Monday, September 21, 2020
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भारतीय प्रधानमन्त्री एवं मन्त्रिपरिषद (Indian Prime Minister and Council of Ministers)

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प्रधानमन्त्री

भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 74 के अनुसार भारतीय राष्ट्रपति के कार्यों में सहयोग तथा परामर्श देने के लिए एक मन्त्रपरिषद होती है जिसका प्रधान प्रधानमन्त्री होता है । प्रधानमन्त्री संघ की कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख होता है । प्रधानमन्त्री मन्त्रिपरिषद का अध्यक्ष, लोकसभा तथा संसद में अपनी पार्टी का नेता होता है । प्रधानमन्त्री नीति आयोग का पदेन अध्यक्ष होता है । प्रधानमन्त्री जब अपने पद से त्यागपत्र दे सकता है एवं राष्ट्रपति द्वारा पदच्यूत भी किया जा सकता है । भारत में आज तक किसी भी प्रधानमन्त्री को पदच्यूत नही किया गया है ।

प्रधानमन्त्री पद की योग्यता –

  • संसद के किसी भी सदन का सदस्य हो ।
  • सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर नियुक्त न हो ।
  • पागल या दिवालिया न हो ।

प्रधानमन्त्री की नियुक्ति –

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प्रधानमन्त्री की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 75 (1) के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है । राष्ट्रपति द्वारा बहुमत प्राप्त दल या गठबन्धन ( दो या दो से अधिक दलों के समूह) के नेता को प्रधानमन्त्री पद पर नियुक्त किया जाता है ।

प्रधानमन्त्री बनने के लिए संसद की सदस्यता होनी चाहिए परन्तु यदि संसद का सदस्य नही है तो प्रधानमन्त्री पद की शपथ ग्रहण करने के 06 माह के अन्दर संसद की सदस्यता प्राप्त किया जाना आवश्यक है अन्यथा पद त्याग करना पडता है ।

मन्त्रिमण्डल का विघटन –

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भारतीय संविधान के अनुच्छेद-75(1) के अनुसार प्रधानमन्त्री मन्त्रिमण्डल का प्रधान होता है जिसके कारण प्रधानमन्त्री की मृत्यु हो जाने या उसके द्वारा त्यागपत्र दे दिए जाने पर स्वत: मन्त्रिमण्डल का विघटन हो जाता है ।

स्वतन्त्र भारत के अब तक के प्रधानमन्त्री –

स्वतन्त्र भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू थे जो 15-08-1947 से 27-05-1964 तक कुल 16 वर्ष 09 माह 13 दिन प्रधानमन्त्री रहे । ये वे प्रधानमन्त्री हैं जो सबसे अधिक समय तक भारत के प्रधानमन्त्री रहे । प्रधानमन्त्री पद पर रहते हुए ही 27-05-1964 को पण्डित जवाहर लाल नेहरू की मृत्यू हो जाने के बाद गुलजारी लाल नन्दा कार्यवाहक प्रधानमन्त्री (27-05-1964 से 09-06-1964 तक) रहे । दिनांक 09-06-1964 को भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री बने जो 11-01-1966 तक भारत के प्रधानमन्त्री रहे । प्रधानमन्त्री पद पर आसीन रहते हुए ही 11-01-1966 को प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गयी । दिनांक 11-01-1966 को पुन: गुलजारी लाल नन्दा भारत के कार्यवाहक प्रधानमन्त्री बने जो कि 24-01-1966 तक भारत के कार्यवाहक प्रधानमन्त्री रहे । दिनांक 24-01-1966 को भारत की तीसरी प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी बनीं जो 24-03-197 तक भारत की प्रधानमन्त्री रहीं ।

तत्पश्चात भारत के चौथे प्रधानमन्त्री मोरारजी देसाई (24-03-1977 से 28-07-1979 तक), पांचवें प्रधानमन्त्री चौधरी चरण सिंह (28-07-1979 से 14-01-1980 तक), छठवें प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी (14-01-1980 से 31-10-1984 तक), सातवें प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी (31-101980 से 01-12-1989 तक), आठवें प्रधानमन्त्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (02-12-1989 से 10-11-1990 तक), नवें प्रधानमन्त्री चन्द्रशेखर सिंह (10-11-1990 से 21-06-1991 तक), दसवें प्रधानमन्त्री पी0 वी0 नरसिंहा राव (21-06-1991 से 16-05-1996 तक), ग्यारहवें प्रधानमन्त्री अटल विहारी बाजपेयी (16-05-1996 से 01-06-1996 तक), बारहवें प्रधानमन्त्री ( एच0 डी0 देवगौंडा ( 01-06-1996 से 21-04-1997 तक), तेरहवें प्रधानमन्त्री आई0 के0 गुजराल (21-04-1997 से 18-03-1998 तक), चौदहवें प्रधानमन्त्री अटल बिहारी बाजपेयी ( 19-03-1998 से 13-10-1999 तक), पन्द्रहवें प्रधानमन्त्री अटल विहारी बाजपेयी (13-10-1999 से 21-05-2004 तक) तथा सोलहवें प्रधानमन्त्री डा0 मनमोहन सिंह (22-05-2004 से 25-05-2014 तक) रहे ।

भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी हैं जो 25-05-2014 से अब तक लगातार भारत के प्रधानमन्त्री हैं ।

इस प्रकार पण्डित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री तथा इन्दिरा गांधी भारत के ऐसे प्रधानमन्त्री हैं जिनकी मृत्यु इनके कार्यकाल के दौरान हुई है । भारत की प्रथम महिला प्रधानमन्त्री इन्दिरा गांधी रहीं हैं ।

प्रधानमन्त्री चौधरी चरण सिंह तथा अटल बिहारी बाजपेयी भारत के ऐसे प्रधानमन्त्री थे जो लोकसभा में विश्वास मत  प्राप्त करने के पहले ही त्यागपत्र  दे दिए थे । विश्वनाथ प्रताप सिंह तथा एच0डी0 देवगौंडा भारत के ऐसे प्रधानमन्त्री थे जो लोकसभा में विश्वास मत  प्राप्त करने में असफल रहने के कारण त्यागपत्र दे दिए थे ।

मन्त्रिपरिषद-

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के तहत मन्त्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है । मन्त्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति के समक्ष लेनी पडती है । मन्त्री 03 प्रकार (कैबिनेट मन्त्री, राज्य मन्त्री तथा उप मन्त्री) को होते हैं । वर्ष 2003 में हुए 71 वें सविधान संशोधन के अनुसार मन्त्रिपरिषद के सदस्यों की अधिकतम संख्या निचले सदल की कुल सदस्य संख्या का 15% तक हो सकती है ।  कैबिनेट मन्त्री प्रथम श्रेणी के मन्त्री, राज्य मन्त्री द्वितीय श्रेणी के मन्त्री तथा उप मन्त्री तृतीय श्रेणी के मन्त्री होते हैं ।

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