I.A.S.आफीसर पाठ्यक्रम तथा परीक्षा पैटर्न 2020 (I.A.S. Officer,Syllobus and Exam pattern 2020)

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I.A.S. का फुल फार्म Indian Administrative  Service  है जिसे हिन्दी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहते हैं। आई0 ए0 एस0 की परीक्षा UPSC द्वारा कराई जाती है जिसका फुल फॉर्म “Union Public Service Comission” है  जिसका  हिन्दी नाम “संघ लोक सेवा आयोग” है।

  • आई0 ए0 एस0 ऑफिसर बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यताः

आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक  डिग्री होना आवश्यक है। यदि आप स्नातक के  अन्तिम वर्ष में है अथवा अन्तिम वर्ष की परीक्षा दे चुके हैं और परिणाम का इन्तजार कर रहे हैं तो भी आप इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं परन्तु मुख्य परीक्षा में भाग लेने से पहले स्नातक की डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है।

  • आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमाः 

आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष है अधिकतम आयु सीमा प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग निर्धारित है जो निम्नवत हैः

सामान्य वर्ग के लिए-  32 वर्ष।

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अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए-  38 वर्ष।

एस0 सी0/ एस0 टी0 वर्ग के लिए – 42 वर्ष।

EWS-  32 वर्ष (कोई छूट नहीं)।

डिसएबल सर्विसमैन तथा डिसएबल फ्रॉम ड्यूटी सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष।

जन्म से शारीरिक रूप से विकलांग अभ्यर्थी के लिए –  42 वर्ष।

  • आप आई0 ए0 एस0 ऑफिसर बनने के लिए कितनी बार परीक्षा दे सकते हैं ?

आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए प्रत्येक वर्ग की अलग-अलग एग्जाम अटेम्प्ट लिमिट निर्धारित की गई है जो निम्नवत हैः

  • सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 6 बार एग्जाम दे सकते हैं।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 9 बार एग्जाम दे सकते हैं।
  • एस0 सी0/ एस0 टी0 वर्ग के अभ्यर्थी के लिए एग्जाम अटेम्प्ट की कोई सीमा निर्धारित नहीं है अर्थात ओवर एज होने के पूर्व वे जितनी बार चाहें उतनी बार एग्जाम दे सकते हैं।
  • सामान्य तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के शारीरिक रूप से विकलांग अभ्यर्थी कुल 9 बार परीक्षा दे सकते हैं तथा एस0 सी0/ एस0 टी0 वर्ग के विकलांग अभ्यर्थी ओवर एज होने तक जितनी बार चाहें उतनी बार परीक्षा दे सकते हैं।
  • आवेदन प्रक्रियाः आवेदन पत्र आनलाइन भरा जाता है।
  • परीक्षा पैटर्नः  आफलाइन।
  • आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए परीक्षा कितने चरणों में सम्पन्न होती है ?

आई0 ए0 एस0 ऑफीसर बनने के लिए परीक्षा निम्नांकित तीन चरणों में सम्पन्न होती हैः

  • प्रारम्भिक लिखित परीक्षा।
  • मुख्य लिखित परीक्षा।
  • साक्षात्कार।
  • प्रश्नपत्र की आप्शनल (वैकल्पिक) भाषाः

हिन्दी, संस्कृत, गुजराती, मणिपुरी, सिंधी, वंगाली, तमिल, कन्नड़, उड़िया, उर्दू, कश्मीरी, तेलगू, कोंकणी, पंजाबी, मलयालम, अंग्रेजी तथा मराठी।

  • प्रारम्भिक लिखित परीक्षा-

इस परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं।  प्रथम प्रश्न पत्र जनरल एबिलिटी टेस्ट (सामान्य अध्ययन) तथा दूसरा प्रश्नपत्र सिविल सर्विस एप्टीट्यूट टेस्ट (सीसैट) होता है। दोनों प्रश्नपत्र में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रथम प्रश्नपत्र 200 अंकों का होता हैं जिसमें कुल 100 प्रश्न पूंछे जाते है तथा प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है।  दूसरा प्रश्नपत्र 200 अंकों का होता हैं जिसमें कुल 80 प्रश्न पूंछे जाते है तथा प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का होता है।

दोनों प्रश्न पत्रों में, “निगेटिव मार्किंग” होता हैं। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.66 अंक काटे जाते हैं परन्तु सीसैट में निर्णयन क्षमता से सम्बन्धित प्रश्नों के गलत उत्तर देने पर कोई अंक नही काटे जाते।

प्रारम्भिक परीक्षा मात्र क्वालीफाइंग होती है। इस परीक्षा में कट-आफ का निर्धारण मात्र प्रथम प्रश्नपत्र (सामान्य एबिलिटी टेस्ट यानी सामान्य अध्ययन) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाता है परन्तु द्वितीय प्रश्नपत्र (सीसैट)  33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है।

  • पेपर प्रथम (सामान्य एबिलिटी टेस्ट) का पाठ्यक्रम                    (पूर्णांकः 200 अंक)

राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं।

भारत का प्राचीन, मध्यकालीन तथा आधुनिक इतिहास।

भारतीय राज्यतन्त्र तथा शासनः राजनीतिक प्रणाली, संविधान, पंचायती राज व्यवस्था, लोकनीति तथा अधिकारों सम्बन्धी मुद्दे आदि।

सामान्य विज्ञान।

पर्यावरणः जलवायु परिवर्तन सम्बन्धी सामान्य मुद्दे, जैव विविधता, पर्यावरणीय पारिस्थितिकी।

सामाजिक तथा आर्थिक विकासः सतत विकास, समावेशन, गरीबी, जनसांख्यिकी तथा सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि।

भारत एवं विश्व का भूगोलः भारत तथा विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल।

  • पेपर द्वितीय (सिविल सर्विस एप्टिट्यूड टेस्ट) का पाठ्यक्रम                (पूर्णांक 200 अंक)

निर्णय लेना तथा समस्या समाधान।

बोधगम्यता।

सामान्य मानसिक योग्यता।

तार्किक तर्क तथा विश्लेषणात्मक क्षमता।

संचार कौशल तथा वैयक्तिक कौशल।

आधारभूत संख्ययनः संख्याएं एवं उनके सम्बन्ध, विस्तार क्रम आदि (10 वीं कक्षा स्तर का), आंकडों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि 10 वीं कक्षा स्तर का)।

अंग्रेजी भाषा में बोधगम्यता कौशल (10 वीं कक्षा स्तर का ।

  • मुख्य लिखित परीक्षाः

यह सिविल सेवा परीक्षा का दूसरा चरण है जिसमें प्रारम्भिक लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी भाग लेते हैं। इस परीक्षा में कुल 9 प्रश्न पत्र होते हैं जिनमें वर्णनात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें से 02 प्रश्नपत्र (पेपर A तथा B) तीन-तीन सौ अंकों के होते हैं जो मात्र क्वालीफाइंग होते है जिसमें प्रत्येक प्रश्नपत्र में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इनके अंक अन्तिम परिणाम में नही जोड़े जाते हैं। शेष 07 प्रश्न पत्र में से पहला प्रश्नपत्र निबन्ध, अगला चार प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन तथा अन्तिम दो प्रश्नपत्र वैकल्पिक विषय का होता है, प्रत्येक प्रश्नपत्र ढाई-ढाई -सौ अंको का होता है जिसके लिए कुल 1750 अंक निर्धारित हैं, जिनके अंक अन्तिम परिणाम अर्थात् अन्तिम चयन सूची में जोड़े जाते हैं।

  • क्वालीफाइंग पेपर्स-

  • प्रश्नपत्र (A)                                                                 (पूर्णांक 300 अंक)

भारतीय संविधान की 8 वीं अनुसूची में सम्मिलित कोई एक भाषा उम्मीदवार द्वारा चुनी जायेगी।

  •  प्रश्नपत्र (B)                                                                 (पूर्णांक 300 अंक)

अंग्रेजी काम्प्रिहेंशन तथा सार लेखन (10 वीं कक्षा स्तर का)।

पेपर (A) तथा (B) मात्र क्वालीफाइंग है जिसमें प्रत्येक प्रश्नपत्र में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इनके अंक अन्तिम परिणाम में नही जोड़े जायेंगे।

  • प्रश्नपत्र 1                                                               (पूर्णांक 250 अंक) 

निबन्ध (करेंट अफेयर्स या पाठ्यक्रम के अन्य किसी टापिक पर)।

  • प्रश्नपत्र 2 सामान्य अध्ययन                                     (पूर्णांक 250 अंक) 
  •  भारतीय संस्कृत एवं विरासत, अर्थव्यवस्था, भारत तथा विश्व का इतिहास व भूगोलः

भारतीय संस्कृत में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक की कला के रूप, साहित्य तथा वास्तुकला के मुख्य पहलू।

19वीं सदी के मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व तथा विषय।

स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरण तथा देश के विभिन्न भागों से अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति एवं उनका योगदान।

स्वतंत्रता के पश्चात देश के अंदर एकीकरण तथा पुनर्गठन।

भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं तथा भारत की विविधता

विश्व इतिहास में 18वीं शताब्दी की घटनाएं जैसे औद्योगिक क्रांति विश्वयुद्ध राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन उपनिवेश बाद उपनिवेश बात की समाप्ति राजनीति दर्शनशास्त्र जैसे पूंजीवाद, समाजवाद, साम्यवाद आदि के रूप तथा उनका समाज पर प्रभाव।

महिलाओं की भूमिका तथा महिला संगठन, जनसंख्या तथा संबंधी मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय शहरीकरण, उनकी समस्याएं तथा उनके रक्षा के उपाय।

भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।

सामाजिक सशक्तिकरण, क्षेत्रवाद संप्रदायवाद तथा धर्मनिरपेक्षता।

विश्व का भूगोल तथा भूगोल की विशेषताएं।

भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी हलचल, चक्रवात आदि से संबंधित महत्वपूर्ण भू-भौतिकी घटनाएं।

विश्व के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण, दक्षिण एशिया तथा भारतीय उपमहाद्वीप को सम्मिलित करते हुए विश्व भारत सहित विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीय तथा तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक।

  • प्रश्नपत्र 3 सामान्य अध्ययन                                                (पूर्णांक 250 अंक) 

  • संविधान, शासन, राज्य व्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धः

संघ तथा राज्य के कार्य एवं उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय तथा चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों तथा वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियां।

विभिन्न घटकों के मध्य शक्तियों का पृथक्करण विवाद निवारण तंत्र एवं संस्थान।

भारतीय संविधान, ऐतिहासिक आधार ,विकास, विशेषताएं, महत्वपूर्ण प्रावधान, संशोधन तथा बुनियादी ढांचा।

संसद तथा राज्य विधायिका की संरचना, कार्य, शक्तियां तथा विशेषाधिकार ।

न्यायपालिका तथा कार्यपालिका की संरचना, संगठन, सरकार के मंत्रालय तथा विभाग, प्रभा वर्क समूह तथा अनौपचारिक / औपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं।

संवैधानिक पदों पर नियुक्ति तथा विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियां, कार्य तथा उत्तरदायित्व।

संविधानिक,. विनियामक तथा विभिन्न अर्ध न्यायिक निकाय , स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों तथा संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत तथा अन्य पक्षों की भूमिका।

सरकारी नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

केंद्र तथा राज्यों द्वारा जनसंख्या की अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं।

स्वास्थ्य शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र सेवाओं के विकास तथा प्रबंधन से संबंधित विषय।

गरीबी तथा भूख से संबंधित विषय।

लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।

भारत तथा उसके पड़ोसी देशों से संबंध।

शासन व्यवस्था पारदर्शिता तथा जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष।

ई गवर्नेंस के अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं तथा संभावनाएं।

नागरिक चार्टर, पारदर्शिता तथा जवाबदेही एवं संस्थागत तथा अन्य उपाय।

द्विपक्षीय क्षेत्रीय तथा वैश्विक समूह एवं भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

  • प्रश्नपत्र 4 सामान्य अध्ययन                                      (पूर्णांक 250 अंक)

  • आर्थिक विकास, जैव विविधता, प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबन्धन, पर्यावरण सुरक्षा तथा प्रौद्योगिकीः

सरकारी बजट।

भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय।

समावेशी विकास तथा उससे उत्पन्न विषय।

मुख्य फसलें, देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न, सिंचाई के साधन, कृषि, उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन।

किसानों को दी जाने वाली ई-प्रौद्योगिकी।

भारत में खाद्य प्रसंस्करण तथा उससे संबंधित उद्योग।

प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष कृषि, न्यूनतम समर्थन मूल्य,जन वितरण प्रणाली के उद्देश्य, कार्य व सीमाएं।

बफर स्टाक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय

प्रौद्योगिकी मिशन पशुपालन संबंधी अर्थशास्त्र।

भारत में भूमि सुधार ।

उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव ।

निवेश मॉडल ।

विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास तथा अनुप्रयोग एवं रोजमर्रा के जीवन पर इनका प्रभाव ।

बुनियादी ढांचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि ।

विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां।

नई प्रौद्योगिकी का विकास।

सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, कंप्यूटर, नैनो,टेक्नोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषय,के संबंध में जागरूकता।

पर्यावरण प्रदूषण तथा क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

विकास तथा फैलते से उग्रवाद के मध्य संबंध।

आपदा तथा आपदा प्रबंधन।

आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां तथा उनका प्रबंधन और आतंकवाद के बीच संबं ।

विभिन्न सुरक्षा बल, सीमाएं, तथा उनके अधिदेश।

  • प्रश्नपत्र 5 सामान्य अध्ययन                                     (पूर्णांक 250 अंक) 

  • नीति, अखण्डता तथा अभिक्षमताः

सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य।

अभिवृत्ति, सारांश, कंटेंट, संरचना, वृद्धि विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव ।

नीति शास्त्र तथा माननीय सह संबंध।

मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र।

नीतिशास्त्र के आयाम।

निजी तथा सार्वजनिक संबंधों  में नीतिशास्त्र।

मानवीय मूल्य के नेताओं, सुधारको तथा प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज तथा शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका ।

सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर तरफदारी निष्पक्षता, सार्जजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

भावनात्मक समझः अवधारणाएं तथा प्रशासन एवं शासन व्यवस्था में उनका प्रयोग।

लोक प्रशासनों में लोक,/ सिविल सेवा मूल्य तथा नीति शास्त्र की स्थिति एवं समस्याएं।

सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएं, सुविधाएं, नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विधि नियम।

भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों और दार्शनिकों की योगदान।

नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण, अंतरराष्ट्रीय संबंध तथा निधि व्यवस्था में नैतिक मुद्दे कारपोरेट शासन व्यवस्था ।

शासन व्यवस्था में ईमानदारी, लोक सेवा की अवधारणा ।

शासन व्यवस्था तथा ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान प्रदान तथा पारदर्शिता।

सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, नागरिक घोषणा,पत्र, आचार संगीता, कार्यविधि, संस्कृति सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां

प्रश्नपत्र 6 वैकल्पिक विषय (पेपर 1)                       (पूर्णांक 250 अंक)

वैकल्पिक विषय

प्रश्नपत्र 7  वैकल्पिक विषय (पेपर 2)                      (पूर्णांक 250 अंक) 

वैकल्पिक विषय ।

प्रश्नपत्र के आप्शनल (वैकल्पिक) विषयः

कृषि विज्ञान, प्रबन्ध शास्त्र, पशुपालन तथा पशुचिकित्सा विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, मानव शास्त्र, यान्त्रिक अभियान्त्रिकी, रसायन शास्त्र, दर्शन शास्त्र, भौतिकी, वाणिज्य तथा  लेखा शास्त्र, राजनीति विज्ञान तथा अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, विद्युत अभियान्त्रिकी, लोक प्रशासन, भूगोल, समाजशास्त्र, भू-विज्ञान, सांख्यिकी, भारतीय इतिहास, विधिशास्त्र, प्राणि विज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग, नागरिक शास्त्र, शिक्षाशास्त्र।

साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण                                       (पूर्णांक 275 अंक)

सिविल सेवा परीक्षा का तीसरा तथा अन्तिम चरण है। मुख्य लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद अभ्यर्थी का साक्षात्कार लिया जाता है  जिसमें सफल होने पर मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अन्तिम मेरिट सूची तैयार की जाती है जिसमें सफल अभ्यर्थियों को आई0 ए0 एस0 अधिकारी चुना जाता है ।

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