हिन्दी भाग-01 (Hindi Part-01)

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हिन्दी भाषा का मौलिक ज्ञान (Basic knowledge of Hindi language)

हिन्दी हमारे भारत देश की मौलिक भाषा है जिसकी उत्पत्ति संस्कृत से हुई है जिसके कारण यह समृद्ध भाषा है। भाषा शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत के भाष् शब्द से हुई है जिसका अर्थ है “भाषा की अभिव्यक्ति”। हिन्दी शब्द का विकास सिन्ध या सिन्धी शब्द से हुई है  जिसका अर्थ है वाणी की अभिव्यक्ति। जब फारसी भाषी सिन्धु घाटी के निवासियों के सम्पर्क में आए तब वह सिन्धु शब्द को हिन्दू तथा सिन्धी शब्द को हिन्दी कहने लगे। भाषा के लिए हिन्दी शब्द का प्रयोग लगभग 13 वीं 14 वीं शताब्दी में हुआ। हिन्दी का विकास क्रम संस्कृत, पाली, प्राकृत, अपभ्रंश एवं प्रारम्भिक हिन्दी के रूप में हुआ।

हिन्दी भाषा का उद्भव अपभ्रंश के शौरसेनी, अपमागधी एवं मागधी रूपों से हुआ है। हिन्दी भाषा का  क्षेत्र हिमाचलप्रदेश, पंजाब का कुछ भाग, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड तथा झारखण्ड है जिसे हिन्दी भाषी प्रदेश कहा जाता है।

बोली भाषा की लघुतम इकाई है विकास तथा प्रयोग की दृष्टि से बोली का रूप भाषण की तुलना में अत्यन्त लघु होता है जिसका प्रयोग एक  सीमित क्षेत्र में होता है। विभाषा को उपभाषा के नाम से जाना जाता है  जो विकास तथा प्रयोग क्षेत्र की दृष्टि से बोली से बड़ी तथा भाषा से छोटी होती है। बोली ही धीरे-धीरे भी विभाषा का रूप ले लेती है।

विभाषा या उपभाषा का विकसित तथा परिष्कृत रूप भाषा है। कोई एक बोली जब अन्य बोलियों की अपेक्षा विकसित हो जाती है तो विभाषा बन जाती है और जब कोई विभाषा  इतनी परिमार्जित और शिष्ट हो जाती है कि उनका प्रयोग कई  विभाषाओं में होने  लगता है  तो वह भाषा का रूप धारण कर लेती है अर्थात भाषा बन जाती है। भाषा का क्षेत्र  विशाल होता है।

भाषा के पांच अंग- ध्वनि, शब्द, रूप, वाक्य तथा अर्थ हैं। शब्द भाषा की लघुतम स्वतन्त्र इकाई है  जिसके पांच भेद-  तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी तथा संकर शब्द हैं। तत्सम संस्कृत की वे शब्द हैं जो हिन्दी में ज्यों के त्यों प्रचलित है जिसका अर्थ है उसके समान। देशज का अर्थ है  देश में उत्पन्न। तद्भव संस्कृत के शब्द है जो भाषा की विकास यात्रा में विकृत होकर हिन्दी में पहुंचे हैं। विदेशी वह शब्द है जो विदेशी भाषा से हिन्दी भाषा में आये हैं। हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है। आज हिन्दी का विस्तार हो रहा है दुनिया के अनेक भागों में हिन्दी बोली जा रही है।

हिन्दी भाषा की विशेषताएः 

  1. हिन्दी भाषा प्रतीकात्मक, परिवर्तनशील तथा ध्वनिमय है ।
  2. हिन्दी भाषा कठिनता से सरलता की ओर चलती है।
  3. हिन्दी भाषा का सम्बन्ध मनुष्य से है।
  4. भाषा की क्षेत्रीय सीमा होती है।
  5. भाषा का विकास एवं पतन समाज के विकास एवं पतन के साथ होता है।
  6. भाषा अर्जित सम्पत्ति है जिसका कोई अन्तिम रूप नहीं होता।

भारत की मौलिक भाषा क्या है?

भारत की मौलिक भाषा हिन्दी  है ।

हिन्दी भाषा की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?

हिन्दी भाषा की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है।

हिन्दी शब्द का विकास किस शब्द से हुआ है?

हिन्दी शब्द का विकास सिन्ध या सिन्धी शब्द से हुई है।

भाषा की लघुतम इकाई क्या है?

भाषा की लघुतम इकाई बोली है।

विभाषा को अन्य किस नाम से जाना जाता है?

उपभाषा के नाम से जाना जाता है।

भाषा की लघुतम स्वतन्त्र इकाई कौन है?

भाषा की लघुतम स्वतन्त्र इकाई शब्द है।

शब्द के कितने भेद हैं?

शब्द के पांच भेद-  तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी तथा संकर शब्द हैं ।

भाषा के कितने अंग हैं?

भाषा के पांच अंग-  ध्वनि, शब्द, रूप, वाक्य तथा अर्थ हैं ।

देशज का क्या अर्थ है?

देश में उत्पन्न ।

तत्सम का क्या अर्थ है?

उसके समान।

संस्कृत भाषा के वे कौन से शब्द हैं जो कि हिन्दी भाषा में ज्यों के त्यों प्रचलित हैं?

तत्सम शब्द।

संस्कृत भाषा के वे कौन से शब्द हैं जो भाषा की विकास यात्रा में विकृत होकर हिन्दी भाषा में पहुंचे हैं?

तद्भव शब्द।

विभाषा या उपभाषा का विकसित तथा परिष्कृत रूप क्या है?  

भाषा।

भारत की राष्ट्रभाषा कौन है?

हिन्दी भाषा।

हिन्दी भाषा का उद्भव किस रूप से हुआ है?

अपभ्रंश के शौरसेनी, अपमागधी एवं मागधी रूपों से।

हिन्दी का विकास क्रम क्या है?

हिन्दी का विकास संस्कृत, पाली, प्राकृत, अपभ्रंश एवं प्रारम्भिक हिन्दी के रूप में हुआ ।

भारत के हिन्दी भाषी क्षेत्र कौन-कौन हैं?                                 

हिमाचलप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड, झारखण्ड तथा पंजाब का कुछ भाग।