दूसरा नाम, “इण्डस वैली” था जिसके आधार पर भारत को इण्डिया कहा गया।

हमारे देश का प्राचीनतम नाम भारतवर्ष  ह । भारत गणराज्य को हिन्द कहा जाता है। भारत का इतिहास कई हजार वर्ष पुराना है जिसकी पुष्टि मेहरगढ़ नामक महत्वपूर्ण स्थान से होती है। जहां पर 7000 ईसा पूर्व से 3300 ई0 पू0 के बहुत पुराने अवशेष मिले हैं। विभिन्न युगों में विश्व में आततायी/आसुरी शक्तियों द्वारा धर्म का विनाश कर अधर्म का साम्राज्य स्थापित लिए जाने पर आततायी/आसुरी शक्तियों का संहार कर धर्म की स्थापना हेतु  भारत में तमाम ऋषि-मुनियों एवं देवी- देवताओं ने जन्म/अवतार लिया जिसके कारण इसे देव भूमि भी कहा जाता है। भारत में मानव का सबसे पहला प्रमाण केरल से मिला है जो 70000 साल पुराना होने  की संभावना है। भारतीय इतिहास तीन भागों में बांटा गया हैः

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  • प्राचीन इतिहास ।
  • मध्यकालीन इतिहास ।
  • आधुनिक इतिहास
प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतः   

प्राचीन भारतीय इतिहास के निम्नांकित स्रोत हैंः

  • साहित्यिक साक्ष्य।
  • विदेशी यात्रियों का विवरण।
  • पुरातत्व सम्बन्धी साक्ष्य।

साहित्यिक साक्ष्य को दो भागों में बांटा गया हैः

  • धार्मिक साक्ष्य।
  • लौकिक साक्ष्य।

प्राचीन भारतीय इतिहास के अन्तर्गत पाषाण युग (70,000 ई0 पू0 से 33,00 ई0 पू0 तक), मेहरगढ़ संस्कृति (7000 ई0 पू0 से 33 ई0 पू0 तक), सिन्धु घाटी सभ्यता (3,300 ई0 पू0  से 1,750 ई0 पू0 तक), हड़प्पा संस्कृति (1,700 ई0 पू0 से 1,300 ई0 पू0 तक), वैदिक काल (1500 ई0 पू0 से 1000 ई0 पू0 तक), उत्तर वैदिक काल (1000 ई0 पू0 से 600 ई0 पू0 तक), महाजनपद (700 ई0 पू0 से 300 ई0 पू0 तक), मगध साम्राज्य (540 ई0 पू0 से 320 ई0 पू0 तक), सातवाहन साम्राज्य (230 ई0 पू0 से 199 ई0पू0), मौर्य वंश (322 ई0 पू0 से 184 ई0 पू0 तक), शुंग वंश (184 ई0 पू0 से 75 ई0 पू0 तक), शक साम्राज्य (123 ई0 पू0 से 200 ई0 पू0), कुषाण साम्राज्य (60 ई0 पू0 से 240 ई0 तक), गुप्त वंश (319 ई0 से 467  ई0 तक), वेद, वेदांग,उपनिषद, पुराण, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, हर्यक वंश, नन्द वंश आदि का अध्ययन किया जाता है।

वेद 04 हैं- ऋगवेद, सामवेद, यजुर्वेद तथा अथर्ववेद । ऋगवेद तथा सामवेद ऋचाओं का संग्रह है  यजुर्वेद में यागानुष्ठान के लिए विनियोग वाक्यों का समावेश है तथा अथर्ववेद “तन्त्र- मन्त्र का संग्रह” है । सबसे पुराना वेद ऋगवेद है।

उपनिषदों की कुल संख्या 108 है। भारत का आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” मुण्डकोपनिषद से लिया गया है।

मध्यकालीन भारतीय इतिहास के अन्तर्गत गुलाम वंश (1206 ई0 से 1290 ई0 तक)),  खिलजी वंश (1290 ई0 से 1320 ई0 तक), तुगलक वंश (1320 ई0 से 1414 ई0 तक), सैयद वंश (1414 ई0 से 1451ई0), लोदी वंश (1451 ई0 से 1526 ई0 तक), मुगल वंश (1526 ई0 से 1857 ई0 तक),  सूरी वंश (1540 ई0 से 1555 ई0 तक), दक्कन सल्तनत (1490 ई0 से 1596 ई0 तक), बहमनी वंश (1358 ई0 से 1518 ई0 तक), राष्ट्रकूट वंश (736 ई0 से 973 ई0 तक), होयसल साम्राज्य (1040 ई0 से 1346 ई0 तक), ककातिया साम्राज्य (1083 ई0 से 1323 ई0 तक), विजयनगर साम्राज्य (1326 ई0 से 1565 ई0 तक) का अध्ययन किया जाता है।

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आधुनिक भारत (1762 ई0 से 1947 ई0 तक) के इतिहास के अन्तर्गत मराठा साम्राज्य (1674 ई0 से 1818 ई0 तक), सिक्ख राज्य संघ (1716 ई0 से 1849 ई0 तक), औपनिवेश काल (1760 ई0 से 1947 ई0 तक), बंगाल के गवर्नर जनरल, भारत के गवर्नर जनरल ,1857 ई0 के विद्रोह, भारत के वायसराय, असहयोग आन्दोलन,  अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन, होमरूल लीग आन्दोलन, अन्य राष्ट्रीय आन्दोलन,  कैबिनेट मिशन,  माउण्टबेटन योजना आदि का अध्ययन किया जाता है।

भारत में मानव का सबसे पहला प्रमाण कब तथा कहां पर मिला है ?

भारत में मानव का सबसे पहला प्रमाण केरल से मिला है जिसके करीब सत्तर हजार साल पुराना होने की संभावना है। उस समय पत्थर के उपकरण प्रयोग में लाए जाते थे।

सबसे पुरानी सभ्यता कौन सी है ?

सिन्धु सभ्यता।

प्राचीन भारतीय इतिहास जानने के कौन से श्रोत हैं ?

साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों का विवरण तथा पुरातत्व सम्बन्धी साक्ष्य।

ब्राम्हण ग्रन्थ कौन कौन हैं ?

वेद, उपनिषद, महाकाव्य, रामायण, महाभारत, पुराण तथा स्मृति ग्रंन् ।

ब्राम्हणेत्तर ग्रन्ध कौन-कौन हैं ?

जैन तथा बौध्द ग्रन्थ।

ब्राम्हण धर्म ग्रन्थ किसे कहा जाता है ?

वैदिक ग्रन्थ को।

वेद शब्द का क्या अर्थ है ?

वेद शब्द का अर्थ “ज्ञान” अर्थात् “महतज्ञान” यानी “पवित्र एवं आध्यात्मिक ज्ञान” है। वेद शब्द संस्कृत भाषा के “विद” धातु से बना है जिसका अर्थ है “जानना”।

वेदों के संकलनकर्ता कौन थे ?

कृष्ण द्वैपायन।

वेदांग क्या है ?

जिसके माध्यम से किसी वस्तु के स्वरूप को समझनें में सहायता मिले उसे वेदांग कहते हैं। वेदांग वेदों को अच्छी तरह समझनें में सहायक होते हैं।

वेदांगों की संख्या 06 है- शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द तथा ज्योतिष।

पुराण क्या हैं ?

प्राचीन आख्यानों से युक्त ग्रन्थ को पुराण कहते हैं। पुराणों की संख्या 18 है। पुराणों के 05 लक्षण हैं-सर्प, प्रतिसर्ग, वंश, मन्वन्तर तथा वंशानुचरित।

त्रिपिटक क्या है ?

बौध्द साहित्य को त्रिपिटक कहते हैं। त्रिपिटक 03 हैं- सुत्तपिटक, विनयपिटक तथा अभिधम्मपिटक।

आगम क्या है ?

जैन साहित्य को आगम कहा जाता है। आगम की संख्या 12 है।

सबसे अधिक वृहद् महाकाव्य कौन है ?

सबसे अधिक वृहद महाकाव्य महाभारत है जो रामायण से भी बड़ा है। महाभारत का पुराना नाम जय संहिता (विजय सम्बन्धी ग्रन्थ) है।

सबसे प्राचीनतम पुरातात्विक अभिलेख कहां से मिले हैं ?

मध्य एशिया के बोगजकोई नामक स्थान में 1400 ई0 पू0 में पाये गये हैं ।

 

 

 

 

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