ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)

0
17
THERMODYNAMICS
Gas turbine electrical power plant. Energy for support factory in industrial estate. Natural gas tank. Small gas power plant. Power plant using natural gas for fuel. Green energy. Generate electricity

ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी शब्द दो शब्दों ऊष्मा तथा गतिकी से मिलकर बना है जिसका अर्थ है- ऊष्मा की गति। विज्ञान की वह शाखा जो ऊर्जा (ऊष्मा) के विभिन्न रूपों तथा उनके परस्पर सम्बन्धों से सम्बन्धित है, ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) कहलाता है।

Thermodynamics  का उपयोग करते हुए रसायन विज्ञान में प्रतिक्रिया की व्यवहार्यता का अनुमान लगाया जा सकता है कि दो पदार्थ मिश्रित होने पर उनके मध्य प्रतिक्रिया होगी या नही। प्रतिक्रिया होने पर प्रतिक्रिया के दौरान ऊर्जा भी सम्मिलित है। रासायनिक प्रतिक्रिया में सन्तुलन होने पर विभिन्न अभिकारकों तथा उत्पादों की सन्तुलन सान्द्रता क्या होगी।

ऊष्मागतिकी की सीमाएं (Limitations of Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी के नियम सम्पूर्ण सिस्टम पर एक साथ लागू होते हैं। इन्हों अलग-अलग कणों (तापमान, दाब आदि) पर लागू नही किया जा सकता है।

ऊष्मागतिकी प्रणाली के प्रकार (Types of Thermodynamics system)

खुला सिस्टम (Open system) वह सिस्टम जिसमें चारों तरफ से ऊर्जा तथा पदार्थ का आदान-प्रदान हो  सकता है, खुला सिस्टम कहलाता है। जैसे- एक हवायुक्त कमरे में लिविंग सिस्टम।

 बन्द सिस्टम (Closed system)वह सिस्टम जो पदार्थ का आदान-प्रदान नही कर सकता, मात्र ऊर्जा का ही आदान-प्रदान कर सकता है, बन्द सिस्टम (Closed system) कहलाता है। जैसे- बन्द पात्र में कोई पदार्थ।

पृथक प्रणाली (Isolated system) वह प्रणाली जो चारों ओर से पदार्थ तथा ऊर्जा का आदान-प्रदान नही कर सकती है,  पृथक प्रणाली (Isolated system) कहलाती है।

ऊष्मागतिकी सन्तुलन (Thermodynamics equilibrium)

जब किसी प्रणाली के समय के साथ किसी भी अवलोकन योग्य या औसत दर्जे की सम्पत्ति में कोई परिवर्तन नही होता है तो उस प्रणाली को ऊष्मागतिकी सन्तुलन (Thermodynamics equilibrium)सन्तुलन में कहा जाता है।

ऊष्मागतिकी सन्तुलन (Thermodynamics equilibrium) में तीन प्रकार के सन्तुलन होते हैः यान्त्रिक सन्तुलन, थर्मल सन्तुलन तथा रासायनिक सन्तुलन।

यान्त्रिक सन्तुलन (Mechanical equilibrium)

इस सन्तुलन में समय के साथ या अन्तरिक्ष के लिए किसी भी आदर्श गैसीय प्रणाली के लिए तरल के लिए कोई दबाव ढाल नही होना चाहिए। इस प्रणाली में कंटेनर के तल पर दबाव के रूप में अन्तरिक्ष के साथ दबाव ढाल हो सकता है जिसमें एक तरल भरा होता है जो प्रणाली में तरल की सतह पर दबाव से अधिक होगा।

थर्मल सन्तुलन(Thermal equilibrium)

कोई तापमान ढाल नही होना चाहिए। किसी प्रणाली में विभिन्न स्थानों पर तापमान के अलग-अलग मूल्य हो सकते हैं परन्तु यह समय के साथ स्थिर रहना चाहिए।

रासायनिक सन्तुलन (Chemical equilibrium)

प्रणाली में किसी भी प्रजाति का कोई सान्द्रण ढाल नही होना चाहिए

ऊष्मागतिकी का शून्यक नियम (Zeroth Law of Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी के शून्यक नियम के अनुसारः ऊष्मा की गति उच्च ताप से निम्न ताप की ओर प्रवाहित होने की होती है। जैसे- किसी पिण्ड का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस है तो दूसरा पिण्ड आ जाये जिसका तापमान 15 डिग्री सेल्सियस है तो कुछ समय के बाद पहले पिण्ड का तापमान भी 15 डिग्री सेल्सियस हो जायेगा।

ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसारः ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है परन्तु एक माध्यम से दूसरे माध्यम में परिवर्तित की जा सकती है। जैसे- कोयला इंजन कोयले की ऊष्मीय ऊर्जा को यान्त्रिक ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है।

Q = U + W

जहां पर- Q =  पिण्ड को दी गई ऊष्मा। U =  पिण्ड की आन्तरिक ऊर्जा में बढ़ोत्तरी। W =  कृत कार्य।

यदि पिण्ड से ऊष्मा ली जाये तो कार्य धनात्मक तथा यदि पिण्ड स्वयं ही ऊर्जा ले तो कार्य ऋणात्मक होता है।

ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law of Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के अनुसारः ऊष्मा सदैव गर्म माध्यम से ठण्डे माध्यम की तरफ बगैर किसी बाह्य सहायता के प्रवाहित होती है। कोई भी इंजन सम्पूर्ण ऊर्जा को कार्य में परिवर्तित नही कर सकता है।

ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम (Third Law of Thermodynamics)

ऊष्मागतिकी के तृतीय नियम के अनुसारः शून्य तापमान पर किसी पूर्ण क्रिस्टल की एण्ट्रोपी शून्य होती है।

पूर्ण शून्य तापमान, एण्ट्रोपी तथा पूर्ण क्रिस्टल (Full Zero Temperature, Entropy and Full crystal)

-273 डिग्री तापमान पूर्ण शून्य तापमान है जहां पर अणुओं की गति वहुत कम तथा बहुत धीरे-धीरे होती है। एण्ट्रोपी वह ऊर्जा है जो यान्त्रिक ऊर्जा में परिवर्तित नही होती है। पूर्ण क्रिस्टल में सभी अणुओं का आकार, आयाम, द्रव्यमान आदि एक समान होते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.