खनिज लवण (MINERAL SALT)

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MINERAL SALT

खनिज लवण (MINERAL SALT)

∙  मनुष्य भोजन के रूप में खनिज लवण ग्रहण करता है जो मानव शरीर की उपापचयी / जैविक क्रियाओं को नियन्त्रित करते हैं  तथा पोंषण में सहायक होते हैं।

∙ मानव शरीर के लिए पांच महत्वपूर्ण तत्व सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, फास्फोरस तथा मैग्नीशियम है।

∙ उपरोक्त के अतिरक्त  लोहा, तांबा, क्रोमियम, आयोडीन, मैंगनीज, जस्ता, सेलेनियम, निकिल, कोबाल्ट, कार्बन, हाइड्रोकार्बन, आक्सीजन, नाइट्रोजन तथा फ्यूरीन की सूक्ष्म मात्रा की आवश्यकता पडती है जिसके कारण इन्हे सूक्ष्म मात्रिक तत्व भी कहते हैं।

∙ कैल्शियम हड्डियों तथा दांतों को दृढता प्रदान करता है।

∙ लोहा मानव शरीर में हीमोग्लोविन की वृध्दि के लिए आवश्यक है जिसकी कमी से मानव शरीर में रक्ताल्पता (खून की कमी) नामक रोग हो जाता है।

∙ आयोडीन की कमी से मनुष्य में घेंघा रोग हो जाता है।

∙ मानव शरीर के लिए उपयोगी उपरोक्त सभी तत्व मिलकर आहारीय खनिज कहलाते हैं अर्थात् खनिज लवणों को आहारीय खनिज भी कहा जाता है।

∙ आयोडीन की कमी से गलगण्ड हो सकता है तथा मनुष्य मन्दबुध्दि का शिकार हो सकता है।

∙ मैग्नीशियम की कमी से कैंसर हो सकता है।

∙ मैग्नीशियम तथा क्रोमियम की कमी से हृदय रोग हो सकता है।

∙ जस्ता की कमी से गंजापन, यौन दौर्बल्य आदि रोग हो सकते हैं।

फास्फोरस, गंधक, फ्लोरीन, आयोडीन, ब्रोमीन, सिलिकान तथा क्लोरीन अम्लता वाले खनिज हैं जिनके स्रोत अनाज, मांस, मछली, अण्डा, अखरोट, नारियल, पिस्ता, वनस्पति घी, दूध, छिलका सहित दालें, मटर, चाय, काफी, मटर, चीनी, आलूबुखारा, मैदा, मिठाई, चाकलेट आदि हैं।

कैल्शियम, पोटैशियम, सोडियम, पोटैशियम, लोहा, मैंगनीज, एल्युमिनियम, निकिल, जस्ता तथा तांबा क्षारीय खनिज लवण हैं जिनके स्रोत छिलके वाली दालें, चोकरयुक्त आंटा, बाजरा, सब्जियां, सोयाबीन, मक्खन, अण्डे की जर्दी,, सूखे फल, हरी मटर तथा फल आदि हैं।

स्वस्थ व्यक्ति के लिए  प्रमुख खनिज लवण की दैनिक मात्रा तथा उनके मुख्य स्रोतः

खनिज लवण            दैनिक मात्रा                     मुख्य स्रोत
सोडियम क्लोराइड 2 से 5 ग्राम साधारण नमक, मांस, मछली,दूध, अण्डा आदि।

 

कैल्शियम 1.2 ग्राम दूध, पनीर, हरी सब्जी, चना, अण्डा, मछली आदि।

 

पोटेशियम 1 ग्राम लगभग सभी खाद्य पदार्थों में उपलब्ध है।

 

आयोडीन  20 मिलीग्राम मछली, पत्तेदार सब्जी, आयोडीन नमक आदि।

 

मैग्नीशियम अत्यल्प मात्रा हरी सब्जियों में पाया जाता है।

 

कोबाल्ट अत्यल्प मात्रा मछली, मांस, जल आदि।

 

जस्ता अत्यल्प मात्रा  मछली, यकृत आदि।

 

तांबा अत्यल्प मात्रा  अनाज मांस मछली यकृत आदि।

 

लौह 25 मिलीग्राम (पुरूष),                              35 मिलीग्राम (स्त्री ) ।

 

बाजरा, केला, पालक, सेब, अंडा, कलेजी, चोकर युक्त आट।

 

 

फास्फोरस

 

1.2 ग्राम

 

दूध, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जी, बाजरा, आटा, कलेजी आदि

 

 

खनिज लवण के कार्यः

  1. कैल्शियम विटामिन के साथ हड्डियों तथा दांतों को दृढ़ता प्रदान करता है।
  2. फास्फोरस कैल्शियम के साथ सम्बध्द होकर दांतों तथा हड्डियों को मजबूत बनाता है।
  3. लोहा शरीर में लाल रक्त कणिकाओं में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यक तत्व है जिसकी कमी से पीलिया नामक रोग हो जाता है।
  4. आयोडीन थायराइड ग्रंथि द्वारा साबित थायरोक्सिन हार्मोन के संश्लेषण के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से घेंघा नामक रोग हो जाता है।
  5. मैग्नीशियम पेशियों तथा तन्त्रिकाओं पर नियन्त्रण रखता है । इसकी कमी से पेशियों तथा तन्त्रिकाओं की कार्य क्षमता में कमी आ जाती है।
  6. गंधक प्रोटीन निर्माण में सहायक है जिसकी कमी से पेशियों तथा तन्त्रिकाओं की कार्य क्षमता में कमी आ जाती है।
  7. तांबा, जस्ता तथा कोबाल्ट मानव शरीर में प्रोटीन तथा इन्जाइम के निर्माण में सहायक है जिसकी कमी से शारीरिक वृध्दि में कमी, अरक्तता तथा भूख न लगना रोग हो जाते हैं।
  8. आयोडीन भोजन के आक्सीकरण को नियन्त्रित करता है।
  9. क्लोरीन मानव शरीर में एन्जाइम, आमाशय तथा तन्त्रिका के कार्यों में सहायक है जिसकी कमी से मानव शरीर में निर्जलीकरण तथा कमजोरी आती है।
  10. सोडियम तथा मैग्नीशियम मानव शरीर में कोशिकाओं को सही रखने में सहायक है जिसकी कमी से निर्जलीकरण, रक्त दाब में कमी (Low Blood Pressur) तथा शारीरिक कमजोरी हो जाती है।

. मानव शरीर में हीमोग्लोविन की वृध्दि के लिए कौन सा तत्व आवश्यक है?

लोहा।

किस तत्व की कमी से मानव शरीर में रक्ताल्पता (खून की कमी) नामक रोग हो जाता है?

लोहा।

∙ आयोडीन की कमी से मनुष्य में कौन सा रोग हो जाता है?

घेंघा रोग।

. किस तत्व की कमी से गलगण्ड नामक रोग हो सकता है तथा मनुष्य मन्दबुध्दि का शिकार हो सकता है?

आयोडीन।

∙ किस तत्व की कमी से कैंसर हो सकता है?

मैग्नीशियम।

. मैग्नीशियम तथा क्रोमियम की कमी से कौन सा रोग हो सकता है?

हृदय रोग।

∙ किस तत्व की कमी से गंजापन, यौन दौर्बल्य आदि रोग हो सकते हैं?

जस्ता की कमी से।

. किस तत्व की कमी से निर्जलीकरण, रक्त दाब में कमी (Low Blood Pressur) तथा शारीरिक कमजोरी हो जाती है?

सोडियम तथा मैग्नीशियम।