श्वसन तन्त्र (Respiratory System)

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Respiratory System

श्वसन तन्त्र (Respiratory System)

शरीर के अन्दर श्वास के रूप में वायु का निश्वसन एवं उत्श्वसन करने वाले तन्त्र को श्वसन तन्त्र कहते हैं। श्वसन  तन्त्र के अन्तर्गत नाक, कण्ठ, इपिग्लाटिस, श्वासनली, श्वसनी तथा फेफडे  आदि आते हैं। इनमें इपिग्लाटिस भोजन निगलते समय श्वास मार्ग को बन्द कर देता है। श्वास नली उपास्थि की बनी होती है। फेफडों में रक्त का शुध्दीकरण गैसों के आदान-प्रदान से होता है। गैसों का आदान–प्रदान वायु कुप्पिकाओं के माध्यम से होता है। वायु कुप्पिकाओं के माध्यम से रक्त में आक्सीजन प्रवेश करती है तथा रक्त से कार्बन डाईआक्साइड वायु कुप्पिकाओं में प्रवेश करती है। एक वयस्क मनुष्य के फेफडों में लगभग 30-40 करोंड वायु कुप्पिकाएं होती है

श्वसन दो प्रकार का होता हैः

1-बाह्य श्वसन।

2-आन्तरिक श्वसन।

वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान मात्र फेफडे तक ही होता है, बाह्य श्वसन कहलाता है।

वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान फेफडे के साथ-साथ कोशिकाओं में भी होता है, आन्तरिक श्वसन कहलाता है।

श्वसन क्रिया की शुरुआत डायफ्राम के क्रियाशील होने से होती है।

श्वसन के दौरान सबसे अधिक मात्रा में 78 प्रतिशत नाइट्रोजन ग्रहण की जाती है।

श्वसन के दौरान 21 प्रतिशत आक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा 16 प्रतिशत छोडी जाती है।

श्वसन के दौरान 0.03 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड ग्रहण की जाती है तथा 4 प्रतिशत छोडी जाती है।

आक्सीजन का ग्रहण तथा कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा पर निर्भर करता है।

कोशिकीय श्वसन कोशिकाओं के अन्दर दो चक्रों ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेव्स चक्र के माध्यम से पूरा होता है।

आक्सीजन की अनुपस्थिति में अनाक्सीश्वसन होता है।

कार्बन डाईआक्साइड का संवहन मुख्यतया बाई कार्बोनेट आयन के रूप में होता है।

हीमोग्लोबिन की अनुपस्थिति में रक्त मात्र 2 प्रतिशत आक्सीजन का ही आदान-प्रदान कर सकता है।

∙ वाइटल क्षमता(Vital Capacity) क्या है?

मनुष्य गहरी सांस लेने पर 3.5 लीटर गैस ग्रहण करता है जिसे  वाइटल क्षमता कहते हैं।

∙ सामान्य सांस लेने में कितनी गैस ग्रहण की जाती है?

½ लीटर।

∙ टाइडल क्षमता (Tidal Capacity) किसे कहते हैं?

सामान्य सांस लेने में कितनी गैस ग्रहण की जाती है जिसे टाइटल क्षमता कहते हैं।

∙ रेसीडुअल क्षमता (Residual Capacity) किसे कहते हैं?

1.5 लीटर गैस फेफडों में बनी रहती है जिसे रेसीडुअल क्षमता कहते हैं।

∙ मनुष्य गहरी सांस लेने पर कितनी गैस ग्रहण करता है?

मनुष्य गहरी सांस लेने पर 3.5 लीटर गैस ग्रहण करता है।

∙ फेफडों की अधिकतम गैस धारण क्षमता कितनी है?

5 लीटर।

∙ श्वसन तन्त्र का क्या कार्य है?

शरीर के सभी भागों में गैसों का आदान-प्रदान करना श्वसन तन्त्र का मुख्य कार्य है।

∙ सांस लेने का सही रास्ता क्या है?

नाक से सांस लेना।

∙ सांस लेने का गलत रास्ता क्या है?

मुख से सांस लेना।

∙ मनुष्य मे कितने फेफडे होते हैं?

मनुष्य मे दो फेफडे होते हैः दाहिना तथा बायां। दाहिने फेफडे का औसत भार 23 औंस तथा बायें फेफडे का औसत भार 19 औंस होता है।

∙ श्वास नली की लम्बाई कितनी होती है?

लगभग 4.5 इन्च।

∙ पूरक क्या है?

सांस अन्दर लेने की क्रिया को पूरक (श्वास) कहते हैं।

∙ रेचक क्या है?

सांस बाहर छोडने को रेचक (प्रश्वास) कहते हैं।

∙ कुम्भक क्या है?

सांस को अन्दर रोंकने को कुम्भक कहते हैं।

∙ एक स्वस्थ मनुष्य एक मिनट में कितनी बार सांस लेता है?

16 से 20 बार।

∙ नवजात शिशु की श्वास दर कितनी है?

लगभग 35 बार प्रति मिनट ।

∙ सामान्य श्वसन दर कितनी है?

15-18 बार प्रति मिनट।

 . श्वसन कितने प्रकार का होता है?

दो प्रकार का होता हैः बाह्य श्वसन तथा आन्तरिक श्वसन।

. श्वसन तन्त्र क्या हैं?

शरीर के अन्दर श्वास के रूप में वायु का निश्वसन एवं उत्श्वसन करने वाले तन्त्र को श्वसन तन्त्र कहते हैं।

. मानव शरीर के श्वसन तन्त्र कौन-कौन हैं?

नाक, कण्ठ, इपिग्लाटिस, श्वासनली, श्वसनी तथा फेफडे।

. श्वास नली किसकी बनी होती है?

उपास्थि की बनी होती है।

. फेफडों में रक्त का शुध्दीकरण कैसे होता है?

गैसों के आदान-प्रदान से।

. एक वयस्क मनुष्य के फेफडों में कितनी वायु कुप्पिकाएं होती है?

लगभग 30-40 करोंड वायु कुप्पिकाएं।

. बाह्य श्वसन क्या है?

वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान मात्र फेफडे तक ही होता है, बाह्य श्वसन कहलाता है।

. आन्तरिक श्वसन क्या है?

वह श्वसन जिसमें वायु का आदान-प्रदान फेफडे के साथ-साथ कोशिकाओं में भी होता है, आन्तरिक श्वसन कहलाता है।

. श्वसन के दौरान सबसे अधिक मात्रा में कौन सी गैस ग्रहण की जाती है?

नाइट्रोजन (78 प्रतिशत)।

. अनाक्सीश्वसन कब होता है?

आक्सीजन की अनुपस्थिति में

. हीमोग्लोबिन की अनुपस्थिति में रक्त कितने प्रतिशत आक्सीजन का आदान-प्रदान कर सकता है?

मात्र 2 प्रतिशत।

. श्वसन कोशिकाओं के अन्दर श्वसन कितने चक्र में पूरा होता है?

दो चक्रों (ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेव्स चक्र) के माध्यम से पूरा होता है।

. श्वसन के दौरान कितने प्रतिशत आक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा कितने प्रतिशत छोडी जाती है?

21 प्रतिशत आक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा 16 प्रतिशत छोडी जाती है।

. श्वसन के दौरान कितने  प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड ग्रहण की जाती है तथा कितने प्रतिशत छोडी जाती है?

0.03 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड ग्रहण की जाती है तथा 4 प्रतिशत छोडी जाती है।

. आक्सीजन का ग्रहण तथा कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन किस पर निर्भर करता है?

रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा पर निर्भर करता है।