लीवर की संरचना एवं कार्य – (FUNCTIONS AND STRUCYURE OF LIVER)

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लीवर शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के “Hepar” नामक शब्द से हुई है जिसके कारण लीवर से सम्बन्धित विषयों को “Hepato” या “Hepatic” कहा जाता है । लीवर मानव शरीर का अति महत्वपूर्ण अंग है जो कि विषाक्त पदार्थों से शरीर की रक्षा करता है । प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को “हिपेटाइटिस दिवस” के रूप में मनाया जाता है । लीवर का हिन्दी नाम यकृत है । लीवर को यकृत, जिगर, कलेजा भी कहा जाता है ।

यकृत (लीवर) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि है जिसका रंग रक्ताभ धूसर होता है । मानव शरीर में लीवर पेट के दाहिने ऊपरी भाग में डायफ्राम के नीचे स्थित होता है ।

पुरुषों के लीवर (यकृत) का भार 1400 से 1600 ग्राम यानी 1.4 किलोग्राम से 1.6 किलोग्राम तक होता है । महिलाओं के लीवर (यकृत) का भार 1200 से 1400 ग्राम यानी 1.2 किलोग्राम से 1.4 तक किलोग्राम होता है । इस प्रकार एक वयस्क व्यक्ति में लीवर का वजन 1.3 किलोग्राम से 1.6 किलोग्राम तक होता है ।

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स्वस्थ व्यक्ति में लीवर का भार शरीर के भार का लगभग 1/50 भाग होता है तथा बच्चों में शरीर के भार का लगभग 1/20 भाग होता है ।

मनुष्य का लीवर मुख्यतः 02 प्रकार की कोशिकाओं – (1) यकृतीय कोशिका तथा (2) कुफर कोशिकाओं से बना होता है । यकृतीय कोशिकाएं यकृत की उत्सर्जी कोशिकाएं हैं । कुफर कोशिकाएं उस विशिष्ट तन्त्र के अन्तर्गत आती हैं जिसे रेटिक्यूला – एण्डोथिलीयल तन्त्र कहा जाता है ।

मानव यकृत कई छोटे-छोटे खण्डों से मिलकर बना होता है । प्रत्येक खण्ड कें यकृतीय कोशिकाएं होती है जिनके बीच में नन्ही-नन्ही पित्तीय कोशिकाएं होती हैं जो कि एक साथ मिलकर बड़ी वाहिकाएं बनाती हैं । इन वाहिकाओं को “कामन हिपैटिक डक्ट” (Comman Hepatic Duct) कहते हैं ।

“कामन हिपैटिक डक्ट” (Comman Hepatic Duct)  वाहिका पित्ताशय से आने वाली सिस्टिक वाहिका से मिलकर उभय पित्त वाहिका का निर्माण करती है । पित्त वाहिका ड्यूओडीनम मे खुलती है । ड्यूओडीनम पित्ताशय संचय करती है ।

लीवर (यकृत) के कार्य –

  • कार्वोहिड्रेट, प्रोटीन तथा पित्त का चयापचय करता है ।
  • प्रोथ्राम्बिन का निर्माण एवं संचय करता है ।
  • शरीर के विषाक्त पदार्थों के बाहर निकालता है ।
  • पित्त का निर्माण करता है ।
  • विटामिन बी12 को संचित करता है ।
  • रक्त में शर्करा को नियन्त्रित करने में सहयोग करता है ।
  • ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है ।
  • रक्त से bilirubin को अलग करता है ।
  • Antibody एवं Antigen का कार्य करता है ।

लीवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या-क्या खाना-पीना चाहिए ?

  • पालक तथा चुकन्दर के जूस में एक चुटकी काली मिर्च पाउचर मिला कर पीने से लीवर स्वस्थ होता है .
  • लौकी, हल्दी, धनिया, गिलोय के मिक्स जूस में काला नमक मिलाकर पीने से लीवर की सम्पूर्ण गन्दगी तथा विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं तथा लीवर स्वस्थ होता है ।
  • फाइबर एवं एण्टीआक्सीडेण्ट युक्त फल व पत्तेदार सब्जियों ( जैसे- सेब, अमरूद, पपीता, टमाटर, गाजर, अंगूर, धनिया, चुकन्दर, अखरोट, सोया, मेथी, लहसुन, पालक, लौकी, हल्दी, पत्ता गोभी आदि ) का सेवन लीवर को मजबूत करता है ।
  • दिन में कम से कम एक बार नीबू की चाय या नीबू पानी का सेवन किया जाय । इससे विषाक्त पदार्थ लीवर से बाहर निकल जाते हैं ।
  • ग्रीन टी का सेवन किया जाय । यह एण्टीआक्सीडेण्ट युक्त होने के कारण लीवर में वसा का जमाव नही होने देता ।
  • पर्याप्त नींद ली जाय तथा शुध्द जल का सेवन किया जाय ।
  • शराब, सिगरेट एवं तले भोज्य पदार्थों से बचें ।
  • भोजन में रेशेयुक्त भोज्य पदार्थ जैसे- जौ, ज्वार, बाजरा आदि का प्रतिदन सेवन किया जाय ।
  • ओलिव आयल का सेवन किया जाय तथा प्रतिदन कम से कम आधा घण्टे नियमित व्यायाम / प्राणायाम (कपालभाती, मत्स्येंद्रासन आदि) किया जाय ।

लीवर में होने वाली बीमारियां कौन-कौन सी हैं ?

लीवर में होने वाली बीमारियां निम्नलिखित हैं –

  • हेमोक्रोमैटोसिस ।
  • सिरोसिस ।
  • फैटी लीवर ।
  • हिपेटाइटिस ए ।
  • हिपेटाइटिस बी ।
  • हिपेटाइटिस सी ।
  • अल्कोहलिक हिपेटाइटिस ।
  • रक्तवर्णकता ।
  • लीवर कैंसर, पीलिया ।

लीवर रोगी का आहार में क्या-क्या लेना चाहिए ?

सुबह नास्ता (ब्रेकफास्ट)  में एक कटोरी गेहूं का दलिया एवं उबली सब्जियां, दोपहर (लंच) में मोटे अनाज (जैसे- जौ, मक्का आदि) की दो से तीन रोटियां, दो कटोरी सब्जी, 100 ग्राम पका पपीता एवं एक गिलास छाछ तथा रात (डिनर) में मोटे अनाज (जैसे- जौ, मक्का आदि) की एक से दो रोटी, एक कटोरी सब्जियों का सूप एवं एक कटोरी गेहूं का दलिया सेवन करना चाहिए ।

लीवर की बीमारी से पूर्व मिलने वाले संकेत –

  • लीवर के ऊपरी भाग में लगातार धीरे-धीरे दर्द होता रहता है ।
  • हाथ-पैर में सूजन आ जाती है ।
  • नाखून तथा आंखों में पीलापन आ जाता है ।
  • हमेशा शरीर थका हुआ सा रहता है तथा हल्की हरारत भी लगती है ।
  • अचानक किसी स्थान पर खुजली होने लगती है परन्तु त्वचा सामान्य दिखायी देती है ।
  • शरीर पर बार-बार नील निशान पड़ने लगते हैं जिनसे आसानी से खून निकल जाता है ।
  • बिना किसी ठोस कारण के अचानक शरीर का वजन बढने लगता है ।

लीवर कौन सा तरल पदार्थ निर्मित करता है ?

पित्त (Bile) ।

लीवर को अन्य किन-किन नामों से जाना जाता है ?

यकृत, जिगर, कलेजा ।

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