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प्रत्यावर्ती विद्युत धारा (Alternating Current)

प्रत्यावर्ती विद्युत धारा (Alternating Current)

वह विद्युत धारा जिसमें विद्युत धारा का परिमाण व दिशा दोनों समय के साथ बदलते रहते हैं, प्रत्यावर्ती विद्युत धारा (Alternating Current) कहलाती है जिसे A.C. से प्रदर्शित करते हैं। इस प्रकार की विद्युत धारा में धारा का परिमाण अर्थात् मात्रा तथा दिशा समय-समय पर बदलती रहती है। पावरहाउस से विद्युत तारों के माध्यम से घरों में आने वाली विद्युत धारा इसी प्रकार की विद्युत धारा है। प्रत्यावर्ती धारा का औसत मान शून्य होता है। प्रत्यावर्ती विद्युत धारा की आवृत्ति 50 हर्टज होती है।

प्रत्यावर्ती धारा से सम्बन्धित महत्वपूर्ण परिभाषाए (Important definition related to alternating current)

प्रत्यावर्ती विद्युत वाहक बल (Alternating electric carrying force )

इस प्रकार के विद्युत वाहक बल में समय के साथ विद्युत वाहक बल की मात्रा यानी परिमाण तथा दिशा दोनों ही बदलते रहते हैं और एक नियत समय के पश्चात फिर से उसी परिमाम से उसी दिशा में प्रवाहित होने लगता है।

प्रत्यावर्ती धारा का आवर्तकाल (Alternating Current period)

वह समय सीमा जिसके भीतर प्रत्यावर्ती धारा अपना एक चक्र पूर्ण कर लेती है, प्रत्यावर्ती धारा का आवर्तकाल कहलाता है। प्रत्यावर्ती धारा के आवर्तकाल का मान चुम्बकीय क्षेत्र के चारों तरफ घूर्णन यानी चक्कर लगाने वाली कुण्डली के आवर्तकाल के बराबर होता है। प्रत्यावर्ती धारा के आवर्तकाल को T से प्रदर्शित करते हैं।

T = 2 n / w  (जहां T =  प्रत्यावर्ती धारा का आवर्तकाल तथा w =  कुण्ड़ली के घूर्णन का कोणीय वेग)

प्रत्यावर्ती धारा का आयाम (Alternating Current amplitude)

प्रत्यावर्ती धारा का अधिकतम मान प्रत्यावर्ती धारा का आयाम कहलाता है। प्रत्यावर्ती धारा के आयाम को i0  से व्यक्त किया जाता है।

प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति (Alternating Current frequency)

कोई प्रत्यावर्ती धारा एक सेकेण्ड में जितने  चक्र पूरा कर लेती है, उसे प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति कहा जाता है। चुम्बकीय क्षेत्र में घूमने वाली कुण्डली की आवृत्ति तथा प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति का मान एक दूसरे का बराबर होता है। प्रत्यावर्ती धारा को f  से प्रदर्शित किया जाता है। प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति का मात्रक हर्टज है।

अर्थात् प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति =  चुम्बकीय क्षेत्र में घूमने वाली कुण्डली की आवृत्ति।

F = 1 / T  (जहां पर  T =  प्रत्यावर्ती धारा का आवर्तकाल तथा f  = प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति)

प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान (Root mean square value of alternating current)

प्रत्यावर्ती धारा द्वारा एक चक्र पूर्ण करने के लिए प्रत्यावर्ती धारा के वर्ग के औसत मान का वर्गमूल ही प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान (Root mean square value of alternating current) कहलाता है। प्रत्यावर्ती धारा का वर्ग माध्य मूल मान (Root mean square value of alternating current) को irms से प्रदर्शित किया जाता है।

प्रत्यावर्ती धारा के उपयोग (Uses of alternating current)

प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग पंखा, कूलर, टेलीविजन, प्रेस, टुल्लू पम्प, समरसेबिल, ट्यूबवेल, बल्ब, एल0 ई0 डी0, जूसर, इडक्शम कुकर, कारखानों आदि में किया जाता है।

प्रत्यावर्ती धारा के लाभ (Benefits of alternating current )

प्रत्यावर्ती धारा सस्ती होती है। बिना किसी रुकावट के दूर-दूर तक सप्लाई की जी सकती है। आसानी से दिष्ट धारा में परिवर्तित की जा सकती है। ट्रान्सफार्मर की मदद से कम या अधिक की जा सकती है।

प्रत्यावर्ती धारा तथा दिष्ट धारा में अन्तर (Difference between alternating current and direct current)

  1. दिष्ट धारा (direct current) का मान तथा दिशा समय के साथ नही बदलता यानी स्थिर रहता है जब कि प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) का मान तथा दिशा समय के साथ बदलती रहती है।
  2. प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) अल्टीनेटर से उत्पन्न की जाती है जबकि दिष्ट धारा (direct current) जनरेटर या डायनेमो से उत्पन्न की जाती है।
  3. दिष्ट धारा (direct current) का उपयोग बैट्री, बेल्डिंग आदि में किया जाता है जबकि प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) का उपयोग कूलर, बल्ब, एल0 ई0 डी0. ट्यूबलाइट, ए0 सी0, पंखा, टेलीविजन आदि में किया जाता है।
  4. प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) को दिष्ट धारा (direct current) में डायोड के माध्यम से परिवर्तित किया जाता है जब कि दिष्ट धारा(direct current) को प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) में इन्वर्टर के माध्यम से परिवर्तित किया जाता है।
  5. दिष्ट धारा (direct current) का उत्पादन मात्र 650 वोल्ट तक ही किया जा सकता है, इससे अधिक नही किया जा सकता है जबकि प्रत्यावर्ती धारा(Alternating Current) 33000 वोल्ट तक उत्पादित की जा सकती है।
  6. दिष्ट धारा (direct current) से कारखाने नही चलाये जा सकते जबकि प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) से बड़ा से बड़ा कोई भी कारखाना चलाया जा सकता है। इस प्रकार प्रत्यावर्ती धारा दिष्ट धारा की अपेक्षा काफी प्रबल होती है।

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