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विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization)

विश्व व्यापार संगठन 

विश्व व्यापार संगठन अंग्रेजी भाषा के शब्द World Trade Organization का हिन्दी रूपान्तर है जिसका संक्षिप्त नाम W.T.O. है। यह एक बहुपक्षीय, अन्तर सरकारी, अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक संगठन है जो कि अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के नियमन करता है। द्वितीय विश्व युध्द के बाद बनाये गये संस्थान GATT के स्थान पर 1 जनवरी 1995 ई0 में विश्व व्यापार संगठन की स्थापना की गयी। विश्व व्यापार संगठन का मुख्यालय जिनेवा (स्विटजरलैण्ड) में है।  भारत उक्त संगठन के समय से ही उक्त संगठन का सदस्य है। वर्तमान में विश्व के 164 देश विश्व व्यापार संगठन के सदस्य हैं। विश्व व्यापार संगठन का 163 सदस्य देश लाइबेरिया तथा 164 सदस्य देश अफगानिस्तान हैं। विश्व व्यापार संगठन के प्रथम महानिदेशक पीटर सदरलैण्ड थे जिन्होने वर्ष 1995 ई0 में विश्व व्यापार संगठन को छोड़ दिया।

विश्व व्यापार संगठन एक लोकतान्त्रिक संस्था है जिसमें किसी देश को कोई विशेषाधिकार नही प्राप्त है, सभी देशों को समान अधिकार प्रदत्त हैं। सभी देशों को अपना-अपना मत देने का बराबर अधिकार है। प्रत्येक दो वर्ष पर विश्व व्यापार संगठन के मन्त्रिमण्डल की बैठक होती है जिसमें सभी सदस्य देश प्रतिभाग करते हैं तथा किसी भी मुद्दे पर अपना-अपना मत रखते हैं तथा सर्वसम्मत से फैसले लिए जाते हैं। विश्व व्यापार संगठन का प्रथम मन्त्रिमण्डलीय सम्मेलन वर्ष 1996 ई0 में सिंगापुर में आयोजित किया गया था। विश्व व्यापार संगठन का 11 वां मन्त्रिमण्लीय सम्मेलन वर्ष 2017 में ब्यूनस आर्यस (अर्जेन्टाइना) में आयोजित किया गया था। विश्व व्यापापर संगठन का 12 मन्त्रिमण्लीय सम्मेलन वर्ष 2020 ई0 में कजाखस्तान में होना था जो कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण नही हो सका जो कि अब वर्ष 2021 ई0 में होगा। उल्लेखनीय है कि कजाखस्तान वर्ष 2015 में कजाखस्तान में सम्मिलित हुआ था। विश्व का लगभग 98  प्रतिशत व्यापार विश्व व्यापार संगठन के दायरें में आता है।

वर्ष 2020 में ही 14 मई 2020 को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दैरान ही विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक राबर्टो एजेवेडो ने 31 अगस्त 2020 को अपना इस्तीफा देने की घोषणा कर दी तथा 31 अगस्त 2020 को अपना इस्तीफा दे दिया। वर्ष 2021 ई0 में विश्व व्यापार संगठन का 12 वां मन्त्रिमण्लीय सम्मेलन कजाखस्तान में होगा जिसमें विश्व व्यापार संगठन के नये महानिदेशक का चुनाव किया जायेगा। विश्व व्यापार संगठन के परिषद के वर्तमान अध्यक्ष डेविड वाकर हैं।

विश्व व्यापार संगठन के उद्देश्य (Aim of World Trade Organization)

  1. विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों द्वारा अपने तथा अन्य भागीदार सदस्य देशों के उत्पादों तथा नागरिकों के मध्य कोई भेदभाव न किया जाना।

2. अनुचित प्रथाओं (जैसे बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अपने द्वारा निर्यात किये जाने वाले उत्पादों की लागत कम कर देना या सब्सिडी कम कर देना) को हतोत्साहित किया जाना ताकि किसी देश के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

3. व्यापार बाधाओं को कम करना।

विश्व व्यापार संगठन की संरचना (Structure of World Trade Organization)

मन्त्रिस्तरीय सम्मेलन निकाय (Ministerial conference body)

इसमें विश्व व्यापार संगठन के सभी सदस्य देशों के व्यापार मन्त्री होते हैं जो कि व्यापार सम्बन्धी किसी भी मुद्दे पर अपने-अपने मत रखते हैं तथा सर्वसम्मत से निर्णय लेते हैं।

व्यापार नीति समीक्षा निकाय (Trade policy review body)

इसमें विश्व व्यापार संगठन के सभी देशों के सदस्य होते हैं जो कि व्यापार नीतियों की समीक्षा तन्त्र की देख-रेख तथा सदस्य देशों की व्यापार नीतियों की अद्यावधिक समीक्षा करते हैं।

सामान्य काउंसिल (General Council)

यह विश्व व्यापार संगठन का अति महत्वपूर्ण निकाय है जिसमें विश्व व्यापार संगठन के सभी सदस्य देशों राजदूत स्तर के वरिष्ठ प्रतिनिधि होते हैं जो कि विश्व व्यापार संगठन के प्रतिदिन के व्यापारिक कारोबार तथा प्रबन्धन की समुचित देख-रेख के उत्तरदायी होते हैं।

वस्तुओं तथा सेवाओं में व्यापार परिषद (Council for trade in goods and services)

इसमें विश्व व्यापार संगठन के सभी देशों के सदस्य होते हैं जो सामान्य काउंसिल के निर्देशानुसार कार्य करते हुए व्यापारिक समझोतों के विवरण की समीक्षा हेतु तन्त्र प्रदान करते हैं।

विवाद निपटान निकाय (Dispute settlement body)

विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों के मध्य कोई व्यापारिक विवाद होने पर कोई भी देश इसी निकाय के समक्ष अपील करता है जिसका नियमानुसार एवं निष्पक्ष निस्तारण इस निकाय द्वारा किया जाता है।

विश्व व्यापार संगठन के कार्य (World Trade Organization functions)

  1. सदस्य देशों के मध्य व्यापार सम्बन्धी किसी मुद्दे पर विवाद होने पर व्यापार वार्ता करके विवाद का निस्तारण किया जाना।

2. समय-समय पर सदस्य देशों की व्यापार नीतियों तथा प्रथाओं की समीक्षा करता है।

3. अपीलीय मामलों का निष्पक्षतापूर्वक निस्तारण करना।

4. विकासशील देशों का व्यापार संवर्ध्दन करने के लिए नियमानुसार सहयोग प्रदान करना ।

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