न्यूटन के गति के नियम (Newton’s laws of motion)

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Newton’s laws of motion

न्यूटन के गति के नियम (Newton’s laws of motion)

न्यूटन को भौतिकी का पिता कहा जाता है। न्यूटन ने वर्ष 19687 ई0 में प्रकाशित अपनी पुस्तक प्रिंसिपिया में सबसे पहले गति के नियम का प्रतिपादन किया था।

न्यूटन गति के निम्नांकित तीन नियम बनाए थेः

1. गति का प्रथम नियम (Newton’s first law of motion)।

  1. गति का द्वितीय नियम (Newton’s second law of motion)।
  2. गति का तृतीय नियम (Newton’s third law of motion)।

1. गति का प्रथम नियम (Newton’s first law of  motion)

यदि कोई वस्तु विराम अवस्था में है तो वह विराम अवस्था में रहेगी और यदि एक समान चाल से सीधी रेखा में चल रही है तो वैसे ही चलती रहेगी, जब तक कि उस पर कोई बाह्य लगाकर उसकी वर्तमान अवस्था में परिवर्तन न कर दिया जाए। न्यूटन किस नियम को गैलीलियो का नियम या जड़त्व का नियम भी कहा जाता है।

जड़त्व (Inertia)

बाह्य बल के अभाव में किसी वस्तु की अपनी विराम अवस्था या समान गति की अवस्था को बनाए रखने की प्रवृत्ति को ही जड़त्व कहते हैं।

जड़त्व के कुछ प्रमुख उदाहरणः

(1) चलती हुई मोटरकार के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की तरफ झुक जाते हैं।

(2) ठहरी हुई मोटरकार या रेलगाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं।

(3) कम्बल या चद्दर को हाथ से पकड़ कर डण्डे से पीटने पर धूल के कण झड़ कर गिर जाते हैं।

बल (Force)

बल वह वाह्य कारक है जो किसी वस्तु की प्रारम्भिक अवस्था में परिवर्तन करता है या परिवर्तन करने की चेष्टा करता है।

बल एक सदिश राशि है जिसका एस आई मात्रक न्यूटन है।

संवेग (Momentum)

किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते हैं। संवेग एक सदिश राशि है । इसका एस आई मात्रक किलोग्राम मीटर प्रति / सेकेण्ड है।

संवेग = द्रव्यमान  वेग

2. गति का द्वितीय नियम (Newton’s second law of motion)

किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस वस्तु पर आरोपित बल के समानुपाती होती है तथा संवेग परिवर्तन बल की दिशा में होता है।

F = ma

( जहां पर  F= बल,   m = वस्तु का द्रव्यमान, a= बल की दिशी में उत्पन्न त्वरण)

3. गति का तृतीय नियम (Newton’s third law of motion)

प्रत्येक क्रिया के बराबर, परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।

जैसे- (1) बन्दूक से गोली चलाने पर चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का लगना।

(2) नाव के किनारे पर कूदने पर नाव का पीछे की तरफ हट जाना।

(3) राकेट उड़ाना।

संवेग संरक्षण का सिद्धान्त (Theory of momentum conservation)

यदि कणों के किसी समूह या निकाय पर कोई बाह्य बल नहीं लग रहा है तो उस वस्तु का कुल संवेग नियत रहता है। यानी टक्कर के पहले तथा बाद का संवेग बराबर होता है।

आवेग (Impulse)

जब कोई बड़ा बल किसी वस्तु पर थोड़े समय के लिए कार्य करता है तो बल तथा समय अन्तराल के गुणनफल को उस बल का आवेग कहते हैं।

अभी एक सदिश राशि है जिसका मात्रक न्यूटन सेकेण्ड है।

आवेग की दिशा वही होती है जो बल की होती है।

आवेग = बल समयान्तराल = संवेग  परिवर्तन।

अभिकेन्द्रीय बल (Centripetal Force)

जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार मार्ग पर चलती है तो उस वस्तु पर वृत्त के केन्द्र की ओर एक बल कार्य करता है जिसे अभिकेंद्रीय बल कहा जाता है।

जैसे- मौत के कुएं में कुएं की दीवार पर मोटर साइकिल का चलना।

इस बल के अभाव में वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर नहीं चल सकती।

F =  mv2 / r

(जहां F = अभिकेन्द्रीय बल,  m = वस्तु का द्रव्यमान,   v = वेग तथा r = वृत्त की त्रिज्या  )

अपकेन्द्रीय बल (Centrifugal Force)

इस बल को छदम बल या जड़त्वीय बल कहा जाता है। अपकेन्द्रीय बल एक ऐसा ही छदम बल या जड़त्वीय बल है जिसकी दिशा अभिकेन्द्रीय बल के विपरीत दिशा में होती है।

अर्थात यदि कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर चलती है तो वृत्त के केन्द्र से बाहर की तरफ कार्य करने वाले बल को अपकेन्द्रीय बल कहा जाता है।

इस बल के अभाव में वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर नहीं चल सकती।

बल आघूर्ण (Moment of Force)

बल द्वारा किसी पिण्ड को एक अक्ष के परितः घुमाने की प्रवृत्ति को बल आघूर्ण कहते हैं।

बल आघूर्ण उस बल के परिमाण तथा अक्ष से बल की क्रिया रेखा की बीच की लम्बवत दूरी के गुणनफल के बराबर होता है।

बल आघूर्ण एक सदिश राशि है जिसका मात्रक न्यूटन मीटर है।

सरल मशीन (Simple machine)

सरल मशीन एक ऐसी युक्ति है जिसमें किसी सुविधाजनक बिन्दु पर बल लगाकर किसी अन्य बिन्दु पर रखे हुए भार को उठाया जाता है।

जैसे- उत्तोलक, घिरनी, आनत तल, स्क्रू, जैक आदि।

. अभिकेन्द्रीय बल क्या है?

जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार मार्ग पर चलती है तो उस वस्तु पर वृत्त के केन्द्र की ओर एक बल कार्य करता है जिसे अभिकेन्द्रीय बल कहते हैं ।

. मौत के कुएं में कुएं की दीवार पर मोटर साइकिल किस सिध्दान्त पर चलती है?

अभिकेन्द्रीय बल।

. किस बल के अभाव में वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर गति नहीं कर सकती?

अभिकेन्द्रीय बल।

. आवेग कैसी राशि है?

सदिश राशि।

. आवेग का क्या मात्रक है?

न्यूटन सेकेण्ड।

. न्यूटन के गति का तृतीय नियम क्या है?

प्रत्येक क्रिया के बराबर, परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।

. बन्दूक से गोली चलाने पर चलाने वाले को पीछे की ओर धक्का क्यों लगता है?

क्रिया के बराबर, विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल लगने के कारण।

. नाव के किनारे पर कूदने पर नाव का पीछे की तरफ क्यों हट जाती है?

क्रिया के बराबर, विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल लगने के कारण।

. संवेग क्या है?

किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते हैं।

. संवेग कैसी राशि है?

सदिश राशि है।

संवेग का एस0 आई0 मात्रक क्या है?

किलोग्राम मीटर प्रति / सेकेण्ड।

. जड़त्व (Inertia) क्या है?

बाह्य बल के अभाव में किसी वस्तु की अपनी विराम अवस्था या समान गति की अवस्था को बनाए रखने की प्रवृत्ति को ही जड़त्व कहते हैं।

. चलती हुई मोटरकार के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की तरफ क्यों झुक जाते हैं?

जड़त्व के कारण।

. ठहरी हुई मोटरकार या रेलगाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे यात्री पीछे की ओर क्यों झुक जाते हैं?

जड़त्व के कारण।

. कम्बल या चद्दर को हाथ से पकड़ कर डण्डे से पीटने पर धूल के कण झड़ कर क्यों गिर जाते हैं?

जड़त्व के कारण।

. पुस्तक प्रिंसिपिया के लेखक कौन हैं?

सर आइजक न्यूटन।

. भौतिकी का पिता किसे कहा जाता है?

सर आइजक न्यूटन।

. न्यूटन गति के कितने नियम बनाए थे?

तीन नियम।

. न्यूटन ने गति के तीनों नियमों का उल्लेख किस पुस्तक में किया है?

प्रिंसिपिया में।

. बल आघूर्ण कैसी राशि है?

सदिश राशि।

. बल आघूर्ण का मात्रक क्या है?

न्यूटन मीटर है।

. उत्तोलक, घिरनी, आनत तल, स्क्रू तथा जैक क्या है?

सरल मशीन।