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आनुवंशिकता (GENETICS)

आनुवंशिकता (GENETICS)

आनुवंशिकता क्या है?

वि की वह शाखा जिसमें आनुवंशिक गुण एक पीढी से दूसरी पीढी में जाते हैं, आनुवंशिकता (Genetics)या वंशागति कहलाता है। इसमें माता-पिता के आनुवंशिक गुण उनकी सन्तानों में पहुंचते हैं। आनुवंशिक गुण एक पीढी से दूसरी पीढी में जीन (Gene) के माध्यम से स्थानान्तरित होते हैं।

ग्रेगर जान मेण्डल को आनुवंशिकता (Genetics) का जनक कहा जाता है जिन्होनें सर्वप्रथम मटर के पौधे पर आनुवंशिकता के लक्षणों का प्रयोग कर के पहचान किया था।

जीन (Gene) क्या है?

वह गुणसूत्र जो आनुवंशिक गुणों/लक्षणों को रासायनिक पदार्थ के रूप में एक पीढी से दूसरी पीढी को स्थानान्तरित करता है, जीन (Gene) कहलाता ह । आनुवंशिक गुण / लक्षण एक पीढी से दूसरी पीढी में जीन के माध्यम से स्थानान्तरित होते हैं।

जीन जोडे के रूप में होते हैं जिन्हे एलिल्स कहते हैं। यदि जोडे में समान एलिल्स होते हैं तो जीव शुध्द होता है। यदि जोडे में भिन्न-भिन्न प्रकार के एलिल्स होते हैं तो जीव संकर प्रवृत्ति (Heterozygous) का होता हैं।

 गुणसूत्र क्या है?

गुणसूत्र (Chromosomes) न्यूक्लिक अम्ल एवं प्रोटीन से बने होते हैं जिनकी संख्या प्रत्येक जीव में अलग-अलग होती है। मनुष्य में 23 जोडी गुणसूत्र होते हैं। गुणसूत्र के ऊपर जीन लगे होते हैं जिनकी संख्या मनुष्य की प्रत्येक कोशिका में 10,000 से अधिक होती है।

न्यूक्लिक अम्ल का निर्माण डी0एन0ए0 तथा आर0एन0ए0 से होता है । डी0एन0ए0 कोशिका के केन्द्रक में पाया जाता है। आर0एन0ए0 तथा प्रोटीन कोशिका के सभी भागों में पाये जाते हैं। डी0एन0ए0 की संख्या प्रत्येक कोशिका में समान होती है जबकि आर0एन0ए0 की संख्या भिन्न-भिन्न होती है।

डी0एन0ए0 की खोज वर्ष 1968 ई0 में डा0 हरिगोविन्द खुराना ने किया था जिसके लिए उन्हें नोवेल पुरस्कार दिया गया था।

मेण्डल का आनुवंशिकता का नियम (Mendel’s law of heredity)

प्रभाविकता का नियम (Law of Dominance)

ग्रेगर जांन मेण्डल के अनुसार यदि दो विरोधी गुण के पौधों का परस्पर संयुग्मन कराया जाता है तो नई पीढी की सन्तान में मात्र एक गुण प्रभावी होता है।

जैसे- 1. लाल रंग के मटर के फूल को यदि सफेद रंग के मटर के फूल से संयुग्मन कराया जाता है तो उससे उत्पन्न पौधे में केवल लाल रंग का फूल दिखायी देता है।

  1. सफेद रंग के मटर के फूल को यदि लाल रंग के मटर के फूल से संयुग्मन कराया जाता है तो उससे उत्पन्न पौधे में केवल सफेद रंग का फूल दिखायी देता है।

स्वतन्त्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment)

यदि दो विपरीत गुणों  के पौधों में परस्पर संयुग्मन कराया जाता है तो प्रथम पीढी में मात्र प्रभावी गुण दिखायी देता है परन्तु दूसरी पीढी के पौधे में दोनों गुण प्रभावी तथा अप्रभावी दिखायी देते हैं जो कि 15: 1 के अनुपात में होते हैं।  ग्रेगर जांन मेण्डल का यह नियम एक अपवाद है जो कि सभी जीवों पर लागू नही होता है। जैसे- पीले रंग के गुलाब के आनुवंशिक गुण / लक्षण एक पीढी से दूसरी पीढी में जीन के माध्यम से स्थानान्तरित होते हैं।

∙ आनुवंशिक गुण / लक्षण एक पीढी से दूसरी पीढी में किसके माध्यम से स्थानान्तरित होते हैं?

जीन (Gene) के माध्यम से।

∙ आनुवंशिकता (Genetics) का जनक किसे कहा जाता है?

ग्रेगर जान मेण्डल।

  ग्रेगर जान मेण्डल ने किस पौधे पर आनुवंशिकता के लक्षणों का प्रयोग किया था?

मटर के पौधे पर।

  गुणसूत्र (Chromosomes) किसके बने होते हैं?

न्यूक्लिक अम्ल एवं प्रोटीन से बने होते हैं।

  डी0एन0ए0 की खोज किसने  किया था?

डी0एन0ए0 की खोज वर्ष 1968 ई0 में डा0 हरिगोविन्द खुराना ने किया था।

  यदि लाल रंग के मटर के फूल को यदि सफेद रंग के मटर के फूल से संयुग्मन कराया जाता है तो उससे उत्पन्न पौधे में किस रंग का फूल उत्पन्न होगा?

लाल रंग के मटर के फूल को सफेद रंग के मटर के फूल से संयुग्मन कराने पर उससे उत्पन्न पौधे में केवल लाल रंग का फूल उत्पन्न होगा।

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