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परमाणु (Atom)

परमाणु (Atom)

परमाणु किसी तत्वया पदार्थ का वह छोटा से छोटा कण है जो कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है परन्तु स्वतन्त्र अवस्था में नही रह सकता है। परमाणु कतिसी भी तत्व या पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है जिसमें उस तत्व के गुण-धर्म मौजूद रहते हैं।  प्रत्येक परमाणु नाभिक से बना होता है जिसमें परमाणु का लगभाग 99.94 प्रतिशत द्रव्यमान निहित होता है।

परमाणु तीन कणों इलेक्ट्रान, प्रोटान तथा न्यूट्रॉन से मिलकर बना हैः इलेक्ट्रान की खोज जे0 जे0 थॉमसन ने किया था। प्रोटॉन की खोज गोल्डस्टीन ने किया था। न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने  किया था।

परमाणु की कक्षा में इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटान घूमते रहते  हैं एवं नाभिक में न्यूट्रॉन स्थिर रहता है।

इलेक्ट्रॉन पर  ऋणावेश -1,  प्रोटान पर धनावेश +1 होता है तथा न्यूट्रॉन उदासीन होता है अर्थात् इस पर कोई आवेश नही होता है। इलेक्ट्रान तथा प्रोट्रान आकर्षण बल द्रारा एक दूसरे को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं जिसके काऱण वे कक्षा में बने रहते हैं।

इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1095× 1028 ग्राम ( 0.0005486 a.m.u.) , प्रोटॉन का द्रव्यमान 1.6726 × 1024 ग्राम ( 1.0073335 a.m.u.)  तथा न्यूट्रॉन का द्रव्यमान 1.6749 × 1024 ग्राम ( 1.008724 a.m.u.)  होता है।

परमाणु भार (Atomic weight)

किसी भी तत्व का परमाणु भार वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करता है कि तत्व का एक परमाणु कार्बन-12 के परमाणु के 1/12 भाग द्रव्यमान या हाइट्रोजन के 1.008 भाग द्रव्यमान से कितना गुना भारी है।

परमाणु क्रमांक (Atomic number)

किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोट्रानों की संख्या को परमाणु क्रमांक कहते हैं।

द्रव्यमान संख्या (Mass number)

किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोट्रानों तथा न्यूट्रानों का संख्या के योग को उस परमाणु की द्रव्यमान संख्या

कहते है।

अणु  (Molecules)

किसी तत्व या यौगिक का वह छोटा से छोटा कण जो स्वतन्त्र अवस्था में रह सकता है अणु कहलाता है  ।

अणु भार (Molecules weight)

 किसी पदार्थ का अणुभार वह संख्या है जो यह प्रदर्शित करती है कि उस पदार्थ का एक अणु कार्बन-12 के एक परमाणु के 1/12 भाग से कितना गुना भारी है  ।

मोल (Mole)

एक मोल किसी भी निश्चित सूत्र वाले पदार्थ की वह राशि है जिसमें इस पदार्थ के इकाई सूत्र की संख्या उतनी ही है, जितनी शुध्द कार्बन-12 आइसोटोप की ठीक 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या है।

01 मोल  =  6.022  × 1023 परमाणु

क्वाण्टम संख्या के प्रकार

क्वाण्टम संख्या निम्नांकित 04 प्रकार की होती हैः मुख्य क्वाण्टम संख्या।, दिगंशी क्वाण्टम संख्या, चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या तथा चक्रण क्वाण्टम संख्या।

मुख्य क्वाण्टम संख्या इलेक्ट्रान के मुख्य ऊर्जा स्तर को प्रदर्शित करती है। इसे n  से प्रदर्शित किया जाता है।

दिगंशी क्वाण्टम संख्या इलेक्ट्रान कक्ष की प्रकृति को प्रकट करती है। इसे Lसे प्रदर्शित करते हैं। इसका न्यूनतम मान शून्य तथा अधिकतम मान (n-1) होता है।

चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या उप ऊर्जा स्तरों के कक्षकों को प्रदरशित करती है। इसे m  से प्रदर्शित किया जाता है। किसी दिगंशी क्वाण्टम संख्या के लिए चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या का मान + L से लेकर -L तक होता है।

चक्रण क्वाण्टम संख्या इलेक्ट्रान के चक्रण की दिशा प्रदर्शित करती है । इसे  s से प्रदर्शित किया जाता है । किसी चुम्बकीय क्वाण्टम संख्या के लिए चक्रण क्वाण्टम संख्या का मान +1/2 एवं -1/2 होता है ।

समस्थानिक ( Isotops )

समान परमाणु क्रमांक परन्तु भिन्न परमाणु द्रव्यमानों के परमाणुओं को समस्थानिक कहते हैं। समस्थानिक में प्रोट्रानों की संख्या समान होती है परन्तु न्यूट्रान की संख्या अलग-अलग होती है। जैसे- 1H1 , 1Hतथा  1H3  हाइड्रोजन के समस्थानिक हैं। पोलोनियम के सबसे अधिक समस्थानिक हैं ।

समभारिक ( Isobar)

समान परमाणु द्रव्यमान तथा अलग-अलग परमाणु क्रमांक के परमाणुओं को समभारिक कहते हैं। जैसे-  18Ar40 ,    19Kr40   तथा  20Ca40  समभारिक हैं।

समन्यूट्रानिक ( Isotone)

जिन परमाणुओं में न्यूट्रानों का संख्या समान होती है उसे समन्यूट्रानिक (Isotone) कहते हैं। जैसे-  1H3 तथा 2He4 दोनों के परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या दो-दो है। इसलिए ये समन्यूट्रानिक (Isotone) हैं।

समइलेक्ट्रानिक ( Isoelectronic)

जिन आयनों तथा परमाणुओं के इलेक्ट्रनिक विन्यास समान होते हैं उन्हें समइलेक्ट्रानिक कहते हैं। इसमें इलेक्ट्रानों की संख्या समान होती है । जैसे-  Ne, Na+, Mg++ तथा Al+++  समइलेक्ट्रानिक हैं।

पाउली का अपवर्जन नियम ( Pauli,s Exclusion Principle)

इस नियम के अनुसार एक दिए गये परमाणु में  किन्ही दो इलेक्ट्रानों के लिए चारों क्वाण्टम संख्याओं का मान समान नही हो सकता है ।

हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम ( Hund rule of maximum multiplicity)

इस नियम के अनुसार इलेक्ट्रान तब तक युग्मित नही होते जब तक कि रिक्त कक्षक प्राप्त हैं।

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