Saturday, September 19, 2020
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श्वसन तन्त्र (Respiratory System)

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शरीर के अन्दर श्वास के रूप में वायु का निश्वसन एवं उत्श्वसन करने वाले तन्त्र को श्वसन तन्त्र कहते हैं । श्वसन  तन्त्र के अन्तर्गत नाक, कण्ठ, इपिग्लाटिस, श्वासनली, श्वसनी तथा फेफडे  आदि आते हैं । इनमें इपिग्लाटिस भोजन निगलते समय श्वास मार्ग को बन्द कर देता है । श्वास नली उपास्थि की बनी होती है । फेफडों में रक्त का शुध्दीकरण गैसों के आदान-प्रदान से होता है । गैसों का आदान–प्रदान वायु कुप्पिकाओं के माध्यम से होता है । वायु कुप्पिकाओं के माध्यम से रक्त में आक्सीजन प्रवेश करती है तथा रक्त से कार्बन डाईआक्साइड वायु कुप्पिकाओं में प्रवेश करती है । एक वयस्क मनुष्य के फेऱडों में लगभग 30-40 करोंड वायु कुप्पिकाएं होती है

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श्वसन दो प्रकार का होता हैः 1-बाह्य श्वसन 2-आन्तरिक श्वसन ।

वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान मात्र फेफडे तक ही होता है, बाह्य श्वसन कहलाता है ।

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वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान फेफडे के साथ-साथ कोशिकाओं में भी होता है, आन्तरिक श्वसन कहलाता है ।

श्वसन क्रिया की शुरुआत डायफ्राम के क्रियाशील होने से होती है ।

श्वसन के दौरान सबसे अधिक मात्रा में 78 प्रतिशत नाइट्रोजन ग्रहण की जाती है ।

श्वसन के दौरान 21 प्रतिशत आक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा 16 प्रतिशत छोडी जाती है ।

श्वसन के दौरान 0.03 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड ग्रहण की जाती है तथा 4 प्रतिशत छोडी जाती है ।

आक्सीजन का ग्रहण तथा कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा पर निर्भर करता है ।

कोशिकीय श्वसन कोशिकाओं के अन्दर दो चक्रों ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेव्स चक्र के माध्यम से पूरा होता है ।

आक्सीजन की अनुपस्थिति में अनाक्सीश्वसन होता है ।

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कार्बन डाईआक्साइड का संवहन मुख्यतया बाई कार्बोनेट आयन के रूप में होता है ।

हीमोग्लोबिन की अनुपस्थिति में रक्त मात्र 2 प्रतिशत आक्सीजन का ही आदान-प्रदान कर सकता है ।

  • वाइटल क्षमता(Vital Capacity) क्या है ?

मनुष्य गहरी सांस लेने पर 3.5 लीटर गैस ग्रहण करता है जिसे  वाइटल क्षमता कहते हैं ।

  • सामान्य सांस लेने में कितनी गैस ग्रहण की जाती है ?

½ लीटर ।

  • टाइडल क्षमता (Tidal Capacity) किसे कहते हैं ?

सामान्य सांस लेने में कितनी गैस ग्रहण की जाती है जिसे टाइटल क्षमता कहते हैं ।

  • रेसीडुअल क्षमता (Residual Capacity) किसे कहते हैं ?

1.5 लीटर गैस फेफडों में बनी रहती है जिसे रेसीडुअल क्षमता कहते हैं ।

  • मनुष्य गहरी सांस लेने पर कितनी गैस ग्रहण करता है ?

मनुष्य गहरी सांस लेने पर 3.5 लीटर गैस ग्रहण करता है ।

  • फेफडों की अधिकतम गैस धारण क्षमता कितनी है ?

5 लीटर ।

  • श्वसन तन्त्र का क्या कार्य है ?

शरीर के सभी भागों में गैसों का आदान-प्रदान करना श्वसन तन्त्र का मुख्य कार्य है ।

  • सांस लेने का सही रास्ता क्या है ?

नाक से सांस लेना ।

  • सांस लेने का गलत रास्ता क्या है ?

मुख से सांस लेना ।

  • मनुष्य मे कितने फेफडे होते हैं ?

मनुष्य मे दो फेफडे होते हैं- दाहिना तथा बायां । दाहिने फेफडे का औसत भार 23 औंस तथा बायें फेफडे का औसत भार 19 औंस होता है ।

  • श्वास नली की लम्बाई कितनी होती है ?

लगभग 4.5 इन्च ।

  • पूरक क्या है –?

सांस अन्दर लेने की क्रिया को पूरक (श्वास) कहते हैं ।

  • रेचक क्या है ?

सांस बाहर छोडने को रेचक (प्रश्वास) कहते हैं ।

  • कुम्भक क्या है ?

सांस को अन्दर रोंकने को कुम्भक कहते हैं ।

  • एक स्वस्थ मनुष्य एक मिनट में कितनी बार सांस लेता है ?

16 से 20 बार ।

  • नवजात शिशु की श्वास दर कितनी है ?

लगभग 35 बार प्रति मिनट ।

  • सामान्य श्वसन दर कितनी है ?

15-18 बार प्रति मिनट ।

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