जन्तु ऊतक तथा वनस्पति ऊतक- (ANIMAL TISSUE AND PLANT TISSUE)

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  • ऊतक (Tissue) क्या है ?

ऊतक किसी सजीव के शरीर में कोशिकाओं को वह समूह है जिनकी उत्पत्ति एक समान होती है तथा एक विशेष कार्य करते हैं । कोशिकाएं मिलकर ऊतक (Tissue) का निर्माण करती हैं ।

ऊतक (Tissue) के अध्ययन को ऊतक विज्ञान (Histology)  कहते हैं ।

ऊतक (Tissue) 04 प्रकार के होते हैः

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  • उपकला या इपीथीलियल ऊतक (Epithilial Tissue) ।
  • पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) ।
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue) ।
  • तन्त्रिका ऊतक (Nurvous Tissue) ।
  • जन्तु ऊतक (Animal Tissue)

जन्तु ऊतक (Animal Tissue) पांच प्रकार के होते हैः

  • उपकला या इपीथीलियल ऊतक (Epithilial Tissue) ।
  • पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) ।
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue) ।
  • तन्त्रिका ऊतक (Nurvous Tissue) ।
  • जनन ऊतक (Reproductive Tissue) ।

(1)उपकला या इपीथीलियल ऊतक (Epithilial Tissue)

ये ऊतक अंगों के बाह्य एवं आन्तरिक सतह तथा स्रावित ग्रन्थियों जैसे- स्वाद ग्रन्थियों, दुग्ध ग्रन्थियों व पसीना ग्रन्थियों आदि में पाया जाता है । यह ऊतक शरीर को बाहर से ढंकता है एवं समस्त खोखले अंगों को भीतर से भी ढंकता है । इस ऊतक का मुख्य कार्य रक्षण, स्राव एवं शोंषण है ।

(2)पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)

ये ऊतक खोखले अंगों की दीवारों तथा मांसल भागों का निर्माण करते हैं । य़े ऊतक शरीर के आन्तरिक भागों जैसे- हृदय, यकृत, लीवर आदि में पाये जाते हैं ।

ये ऊतक लाल पेशीय तन्तु होते हैं तथा संकुचित होने की शक्ति रखते हैं ।

पेशीय ऊतक दो प्रकार के होते हैं – रेखांकित या ऐच्छिक पेशीय ऊतक तथा अरेखांकित या अनैच्छिक पेशीय ऊतक ।

रेखांकित या ऐच्छिक पेशीय ऊतक पतला, लम्बा तथा अनेक कोष केन्द्रित होता है तथा शरीर को सूक्ष्म गति प्रदान करता है ।

अरेखांकित या अनैच्छिक पेशीय ऊतक वह ऊतक है जो आशयों की दीवार का निर्माण करता है ।

(3)संयोजी ऊतक (Connective Tissue)

ये ऊतक एक अंग को दूसरे अंग से  जोडने का कार्य करते हैं तथा प्रत्येक अंग में पाये जाते हैं। जैसे- लिगामेन्ट, कार्टिलेज आदि । इस ऊतक के अन्तर्गत रऊधिर ऊतक, अस्थि ऊतक, लस ऊतक एवं वसा ऊतक आते हैं ।

रूधिर ऊतक के दो भाग- लाल रूधिर कणिका एवं श्वेत रूधिर कणिका होते हैं । लाल रूधिर कणिका शरीर के प्रत्येक अंग को आक्सीजन का आदान-प्रदान करती है तथा श्वेत रूधिर कणिका शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमटा बढाकर रोगों से शरीर की रक्षा करती है । लाल रूधिर कणिका में न्युक्तियस नही पाया जाता है ।

लस ऊतक का निर्माण लस कोशिकाओं से होता है । यह ऊतक शरीर का रक्षक है । लसपर्व एवं टांसिल का निर्माण इसी से होता है । आघात के बाद तत्काल लसपर्व शोथयुक्त हो जाते हैं ।

अस्थि ऊतक का निर्माण अस्थिकोशिका से होता है ।

वसा ऊतक दो प्रकार के होते हैं – एरिओलर एवं एडिपोस ।

(4)तन्त्रिका ऊतक (Nurvous Tissue)-

तन्त्रिका ऊतक की इकाई न्यूरान (Neurons) कहलाती है । इस ऊतक का मुख्य कार्य संवेदनाओं को ग्रहण कर मस्तिष्क तक पहुंचाना तथा मस्तिष्क द्वारा दिये गये आदेशों को सम्बन्धित अंग तक पहुंचाना होता है जो कि न्यूरान (Neurons)के माध्यम से होता है । संवेदनाओं का चालन केमिको मैग्नेटिक वेब के रूप में होता है ।

इस ऊतक में संवेदना एवं चालन के गुण होते हैं । इस ऊतक में तन्त्रिका कोशिका और न्यूराग्लिया रहता है । मस्तिष्क के धूसर भाग में तन्त्रिका कोशिका तथा श्वेत भाग में न्यूराग्लिया पाया जाता है ।

(5)जनन ऊतक (Reproductive Tissue)

जनन ऊतक जनन कोशिकाओं में पायो जाते हैं जो कि नर में स्पर्म(Sperm) तथा मादा में ओवा (Ova) का निर्माण करते हैं।

  • वनस्पति ऊतक (Plant Tissue)

वनस्पति ऊतक 03 प्रकार के होते हैं –

  • वर्णी ऊतक (Meristmatic Tissue) ।
  • स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) ।
  • जटिल ऊतक (Complex Tissue) ।

(1)वर्णी ऊतक (Meristmatic Tissue)

यह सबसे तेज विभाजित होने वाला ऊतक है । यह ऊतक पौधे के शीर्ष भाग में पाया जाता है तथा हरित लवक की उपस्थिति में भोजन निर्माण एवं भोजन संचय का कार्य करता है । यह ऊतक पौधों का ऊंचाई, तने की मोटाई में वृध्दि तथा शाखाओं का निर्माण करता है ।

(2)स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)

जब वर्धी ऊतक की विभाजन क्षमता समाप्त हो जाती है तब वे स्थायी ऊतक का निर्माण करते हैं। स्थायी ऊतक का मुख्य कार्य भोजन निर्माण, भोजन संचय तथा कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करना है ।

(3)जटिल ऊतक (Complex Tissue)

एक से अधिक स्थायी ऊतक मिलकर जटिल ऊतक का निर्माण करते हैं । जटिल ऊतक 02 प्रकार के होते हैं-

  • जाइलम (Xylem) ।
  • फ्लोएम (Phloem) ।

जाइलम (Xylem) का मुख्य कार्य भूमि से जल तथा खनिज लवण का अवशोषण कर पौधे को प्रत्येक भाग तक पहुंचाना है । इस प्रकार जाइलम गुरुत्वाकर्षण बल के विरुध्द कार्य करता है ।

फ्लोएम (Phloem) का मुख्य कार्य पत्तियों द्वारा बनाये गये भोजन को पौधे के प्रयेक भाग तथा जड तक पहुंचाना है । इस प्रकार फ्लोएम गुरुत्वाकर्षण बल की ओर कार्य करता है ।

  • तन्त्रिका ऊतक (Nervous Tissue) की इकाई क्या है ?

न्यूरान (Neurons) ।

  • तन्त्रिका ऊतक (Nervous Tissue) संवेदनाओं को मस्तिष्क तक सम्प्रेषण किस माध्यम से करता है ?

न्यूरान (Neurons) के माध्यम से ।

  • पौधे की पत्तियों द्वारा बनाये गये भोजन को जड तक पहुंचाने का कार्य कौन करता है ?

फ्लोएम (Phloem) ।

  • भूमि से पानी एवं खनिज लवण का अवशोंषण कर पौधे के सभी भागों तक पहुंचाने का कार्य कौन करता है ?

जाइलम (Xylem) ।

  • तन्त्रिका ऊतक में संवेदनाओं का चालन किस रूप में होता है ?

तन्त्रिका ऊतक में संवेदनाओं का चालन केमिको मैग्नेटिक वेब के रूप में होता है ।

  • ऊतक (Tissue) क्या हैं ?

कोशिकाओं का समूह ।

  • ऊतक (Tissue) कितने प्रकार के होते हैं ?

04 प्रकार के होते हैं ।

  • ऊतकों के अध्ययन को क्या कहते हैं ?

ऊतक विज्ञान (Histology) ।

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