Miscellaneous

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)

अर्थव्यवस्था का तात्पर्य एक ऐसी संस्थागत प्रणाली से है जो समाज की प्रत्येक भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करती है तथा विभिन्न प्रकार के आर्थिक क्रियाकलापों, संस्थाओं, अभिव्यक्तियों तथा इन सबके परस्परिक सम्बन्धों से मिलकर बनती है।

अर्थव्यवस्था का मुख्य उद्देश्य “समाज की भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना” है।

भारतीय अर्थव्यवस्था “मिश्रित अर्थव्यवस्था” (mixed economy) है।

भारतीय अर्थव्यवस्था को तीन क्षेत्रों में बांटा गया हैः प्राथमिक अर्थव्यवस्था, द्वितीयक अर्थव्यवस्था तथा तृतीयक अर्थव्यवस्था।

प्राथमिक अर्थव्यवस्था (Primary economy)

  1. कृषि तथा पशुपालन (Agriculture and Animal Husbandry)।
  2. मत्स्य पालन (Fisheries)।
  3. वन उद्योग (Forest industry)।
  4. खनन तथा उत्पादन (Mining production)।

द्वितीयक अर्थव्यवस्था (Secondary economy)

  1. निर्माण-पंजीकृत तथा गैर पंजीकृत।
  2. विद्युत गैस तथा जल आपूर्ति।
  3. विनिर्माण-पंजीकृत तथा गैर पंजीकृत।

तृतीयक अर्थव्यवस्था (Tertiary economy)

  1. परिवहन संग्रहण तथा संचार (Transport Storage and Communication)।
  2. व्यापार, होटल तथा जलपान गृह (Business Hotel and Restaurant)।
  3. व्यावसायिक सेवाएं (Business service)।
  4. बीमा, बैंक, स्थावर, सम्पदा तथा आवास (Insurance, Bank, Real State and Housing)।
  5. सरकारी तथा रक्षा प्रशासन (Government and Defense Administration)।
  6. अन्य सेवाएं (Other service)।

भारतीय अर्थव्यवस्था का विकासशील रूप (Developing form of Indian economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था में अल्प विकसित अर्थव्यवस्था के सारे तथ्य पाये जाते हैं। विगत 60 वर्षों के अध्ययन से भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के लक्षण दिखायी देते हैं जो विकासशील अर्थव्यवस्था के लक्षण हैं जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत विकास के मार्ग पर अग्रसर है। इस प्रकार भारत एक विकासशील देश है जो कि निम्नांकित तथ्यों से स्पष्ट होता हैः

  1. प्रति व्यक्ति आय मे वृध्दि (Increase in per capital income)।
  2. बचत तथा निवेश में वृध्दि (Increase is saving and investment)।
  3. आधारभूत उद्योगों का विकास(Development of basic industries)।
  4. सकल घरेलू उत्पाद के क्षेत्रवार वितरण में परिवर्तन (Changes in the sector-wise distribution of GDP)।

प्रति व्यक्ति आय मे वृध्दि (Increase in per capital income)

15 अगस्त 1947 को भारत स्वतन्त्र हुआ। स्वतन्त्रता के पश्चात भारत की प्रतिव्यक्ति आय निरन्तर बढ़ती रही है जो कि भारत में हो रहे आर्थिक विकास का परिचायक है।

बचत तथा निवेश में वृध्दि (Increase is saving and investment)

स्वतन्त्रता के पश्चात भारत की बचत तथा निवेश में निरन्तर वृध्दि हुई है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के विकासशील स्वरूप का परिचायक है। पूंजी निर्माण की दर निरन्तर बढ़ रही है।

वर्ष 1950-51 में बाजार कीमतों पर शुध्द घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में शुध्द घरेलू पूंजी निर्माण की दर 6 प्रतिशत थी जो कि वर्ष 2014-15 में 34.2 प्रतिशत हो गई।

अग्रिम अनुमान वर्ष 2014-15 (20-12 की श्रृंखला के अनुसार) में .N.I. में वृध्दि दर 7.3 प्रतिशत रही।

उपरोक्त सन्दर्भ में वर्ष 2015-16 में G.N.I. में वृध्दि दर 7.4 प्रतिशत हो गई।

आधारभूत उद्योगों का विकास (Development of basic industries)

किसी देश का औद्योगिक विकास तब तक नही हो सकता जब तक उस देश की सरकार द्वारा ऐद्योगिक विकास की एक स्पष्ट नीति न निर्धारित की जाय। स्वतन्त्रता के पश्चात भारत भारत के औद्योगिक विकास का स्वरूप भारत  सरकार की नीतियों द्वारा निर्धारित होने लगा जिसके कारण भारत का औद्योगिक विकास काफी तेजी से हुआ है। 11 वीं तथा 12 वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आधारभूत संरचना के तीव्र विकास हेतु पी. पी. पी. माडल पर विशेष बल दिया गया।

सकल घरेलू उत्पाद के क्षेत्रवार वितरण में परिवर्तन (Changes in the sector-wise distribution of GDP)

जब किसी देश की अर्थव्यवस्था का विकास होता है तब राष्ट्रीय आय में उद्योग तथा सेवा क्षेत्र का योगदान बढ़ जाता है और राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान धीरे-धीरे घटता जाता है। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात भारतीय राष्ट्रीय आय में उद्योग तथा सेवा क्षेत्र का योगदान बढ़ा है तथा कृषि के योगदान में कमी आयी है जो भारत के विकासशील देश होने का परिचायक है।

वर्ष 2020 में कोरोना वाइरस (कोविड-19) नामक घातक महामारी के कारण भारत की अर्थव्यवस्था लुढ़क कर माह सितम्बर 2020 में -23.9 प्रतिशत हो गई। अब धीरे-धीरे भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार हो गहा है। वर्ष 2020-21 में जी0 डी0 पी0 दर -9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

Related Articles

Back to top button
The Knowledge Gateway Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes

AdBlock Detected

Please Consider Supporting Us By Disabling Your AD Blocker