अम्ल, भस्म, क्षार तथा लवण (Acid, To consume, Alkali and Salt)

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Acid, To consume, Alkali and Salt

अम्ल, भस्म, क्षार तथा लवण

(Acid, To consume, Alkali and Salt)

अम्ल (Acid)

अम्ल वह  यौगिक है जो जल में घुलकर  H+ आयन  देता है। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं। अम्ल का जलीय विलयन नीले लिटमस को लाल कर देता है।

अम्लों के उपयोग (Uses of Acid) 

  1. खाने के काम – खट्टा दूध (लैक्टिक अम्ल), सिरका तथा अचार (ऐसीटिक अम्ल),  सोडावाटर एवं अन्य पेय पदार्थ (कार्बोनिक अम्ल),  नींबू तथा नारंगी (साइट्रिक अम्ल)।
  2. सोना तथा चांदी के शुद्धिकरण के लिए नाइट्रिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है।
  3. खाना पचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है।
  4. कपड़े से जंग के धब्बे हटाने के लिए आक्जैलिक एम्ल का प्रयोग किया जाता है।

मानव जीवन में उपयोग में आने वाले प्रमुख अम्ल तथा उनके प्राकृतिक स्रोतः

अम्ल                                          प्राकृतिक स्रोत

सन्तरा                                        साइट्रिक अम्ल

टमाटर                                        आक्जैलिक एम्ल

दही (खट्टा)                                  लैक्टिक अम्ल

नींबू                                           साइट्रिक अम्ल

सिरका                                      एसिटिक अम्ल

चींटी का डंक                               मैथेनाइक अम्ल

इमली                                         टार्टैरिक अम्ल।

भस्म (To consume)

वह यौगिक जो अम्ल से प्रतिक्रिया कर लवण तथा जल देता है उसे भस्म कहते हैं।

भस्म दो प्रकार की होती हैः  1.  जल में विलेय भस्म तथा   2. जल में अविलेय भस्म।

क्षार (Alkali)

जल में विलेय भस्म को क्षार कहा जाता है  । यह लाल लिटमस को नीला कर देता है।  स्वाद में कड़वा होता है। जैसे –  सोडियम हाइड्रोक्साइड( NaOH),  पोटैशियम हाइड्रोक्साइड (KOH) आदि।

जल में अविलेय भस्मः  ये भस्म अम्ल के साथ प्रतिक्रिया कर लवण तथा जल बनाते हैं।

मानव जीवन में प्रयोग किए जाने वाले कुछ प्रमुख भस्मः

कैल्शियम हाइड्राक्साइड(CaOH), सोडियम हाइड्रोक्साइड(NaOH), मिल्क आफ मैग्नीशिया या मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड(Mg(OH)2) आदि।

कैल्शियम हाइड्राक्साइड(CaOH) के उपयोगः  इसका उपयोग घरों में चूना बनाने में,  ब्लीचिंग पाउडर बनाने में, प्लास्टर बनाने में,  जल को मृदु बनाने में ,अम्ल की जलन पर मरहम पट्टी करने में तथा चमड़े के ऊपर के बाल साफ करने में किया जाता है।

सोडियम हाइड्रोक्साइड(NaOH) के उपयोगः  इसका उपयोग दवा बनाने में, कागज बनाने में, कपड़ा बनाने में, साबुन बनाने में तथा पेट्रोल साफ करने में किया जाता है।

मिल्क आफ मैग्नीशिया या मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड(Mg(OH)2) के उपयोगः इसका उपयोग पेट की अम्लीयता  दूर करने में किया जाता है।

लवण का निर्माण कैसे होता है ?

अम्ल तथा भस्म की प्रतिक्रिया के फलस्वरुप लवण तथा जल का निर्माण होता है।

मानव जीवन में उपयोग होने वाले कुछ प्रमुख लवण-  साधारण नमक या सोडियम क्लोराइड(NaCl),  खाने का सोडा या सोडियम बाईकार्बोनेट ( NaHCO3),  पोटेशियम नाइट्रेट ( KNO3),  धावन सोडा या सोडियम कार्बोनेट  आदि।

साधारण नमक या सोडियम क्लोराइड(NaCl) का उपयोगः  खाने में तथा अचार के परिरक्षण में।

सोडियम बाईकार्बोनेट ( NaHCO3) का उपयोगः  पेट की अम्लीयताता दूर करने में तथा अग्निशामक यंत्रों में।

पोटैशियम नाइट्रेट ( KNO3) का उपयोगः  बारूद बनाने में।

धावन सोडा या सोडियम कार्बोनेट का उपयोगः  कपड़े धोने में।

मानव जीवन में प्रयुक्त होने वाले कुछ प्रमुख पदार्थों के Ph मानः

पदार्थ             Ph मान             पदार्थ                                  Ph मान

सिरका             2.4                  शराब                                      2.8

नींबू                2.2                   लार                                        6.5

रक्त                7.4                   समुद्री जल                              8.4

दूध                6.4                   मूत्र                                         6

. रक्त का Ph मान कितना होता है?

रक्त का Ph मान 7.4 होता है।

. रक्त की प्रकृति कैसी होती है?

रक्त की प्रकृति क्षारीय होती है।

. मूत्र का Ph मान कितना होता है?

मूत्र का Ph मान 6 होता है ।

. समुद्री जल का Ph मान कितना होता है?

समुद्री जल का Ph मान 8.4 होता है।

. लार का Ph मान कितना होता है?

लार का Ph मान 6.5 होता है।

. दूध का Ph मान कितना होता है?

दूध का Ph मान 6.4 होता है।

. लाल लिटमस पर क्षार डालने पर क्या होता है।

लाल लिटमस नीला हो जाता है ।

. नीले  लिटमस पर अम्ल का जलीय विलयन डालने पर क्या होता है।

नीला  लिटमस लाल हो जाता है।

. अम्लराज क्या है?

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा नाइट्रिक अम्ल को 3 : 1 के अनुपात में मिलाने पर प्राप्त मिश्रण को अम्लराज कहा जाता है । यह सोना तथा प्लैटिनम को गलाने का काम करता है।