जीव विज्ञान भाग-02 (Biology Part-02)

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पाचन तन्त्र

(Digestive System)

पाचन क्या है?

पाचन एक रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें मानव शरीर  एन्जाइम की सहायता से भोजन के बडे अणुओं (प्रोटीन वसा तथा कार्बोहाइड्रेट) को छोटे अणुओं (प्रोटीन को अमीनो अम्ल में, कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में तथा वसा को वसीय अम्ल एवं ग्लिसराल में) परिवर्तित करके अवशोषित करता है। मनुष्य के पाचन तन्त्र के भाग  मुख, यकृत, अमाशय, अग्न्याशय, छोटी आंत तथा बड़ी आंत हैं। मानव शरीर की पाचन क्रिया मुख से प्रारम्भ होकर बड़ी आंत में समाप्त होती है

मुखः

भोजन को मुख में चबाते समय मुख से निकलने वाली लार भोजन में मिल जाती है, लार में पाया जाने वाला टायलिन नामक एन्जाइम भोजन में मौजूद स्टार्च को माल्टोज में परिवर्तित कर देता है। लार की प्रकृति अम्लीय होती है । लार में 98. 5% पानी तथा 1.5 प्रतिशत एन्जाइम पाया जाता है। लार भोजन को चबाने में भी मदद करती है।

यकृतः

मुख से भोजन यकृत में पहुंचता है जहां पर यकृत से निकलने वाला पित्त रस भोजन में मिल जाता है। यकृत मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जिसका वजन करीब पंद्रह सौ ग्राम होता है। यकृत में पित्त रस का अधिक निर्माण होने पर पीलिया रोग हो जाता है जिसमें शरीर में खून तथा  लौह तत्व की कमी हो जाती है।

यकृत के कार्यः

(1) यकृत मानव शरीर के रक्त का ताप नियन्त्रित करता है।

(2) ग्लूकोज की मात्रा नियन्त्रित करता है।

(3) यूरिया तथा पित्त रस का निर्माण करता है।

 आमाशयः

आमाशय में पाचन क्रिया जठर रस के द्वारा होती है। एमाइलेज कारबोहाइड्रैड को गलाता है तथा लाइपेज वसा को गलाता है। यकृत से होकर भोजन आमाशय में पहुंचता है जहां पर आमाशय से निकलने वाले जठर रस में मौजूद रेनिन तथा पेप्सिन नामक एंन्जाइम भोजन में मिल जाता है। पेप्सिन प्रोटीन को सरल पदार्थों में बदल देता है तथा  रेनिन दूध में घुली हुई प्रोटीन कोसीनोजेन को ठोस प्रोटीन कैल्शियम पैराक्सीनेट में बदल देता है। प्रोटीन का पाचन अमाशय में ही होता है।

अग्न्याशयः

अग्न्याशय में अग्न्याशय  रस बनता है जो भोजन का पाचन करता है। अमाशय से भोजन अग्न्याशय में पहुंचता है जहां पर अग्न्याशय से स्रावित होने वाले अग्न्याशय रस में मौजूद एन्जाइम ट्रिप्सिन, रेनिन, एमाइलेज तथा लाइपेज भोजन में मिल जाते हैं। ट्रिप्सिन प्रोटीन तथा पेप्टोन को पाली पेप्टाइड्स एवं अमीनो अम्ल में परिवर्तित करता है। एमाइलेज मण्ड को घुलनशील शर्करा में बदल देता है। रेनिन  दूध को फाड देता है। लाइपेज वसा को ग्लिसरीन एवं फैटी एसिड्स में परिवर्तित कर देता है।

छोटी आंतः 

अग्न्याशय से भोजन छोटी आंत में पहुंचता है जहां पर छोटी आंत से स्रावित होने वाले विभिन्न प्रकार के एन्जाइम भोजन में मिलकर भोजन के बड़े अणुओं को छोटे अणुओं में विखण्डित कर अवशोषण के योग्य बना देते हैं। छोटी आंत की लम्बाई लगभग 22 फीट ( लगभग 7 मीटर ) होती है।

बड़ी आंतः

पाचन कार्य में बड़ी आंत की कोई विशिष्ट भूमिका नहीं होती है। इसका मुख्य कार्य उपचित खाद्य पदार्थों से जल का अवशोषण करना है। भोजन के अवशिष्ट पदार्थ छोटी आंत में आने पर उनमें जल का अवशोषण होता है तथा मल के रूप में मलाशय से होते हुए गुदा मार्ग से बाहर निकल जाते हैं।

उत्तम आहार पदार्थों को देखने से भूख क्यों बढ जाती है?

जठरीय रस का स्राव मुख्यतया तन्त्रिकामण्डल  के अधीन है। आहार पदार्थों की सुगन्ध नाक से सूंघने तथा उनको नेत्रों से देखने से रस का स्राव होने लगता है। यही कारण है कि उत्तम आहार पदार्थों के बनने की गन्ध से ही भूख मालूम होने लगती है तथा उनको देखने से भूख बढ जाती है। जीभ पर रखने पर तुरन्त खाने की इच्छा होती है।

इसके विपरीत यदि आहार पदार्थ उत्तम तथा रूचिकर नही होते तो भूख मर जाती है  तथा खाने की इच्छा नही होती । यदि खा लिया जाये तो ऐसे आहार का पाचन भी अच्छी तरह नही होता है।

. छोटी आंत की लम्बाई कितनी होती है?

छोटी आंत की लम्बाई लगभग 22 फीट ( लगभग 7 मीटर ) होती है।

. बड़ी आंत का मुख्य कार्य क्या है?

बड़ी आंत का मुख्य कार्य उपचित खाद्य पदार्थों से जल का अवशोषण करना है।

. अग्न्याशय  रस कहां पर बनता है?

अग्न्याशय में।

. जठर रस का स्राव कहां पर होता है?

आमाशय में।

. जठर रस में कौन-कौन से एंजाइम पाये जाते हैं?

रेनिन तथा पेप्सिन।

. कार्बोहाइड्रेड का पाचन कौन करता है?

एमाइलेज।

. वसा का पाचन कौन करता है?

लाइपेज। यह वसा को ग्लिसरीन एवं फैटी एसिड्स में परिवर्तित कर देता है।

. आमाशय में पाचन क्रिया किस के द्वारा होती है?

जठर रस के द्वारा।

. प्रोटीन का पाचन कहां पर होता है?

अमाशय में।

. मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रन्थि कौन है?

यकृत मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि यकृत है जिसका वजन करीब पंद्रह सौ ग्राम होता है।

. पित्त का निर्माण मानव शरीर के किस अंग में होता है?

यकृत में।

. पित्त रस का अधिक निर्माण होने पर कौन से रोग हो जाता है?

पीलिया रोग।

. पीलिया रोग में मानव शरीर में किसकी कमी हो जाती है?

खून तथा  लौह तत्व की कमी हो जाती है।

. लार की प्रकृति कैसी होती है?

अम्लीय।

. लार का संघटक क्या है?

लार में 98. 5% पानी तथा 1.5 प्रतिशत एन्जाइम पाया जाता है।

. पाचन क्या है?

एक रासायनिक प्रक्रिया है।

. मनुष्य के पाचन तन्त्र के भाग कौन-कौन हैं?

मुख, यकृत, अमाशय, अग्न्याशय, छोटी आंत तथा बड़ी आंत।

. मनुष्य में पाचन क्रिया कहां पर प्रारम्भ और कहां पर समाप्त होती है?

मानव शरीर की पाचन क्रिया मुख से प्रारम्भ होकर बड़ी आंत में समाप्त होती है