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प्लवन (FLOTATION)

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Couple canoeing in a lake
Couple canoeing in a lake
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उत्प्लावन बल (Buoyancy Force)

जब कोई ठोस वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो उसके भार में कुछ कमी का आभास होता है। भार में यह आभासी कमी द्रव के द्वारा वस्तु पर ऊपर की  तरफ लगाये जाने वाले बल के कारण होती है। इसी बल को उत्प्लावन बल कहते हैं।

आर्किमिडीज का सिध्दान्त (Theory of Archimedes)

जब कोई ठोस वस्तु किसी द्रव में पूरी अथवा आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो उसके भार में कुछ कमी का आभास होता है। भार में यह आभासी कमी वस्तु द्वारा हटाये गये द्रव के भार के बराबर होती है।

प्लवन का नियम (Law of Flotation)

1- सन्तुलित अवस्था में तैरने वाली ठोस वस्तु द्वारा अपने भार के बराबर द्रव विस्थापित किया जाता है।

2- तैरने वाली ठोस वस्तु का गुरुत्व केन्द्र तथा हटाये गये द्रव का गुरुत्व केन्द्र एक ऊर्ध्वाधर रेखा में होना चाहिए।

नोट- किसी ठोस वस्तु को किसी द्रव में तैरने के लिए प्लवन के उक्त दोनों नियमों का पालन होना अति आवश्यक हैं। किसी भी नियम का पालन न होने पर वस्तु द्रव में डूब जाती है।

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घनत्व (Density) क्या है ?

किसी पदार्थ के इकाई आयतन में निहित द्रव्यमान को उस पदार्थ का घनत्व (Density) कहते हैं। इसे P से प्रदर्शित करते हैं। इसका S.I. मात्रक किलोग्राम प्रति घनमीटर  या किलोग्राम मीटर-3 या ग्राम सेमी03 है।

P  =  m/ V    ( जहां P = घनत्व   , m = द्रव्यमान   , V = आयतन )

द्रव्यमान का घनत्व पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

किसी वस्तु का घनत्व उसके द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होता है अर्थात् द्रव्यमान अधिक होने पर घनत्व अधिक होता है तथा द्रव्यमान कम होने पर घनत्व कम होता है।

Woman With Safety Vest Kayaking Alone on a Calm Sea
Woman With Safety Vest Kayaking Alone on a Calm Sea
आयतन का घनत्व पर क्या प्रभाव पड़ता है ?

किसी वस्तु का घनत्व उसके आयतन के व्युत्क्रमानुपाती होता है अर्थात् आयतन अधिक होने पर घनत्व कम होता है तथा आयतन कम होने पर घनत्व अधिक होता है।

कुछ महत्वपूर्ण पदार्थों के घनत्वः 
पदार्थ का नाम घनत्व (Kg/meter3)
हाइड्रोजन 0.0898
हीलियम 0.179
एरोग्रेफाइट 0.2
वायु  (समुद्र तल पर) 1.2
द्रव हाइड्रोजन 70
लीथियम 535
लकड़ी

 

700
पोटैशियम 860
वर्फ 916.17
कुकिंग आंयल 910 – 930 तक
जल (फ्रेस)   (40 सेल्सियस पर) 1,000
जल (नमकयुक्त) 1,030
द्रव आक्सीजन 1,141
स्वर्ण 19,320
चांदी 10,500

 

मरकरी  (पारा) 13,546
निकिल 8,900
कोबाल्ट 8,900
सीसा 11,340
यूरेनियम 18,800
टंगस्टन 19,300
लोहा 7,870
टिन 7,310
हीरा 3,500
टाइटेनियम 4,500
एन्टीमनी 6,690
जिंक 7,000
मैंगनीज 7,325
सेलेनियम 4,800
एलुमिनियम 2,700

 

आपेक्षिक घनत्व (Relative Density) क्या है ?

किसी पदार्थ के घनत्व तथा जल के घनत्व के अनुपात को उस पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व (Relative Density) कहते हैं। आपेक्षिक घनत्व एक अनुपात है। इसका कोई मात्रक नही होता । आपेक्षिक घनत्व को विशिष्ट गुरुत्व भी कहते हैं।

आपेक्षिक घनत्व को हाइड्रोमीटर से मापा जाता है।

आपेक्षिक घनत्व = वस्तु का घनत्व /40C पर पानी का घनत्व    ( जहां C = सेल्सियस)

दुग्ध की शुध्दता लैक्टोमीटर से मापी जाती है।

यदि किसी पानी से भरे वर्तन में बर्फ तैर रही है तो बर्फ पूरी तरह पिघल जाने के बाद भी पानी का तल अपरिवर्तित रहता है।

जब बर्फ का टुकड़ा समुद्र के पानी में तैरता है तो उसके आयतन का 1/10 भाग पानी के ऊपर रहता है।

नदी के जल की अपेक्षा समुद्र के जल का घनत्व अधिक होता है जिसके कारण समुद्र में तैरना आसान होता है।

यदि किसी पदार्थ या तरल का अपेक्षिक घनत्व 1 से कम है तो इसका तात्पर्य यह है कि उक्त पदार्थ या तरल जल से कम सघन है।

यदि किसी पदार्थ या तरल का अपेक्षिक घनत्व 1 से अधिक है तो इसका तात्पर्य यह है कि उक्त पदार्थ या तरल जल से अधिक सघन है।

यदि किसी पदार्थ या तरल का अपेक्षिक घनत्व 1 है तो इसका तात्पर्य यह है कि उक्त पदार्थ या तरल जल जितना सघन है।

पानी का घनत्व 40C पर सबसे अधिक होता है।

मित्त केन्द्र (Meta Centre) क्या है ?

किसी द्रव पर तैरती हुई वस्तु द्वारा विस्थापित किये गये द्रव के गुरुत्व केन्द्र को उत्प्लावन बल कहते हैं। उक्त उत्प्लावन बल से जाने वाली ऊर्ध्व रेखा जिस बिन्दु पर वस्तु के गुरुत्व केन्द्र से आने वाली प्रारम्भिक उर्ध्व रेखा को काटती है उसे ही मित्त केन्द्र  (Meta Centre) कहते हैं।

तैरने वाली वस्तु के स्थायी सन्तुलन की क्या शर्तें हैं ?

तैरने वाली वस्तु के स्थायी सन्तुलन के लिए 02 शर्ते आवश्यक हैंः

(1) मित्त केन्द्र गुरुत्व केन्द्र के ऊपर होना चाहिए।

(2) वस्तु का गुरुत्व केन्द्र तथा हटाये गये द्रव का गुरुत्व केन्द्र एक ऊर्ध्वाधर रेखा में होना चाहिए।

उक्त दोनों शर्तों में से कोई भी शर्त पूरी न होने पर तैरने वाली वस्तु डूब जाती है।

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