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जीव विज्ञान (Biology)

जीव वि है?

What is biology?

जीव वि अंग्रेजी भाषा के शब्द Biology का हिन्दी रुपान्तर है। Biology शब्द 2 शब्दों Bio तथा Logos से बना है  ।  Bio का अर्थ “जीवन” तथा Logos का अर्थ “अध्ययन” है। इस प्रकार Biology का अर्थ “जीवन का अध्ययन” है। अर्थात् जीव विज्ञान “जीवन का अध्ययन” है। जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम फ्रांसीसी वैज्ञानिक लैमार्क तथा जर्मन वैज्ञानिक ट्रेविनेरिस ने सन् 1801 ई0 में किया था। जीव विज्ञान के अन्तर्गत समस्त जीवधारियों की उत्पत्ति, संरचना, क्रिया कलाप तथा विकास का अध्ययन किया जाता है। दार्शनिक अरस्तू को जीव विज्ञान तथा जन्तु विज्ञान का जनक कहा जाता है। हिप्पोक्रेट्स ने रोगों पर सर्वप्रथम लेख लिखा, इसलिए इन्हें चिकित्साशास्त्र का जनक कहा जाता है। मानव शरीर की सबसे छोटी इकाई कोशिका है।

जीव विज्ञान का इतिहास, क्रमिक विकास एवं महत्वपूर्ण खोजें (History of Biology, evolution and important discoveries)

प्रसिध्द जीव वि / सौन्दर्य चिकित्सक सुश्रुत नें 700 ई0 पू0 में सुश्रुत संहिता की रचना की जिसमें विभिन्न शल्य प्रक्रियाओं तथा उपकरणों को वर्णित किया है। दूसरे प्रसिध्द जीव विज्ञानी अरस्तू ने 350 ई0 पू0 में जीवधारियों का वर्णन किया। आगे चलकर 300 ई0 पू0 में जीव वैज्ञानिक थियोफ्रेस्टस ने जीव विज्ञान की शाखा वनस्पति विज्ञान का वृहद अध्ययन किया।1628 ई0 में विलियम हार्वे ने र्कत परिसंचरण की खोज कर डाला। 1665 ई0 में जीव वैज्ञानिक रावर्ट हुक ने जीव के शरीर की सबसे छोटी इकाई कोशिका की खोज किया। वर्ष 1771 ई0 में जीव विज्ञानी प्रिस्टले ने वनस्पति जगत में एक अत्यन्त महत्वपूर्ण खोज किया कि पौधे कार्बन डाईआक्साइड को आक्सीजन में बदल देते है। वर्ष 1809 ई0 में डी लैमार्क ने अकशेरुक प्राणियों का वर्गीकरण किया। वर्ष 1828 ई0 में जीव विज्ञानी फ्रेडरिक वुहलर ने यूरिया का संश्लेषण किया। वर्ष 1858 ई0 में डार्विन तथा अल्फ्रेड वैलेस नें प्राकृतिक टयन का सिध्दान्त प्रस्तुत किया। वर्ष 1865 ई0 में प्रसिध्द जीव वैज्ञानिक ग्रेगर जान मेण्डल नें मटर के पौधे पर अनुवांशिकता का प्रयोग करते हुए आनुवांशिकता को जन्म दिया। आगे चल कर जीव विज्ञानी जगदीश चन्द्र वसु नें केस्कोग्राफ यन्त्र (पौधों की वृध्दि मापक यन्त्र) का आविष्कार किया। 19 ई0 में प्रसिध्द वैज्ञानिक फंक ने विटामिन की खोज किया। वर्ष1953 ई0 में जेम्स वाटसन तथा क्रिक ने डी0 एन0 ए0 का माडल प्रस्तुत किया। प्रसिध्द वैज्ञानिक राबर्ट वुडवर्ड नें वर्ष 1960 ई0 में पर्णहरित का संश्लेषण किया। आगे चल कर प्रसिध्द जीव वैज्ञानिक जांन गर्डन ने मेढक का क्लोन बनाया।

जीवों की मौलिक क्रियाए (Fundamental action of organisms)

पोंषण, श्वसन, संवेदनशीलता तथा प्रजनन समस्त प्राणियो की मुख्य मौलिक क्रियाएं है।

सभी जीव कुछ विशिष्ट पदार्थों का सेवन करके ऊर्जा प्राप्त करते हैं जिससे उनके शरीर का पोंषण होता है तथा जीवन चलता है।

श्वसन किसी भी जीव की मुख्य मौलिक क्रिया है जिसके द्वारा प्राणी गैसों का परिवहन सम्पूर्ण शरीर में करता है।

सभी प्रकार के प्राणियों में संवेदनशालता पायी जाती है।

प्रजनन के माध्यम से प्राणी अपने समान गुण वाले नये प्राणियों को जन्म देते हैं।

जीवधारियों का विभाजन (Division of organisms)

अरस्तू ने समस्त जीवधारियों को दो भागों में विभाजित कियाः 1. जन्तु जगत तथा 2. वनस्पति जगत।

कैरोलस लीनियस ने भी अपनी पुस्तक “सिस्टम नेचर” (System Nature) में समस्त जीव धारियों को दो भागों जन्तु जगत तथा वनस्पति जगत में विभाजित किया है। कैरोलस लीनियस की वर्गीकरण प्रणाली से ही आधुनिक वर्गीकरण प्रणाली की नीव पड़ी, इसलिए इन्हें आधुनिक वर्गीकरण का पिता या जन्मदाता कहा जाता है।

आर0एच0 ह्विटकर ने  समस्त जीवधारियों को पांच भागों में विभाजित किया हैः

  1. मोनेरः इसके अन्तर्गत सभी प्रोकैरियोटिक जीव होते हैं। जैसे- जीवाणु, नील हरित शैवाल,सायनोबैक्टीरिया,आर्की बैक्टीरिया, तन्तुमय जीवाणु आदि।
  2. प्रोटिस्टः ये एक कोशिकीय जीव होते हैं । इसके अन्तर्गत सामान्यतया प्रोटोजोआ आते हैं। जैसे- अमीबा, पैरामीशियम आद ।
  3. कवकः ये यूकैरियोटिक तथा परपोषित होते हैं परन्तु इनमें पर्ण हरित नहीं पाए जाता जिसके कारण इनमें प्रकाश संश्लेषण नहीं होता। इनमें अवशोषण द्वारा पोषण होता है। ये परजीवी या मृतोपजीवी होते हैं।
  4. प्लाण्टी (पादप) ये बहुकोशिकीय पौधे होते हैं जिनमें प्रकाश संश्लेषण होता है। जैसे- सभी पेड़ पौधे।
  5. एनिमेलिया (जन्तु)- ये बहुकोशिकीय तथा यूकैरियोटिक जन्तु होते हैं। इनको मेटोजोवा भी कहते हैं। जैसे- मछली, सरीसृप, उभयचर पक्षी, हाइड्रा, जेलीफिश, कृमि, सितारा  तथा स्तनधारी जन्तु आदि।

द्विनाम पद्धति (Binomial method)

जीवो के नाम की द्विनाम पद्धति कैरोलस लीनियस हैं। द्विनाम पद्धति के अनुसार प्रत्येक जीवधारी का नाम लैटिन भाषा के 2 शब्दों (पहला शब्द वंश का नाम तथा दूसरा शब्द जाति का नाम ) से मिलकर बनता ह । वर्गीकरण की आधारभूत इकाई जाति है। मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सैपियन्स है जिसमें वंश का नाम होमो तथा जाति का नाम सैपियन्स है।

 जीव  विज्ञान की प्रमुख शाखाएं  (Major branches of biology)

  1. सेरीकल्चर- इसके अन्तर्गत रेशम कीट पालन  का अध्ययन किया जाता है
  2. एपीकल्चर- इसके अन्तर्गत मधुमक्खी पालन, शहद तथा मोम का अध्ययन किया जाता है
  3. रेनोलॉजी- इसके अन्तर्गत नाक, कान, गले का अध्ययन किया जाता है।
  4. पिसीकल्चर- इसके अन्तर्गत मत्स्य पालन का अध्ययन किया जाता है।
  5. कैलोलॉजी- इसके अन्तर्गत मानव सौंदर्य का अध्ययन किया जाता है।
  6. गायनोलाजी- इसके अन्तर्गत मादा प्रजनन अंगों का अध्ययन किया जाता है।
  7. हिप्नोलॉजी– नींद का अध्ययन किया जाता है।
  8. आनिरोलाजी- इसके अन्तर्गत स्वप्न का अध्ययन किया जाता है।
  9. टॉक्सिकोलॉजी- इसके अन्तर्गत विषैले पदार्थों तथा शरीर पर इनके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है।
  10. पैथोलॉजी- इसके अन्तर्गत रोगों की प्रकृति, कारण एवं लक्षण का अध्ययन किया जाता है।
  11. पोल्ट्री-  इसके अन्तर्गत मुर्गी पालन का अध्ययन किया जाता है।
  12. जीरेन्टोलाजी- इसके अन्तर्गत आयु विज्ञान का अध्ययन किया जाता है।
  13. आर्निथोलॉजी- इसके अन्तर्गत पक्षियों का अध्ययन किया जाता है।
  14. इक्थ्योलॉजी- इसके अन्तर्गत मछलियों का अध्ययन किया जाता है।
  15. एण्टीमोलाजी- इसके अन्तर्गत कीटों का अध्ययन किया जाता है।
  16. आफियोलॉजी- इसके अन्तर्गत सर्पों का अध्ययन किया जाता है।
  17. सोरोलॉजी- इसके अन्तर्गत छिपकलियों का अध्ययन किया जाता है।
  18. माइकोलॉजी- इसके अन्तर्गत कवक का अध्ययन किया जाता है।
  19. फाइकोलॉजी- इसके अन्तर्गत शैवाल का अध्ययन किया जाता है।
  20. एंथ्रोपोलॉजी- इसके अन्तर्गत पुष्पों का अध्ययन किया जाता है।
  21. पोमोलॉजी- इसके अन्तर्गत  फलों का अध्ययन किया जाता है।
  22. डेन्ड्रोलॉजी- इसके अन्तर्गत वृक्षों एवं झाड़ियों का अध्ययन किया जाता है।
  23. सिल्वीकल्चर- इसके अन्तर्गत काष्ठी वृक्षों का अध्ययन किया जाता है।
  24. साइटोलॉजी- इसके अन्तर्गत कोशिका विज्ञान का अध्ययन किया जाता है।
  25. एनाटॉमी- इसके अन्तर्गत शरीर की आन्तरिक रचना का अध्ययन किया जाता है।
  26. कीमोथिरेपी-  इसके अन्तर्गत रासायनिक यौगिकों का अध्ययन किया जाता है।
  27. इकोलॉजी- इसके अन्तर्गत वनस्पतियों तथा प्राणियों के पर्यावरण या प्रकृति से सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता है।
  28. न्यूरोलॉजी- इसके अन्तर्गत मानव शरीर की नाड़ियों तथा िकाओं का अध्ययन किया जाता है।
  29. हॉर्टिकल्चर– इसके अन्तर्गत फल फूल, साग सब्जियों, बागान तथा पुष्प उत्पादन का अध्ययन किया जाता है।
  30. मैमोग्राफी– इसके अन्तर्गत स्त्रियों के ब्रेस्ट कैन्सर की जांच का अध्ययन किया जाता है।
  31. ओडोन्टोलॉजी- इसके अन्तर्गत दांतो का अध्ययन एवं चिकित्सा की जाती  है।

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