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राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश (State Election Commission Uttar Pradesh)

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश (State Election Commission Uttar Pradesh)

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश एक सांविधिक निकाय है। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश  की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट) के अनुसार वर्ष 1994 ई0 में की गयी थी। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश का कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश है।

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा तथा राष्ट्रपति इत्यादि के निर्वाचन में भारत निर्वाचन आयोग की सहायता करता है तथा उत्तर प्रदेश राज्य में नगर निकायों एवं पंचायतों के निर्वाचन के लिए उत्तरदायी है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट), 243 य क व 243 (ZA) के अनुसारः  उत्तर प्रदेश राज्य की पंचायतों तथा नगर पालिकाओं के समस्त निर्वाचनों के अधीक्षण, नियन्त्रण और निर्देशन की शक्ति राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश में ही निहित है।

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश का मुख्यालयः

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश का मुख्यालय 32, स्टेशन रोड पी0 सी0 एफ0 भवन, लाल कुआं, लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226001  है।

राज्य  निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश की संरचनाः

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज कुमार है तथा सदस्य अपर निर्वाचन आयुक्त श्री वेद प्रकाश  हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की नियुक्ति तथा कार्यकालः

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट) (1) के अनुसारः  राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के निर्वाचन आयुक्त की  नियुक्ति उत्तर प्रदेश  का राज्यपाल करता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के वर्तमान राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज कुमार हैं।

राज्य  निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश का कार्यकाल कार्य ग्रहण तिथि से 05 वर्ष या 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो, का होता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट) (2) के अनुसारः राज्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश की नियुक्ति के पश्चात उसके सेवा तथा शर्तों में कोई अलाभकारी परिवर्तन नही किया जा सकता है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तर प्रदेश को समय से पहले उसके पद से हटाने की प्रक्रियाः

राज्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश को उसके पद से समय से पूर्व भारत का राष्ट्रपति हटा सकता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट) (2) के अनुसारः संसद द्वारा महाभियोग प्रस्ताव पारित किए जाने पर भारतीय राष्ट्रपति द्वारा राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तर प्रदेश को उसके पद से हटाया जा सकता है। इस प्रकार संसद के महाभियोग प्रस्ताव द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के राज्यपाल को हटाया जा सकता है।

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की शक्तियाः

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की शक्तियां एवं कार्य अत्यन्त व्यापक हैं ।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ट) (1) के अनुसारः  राज्य निर्वाचन आयुक्त उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश राज्य में पंचायतों तथा नगर पालिकाओं के लिए कराये जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराने, निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन एवं नियन्त्रण की शक्ति है ।

क्या राज्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा पंचायत चुनाव के सम्बन्ध में बनायी गयी किसी विधि को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है ? 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ण) (क) के अनुसारः राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा अनुच्छेद-243 (ट) के अन्तर्गत पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन या स्थानों के आवण्टन से सम्बन्धित बनायी गई किसी विधि को किसी नायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 243 (ण) (ख) के अनुसारः  किसी पंचायत के लिए कोई निर्वाचन, ऐसी निर्वाचन अर्जी पर ही प्रश्नगत किया जायेगा जो ऐसे प्राधिकारी द्वारा एवं ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका किसी राज्य के विधानमण्डल द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन उपबन्ध किये जायें, अन्यथा नही।

राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश  के कार्यः

  1. उत्तर प्रदेश राज्य के पंचायत निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराता है।
  2. उत्तर प्रदेश राज्य के पंयायत निर्वाचनों का पर्यवेक्षण, निर्देशन तथा चुनावों का आयोजन करवाता है।
  3. उत्तर प्रदेश राज्य के नगर पालिकाओं के लिए कराये जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराना, निर्वाचनों का पर्यवेक्षण, निर्देशन तथा चुनावों का आयोजन करवाता है।

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