Saturday, September 19, 2020
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तरंग (WAVE)

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  • तरंग (Wave) 

तरंग का अर्थ है- लहर। भौतिक विज्ञान में तरंग का अर्थ कम्पन या दोलन होता है।

तरंग ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने का माध्यम है अर्थात् तरंगों के द्वारा ही ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है।

  • तरंग के प्रकार (Type of Wave)

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तरंग दो प्रकार की होती है – यांत्रिक तरंग (Mechanical Wave) तथा अयांत्रिक तरंग या विद्युत चुम्बकीय तरंग (Non-Mechanical Wave or Electromagnetic Wave)।

  • यांत्रिक तरंग (Mechanical Wave)

वे तरंगे जो किसी पदार्थ (ठोस, द्रव, गैस) के माध्यम से संचरित होती हैं, यांत्रिक तरंगे (Mechanical Waves) कहलाती हैं। जैसे – ध्वनि तरंग, पराश्रव्य तरंग, जल की सतह पर ङठने वाली तरंग, पराध्वनिक तरंग आदि।

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यांत्रिक तरंगे (Mechanical Waves) दो प्रकार की होती हैं- अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) तथा अनुप्रस्थ तरंग(Transverse Wave)।

  • अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Waves)-

वे तरंगें जिसमें तरंग गति की दिशा माध्यम के कणों के कम्पन की दिशा के समान्तर होती है, अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal Wave) कहलाती हैं। जैसे- ध्वनि तरंग, भूकम्प तरंगें, स्प्रिंग में उत्पन्न तरंगें आदि।

अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Waves) सभी माध्यमों (ठोस, द्रव तथा गैस) में उत्पन्न की जा सकती हैं तथा ये तरंगं संपीडन एवं विरलन के रूप में संचरित होती हैं।

Wave
Wave

  • अनुप्रस्थ तरंग(Transverse Wave)

वे तरंगें जिसमें तरंग गति की दिशा माध्यम के कणों के कम्पन करने की दिशा के लम्बवत  होती है, अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Wave) कहलाती हैं।

अनुप्रस्थ तरंगें (Transverse Wave) मात्र ठोस माध्यम तथा द्रवों की ऊपरी सतह में उत्पन्न की जा सकती हैं।

ये तरंगें द्रवों के भीतर तथा गैसों में नही उत्पन्न की जा सकती।

  • अयांत्रिक तरंग या विद्युत चुम्बकीय तरंग (Non-Mechanical Wave or Electromagnetic Wave)

वे तरंगें जिनके संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नही पड़ती अर्थात् निर्वात में भी संचरित हो सकती हैं, अयांत्रिक तरंग या विद्युत चुम्बकीय तरंगें (Non-Mechanical Wave or Electromagnetic Wave) कहलाती हैं । जैसे- ऊष्मीय विकिरण, एक्स किरणें, गामा किरणें, पराबैगनी किरणें, अवरक्त किरणें, दृश्य विकिरण, रेडियो तरंगें, समप्रकाश तरंगें आदि।

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विद्युत चुम्बकीय तरंगों की चाल प्रकाश की चाल के बराबर अर्थात् तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकेण्ड होती हैं।

सभी विद्युत चुम्बकीय तरंगो की चाल समान तथा तरंग दैर्ध्य अलग-अलग होती हैं।

विद्युत चुम्बकीय तरंगें चुम्बकीय एवं विद्युत क्षेत्रों के दोलन से उत्पन्न होती हैं।

विद्युत चुम्बकीय तरंगों की तरंग दैर्ध्य 10-14m से 104 तक होती है।

सभी विद्युत चुम्बकीय तरंगें फोटान की बनी होती हैं।

विद्युत चुम्बकीय तरंगों की प्रकृति उदासीन होती है।

  • कुछ प्रमुख विद्युत चुम्बकीय तरंगेंः 

  • गामा किरणेंः 

गामा किरणों की खोज पाल विलार्ड ने की थी । गामा किरणों की तरंग दैर्ध्य 10-14m से 10-10m तथा आवृत्ति 1020 से 1018 हर्ट्ज तक होती है । इस किरण का उपयोग नाभिकीय अभिक्रिया एवं कृत्रिम रेडियोधर्मिता में की जाती है।

  • एक्स किरणेंः

एक्स किरणों की खोज रोन्टजन ने की थी । एक्स किरणों की तरंग दैर्ध्य 1010m से 108m तथा आवृत्ति 1018 से 1016 हर्ट्ज तक होती है। इस किरण का उपयोग चिकित्सा एवं औद्योगिक क्षेत्र में किया जाता है।

  • पराबैगनी किरणेंः

पराबैगनी किरणों की खोज रिटर ने की थी। पराबैगनी किरणों की तरंग दैर्ध्य 108m से 107 m तथा आवृत्ति 1016 से 1014 हर्ट्ज तक होती है। इस किरण का उपयोग वैक्टीरिया नष्ट करने, सिंकाई करने तथा प्रकाश वैद्युत प्रभाव उत्पन्न करनें में किया जाता है।

  • अवरक्त विकिरणः

अवरक्त विकिरण की खोज हर्सेल ने की थी।अवरक्त विकिरण की तरंग दैर्ध्य 7.8 × 107m से 103 m तथा आवृत्ति 1012 से 1010 हर्ट्ज तक होती है। इस विकिरण का उपयोग कुहरे में फोटोग्राफी करने तथा रोगियों की सिंकाई करने में किया जाता है।

  • दृश्य- विकिरणः

दृश्य- विकिरण की खोज न्यूटन ने की थी। दृश्य- विकिरण की तरंग दैर्ध्य 3.9 × 107m से 7.8 × 107 m तथा आवृत्ति 1014 से 1012 हर्ट्ज तक होती है। इस विकिरण से वस्तुएं दिखायी देती हैं।

  • दीर्घ रेडियो तरंगेंः

दीर्घ रेडियो तरंग की खोज प्रसिध्द वैज्ञानिक मारकोनी ने की थी। दीर्घ रेडियो तरंग की तरंग दैर्ध्य 1m से 104 m तथा आवृत्ति 106 से 104 हर्ट्ज तक होती है। इस तरंग का उपयोग रेडियो तथा टेलीविजन में किया जाता है।

  • लघु रेडियो तरंगेंः

लघु रेडियो तरंग की खोज प्रसिध्द वैज्ञानिक हेनरिक हर्टज ने की थी। लघु रेडियो तरंग की तरंग दैर्ध्य 10-3 से 1m तथा आवृत्ति 1010 से 108 हर्ट्ज तक होती है। इस तरंग का उपयोग रेडियो, टेलीफोन  टेलीविजन में किया जाता है।

  • तरंग गति क्या है ?

किसी कारक द्वारा उत्पन्न विक्षोभ को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को तरंग गति कहते हैं।

जैसे- तालाब के पानी में कंकड़ डालने पर कंकड़ पानी के अणुओं में गति लाता है, ये अणु अपने पास के अणुओं में गति लाते हैं। उक्त प्रक्रम तब तक चलता है जब तक  विक्षोभ तालाब के किनारों तक नही पहुंच जाता।

  • आयाम क्या है ?

दोलन करने वाली वस्तु अपनी साम्य स्थिति के किसी भी तरफ अधिकतम जितनी दूर जाती है, उस दूरी को ही दोलन का आयाम कहते हैं।

  • तरंग दैर्ध्य क्या है ?

अनुप्रस्थ तरंगों में दो पास-पास के श्रृंगों या गर्तों के बीच की दूरी तथा अनुदैर्ध्य तरंगों में क्रमागत दो संपीडनों या विरलनों के मध्य की दूरी को तरंग दैर्ध्य कहते हैं।

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