दाब (PRESSURE)

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Chalkboard with science Physics formulas
Chalkboard with science formulas. Physics background

दाब (PRESSURE)

किसी वस्तु की सतह के इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब (Pressure) कहते हैं।

अथवा

किसी वस्तु की सतह के किसी बिन्दु पर दाब उस बल के बराबर होता है जो उस बिन्दु के चारों तरफ लिए गए एकांक क्षेत्रफल पर लम्बवत कार्य करता है।

दाब को P से प्रदर्शित करते हैं। दाब का S.I. मात्रक न्यूटन / मीटर2 या पास्कल (Pa) है। दाब एक अदिश राशि है।

P = F / A                    (जहां पर P = दाब,   F = पृष्ठ का लम्बवत क्षेत्रफल, A =  पृष्ठ का क्षेत्रफल)

01 पास्कल  =  01 न्यूटन / मीटर2

वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure)

पृथ्वी के चारों तरफ उपस्थित वायु तथा विभिन्न गैसों को वायु मण्डल कहते हैं। पृथ्वी के एकांक क्षेत्रफल पर पड़ने वाले वायुदाब को वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) कहते हैं।

अथवा

किसी स्थान का वह दाब जो उस स्थान के ऊपर पाए जाने वाले वायुमण्डल या वायु स्तम्भ के भार के कारण होता है, वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) कहलाता है।

वायुमण्डलीय दाब का S.I. मात्रक बार है।

1 बार  = 105 N / m2  (  N = न्यूटन    m = मीटर )

वायुमण्डलीय दाब की सर्वप्रथम गणना वान क्यूरिक ने किया था।

वायुमण्डलीय दाब 105 N / m2  होता  है। समुद्र तट पर औसत वायुदाब 29. 92 इंच या 76 सेंटीमीटर या 1013 . 25 मिली बार होता है। हम ज्यों-ज्यों पृथ्वी तल से ऊपर जाते हैं वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) घटता जाता है।

समुद्र तट से लगभग 540 मीटर की ऊंचाई पर वायुमण्डलीय दाब(Atmospheric Pressure) समुद्र तट की तुलना में आधा हो जाता है।

सागर तट पर न्यूनतम वायुमंण्लीय दाब(Minimum Atmospheric Pressure) 890 मिलीबार (चक्रवात में ) तथा उच्चतम वायुदाब 1060 मिलीबार (प्रतिचक्रवात में) होता है।

वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) पर ऊंचाई, तापमान, पृथ्वी के घूर्णन, जलवाष्प की उपस्थिति, पवन संचार आदि का प्रभाव पड़ता है।

पृथ्वी की सतह के ऊपर जाने पर वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) कम होता जाता है जिसके कारण पहाड़ों पर खाना बनाने में कठिनाई होती है, वायुमण्डल में बैठे यात्री की फाउन्टेन पेन में स्याही रिस जाती है, भार कम हो जाता है, अधिक ऊंचाई पर जाने पर नाक से खून निकलने लगता है।

वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) पर ऊंचाई, तापमान, पृथ्वी के घूर्णन, जलवाष्प की उपस्थिति, पवन संचार आदि का प्रभाव पड़ता है।

वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) को बैरोमीटर से मापा जाता है जिसकी सहायता से मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमान भी लगाया जा सकता है। बैरोमीटर में पारे का पाठ्यांक अचानक नीचे गिरना आंधी तूफान आने की संभावना का द्योतक है। जब बैरोमीटर के पारे का पाठ्यांक धीरे-धीरे ऊपर चढ़ता है तो दिन साफ रहने की संभावना रहती है।

ऊंचाई का वायुमण्डलीय दाब(Atmospheric Pressure) पर प्रभावः

पृथ्वी तल से ऊंचाई बढ़ने पर वायुमण्डलीय दाब घटता जाता है। 5.4 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुदाब घटकर आधा हो जाता है, 11 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुदाब घटकर 25% रह जाता है तथा 25 किलोमीटर की ऊंचाई के बाद वायुदाब लगभग नगण्य हो जाता है।

ताप का वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) पर प्रभावः

जिन स्थानों पर तापमान कम होता है वहां पर वायु का घनत्व अधिक होने के कारण वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है। यही कारण है कि सर्दियों में वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है।

जिन स्थानों पर तापमान अधिक होता है वहां पर वायु गर्म होकर फैल जाती है जिसके कारण वायु का घनत्व कम हो जाने के कारण वहां पर वायुमण्डलीय दाब कम होता है । यही कारण है कि गर्मियों में वायुमण्डलीय दाब कम होता है।

भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें पूरे वर्ष सीधी पड़ने के कारण तापमान अधिक होता है जिसके कारण भूमध्य रेखा पर स्थित क्षेत्रों में वायुमण्डलीय दाब कम होता है।

ध्रुवों पर तापमान कम होने के कारण वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है।

गुरुत्वीय त्वरण या गुरुत्वाकर्षण बल का वायुमण्डलीय दाब(Atmospheric Pressure)  पर प्रभावः

गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही वस्तुओं का भार होता है। गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ने पर वायुमण्डलीय दाब बढ़ता है तथा गुरुत्वाकर्षण बल घटने पर वायुमण्डलीय दाब घट जाता है। भूमध्य रेखीय क्षेत्र पृथ्वी के केन्द्र से अधिक दूर होने के कारण वहां पर गुरुत्वाकर्षण बल कम होता है जिसके कारण भूमध्य रेखीय क्षेत्रों में वायुमण्डलीय दाब कम होता है। ध्रुवों की दूरी पृथ्वी के केन्द्र से कम होने के कारण ध्रुवों पर गुरुत्वाकर्षण बल अधिक होता है जिसके कारण ध्रुव पर वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है। पृथ्वी के केन्द्र से हम ज्यों- ज्यों दूर जाते हैं वायुमण्डलीय दाब घटता जाता है।

ऋतुओं का वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) पर प्रभावः

किसी स्थान पर सर्दियों में ताप कम होने के कारण वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है तथा गर्मियों में ताप अधिक होने के कारण वायुमण्डलीय दाब कम होता है।

द्रव में दाब (Pressure in Liquid)

द्रव की अणु द्वारा बर्तन की दीवार अथवा तली की प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को द्रव का दाब कहते हैं। किसी द्रव के अन्दर किसी बिन्दु पर द्रव के कारण दाब द्रव की सतह से उस बिन्दु की गहराई (h), द्रव के घनत्व (d) तथा गुरुत्वीय त्वरण (g) के गुणनफल के बराबर होता है।

अर्थात्   P =  h × d × g

द्रवों में दाब के नियम ( Law of Pressure in Liquids)

किसी स्थिर द्रव में एक ही क्षैतिज तल में स्थित सभी बिन्दुओं पर दाब बराबर होता है।

स्थिर द्रव के भीतर किसी भी बिन्दु पर प्रत्येक दिशा में दाब बराबर होता है।

द्रव के भीतर किसी भी बिंदु पर दाब स्वतन्त्र तल से बिन्दु की गहराई के अनुक्रमानुपाती होता है अर्थात् ज्यों- ज्यों गहराई बढ़ती जाती है दाब बढ़ता जाता है।

द्रव के किसी भी बिन्दु पर द्रव का दाब द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है, घनत्व बढ़ने पर दाब बढ़ता है, घनत्व घटने पर दाब घटता है।

द्रव सम्बन्धी पास्कल के नियमः

पास्कल का प्रथम नियमः  

यदि गुरुत्वीय प्रभाव को नगण्य माना जाए तो सन्तुलन की अवस्था में द्रव के भीतर प्रत्येक बिन्दु पर दबाव बराबर होता है।

पास्कल का द्वितीय नियमः 

किसी बर्तन में बन्द द्रव के किसी भाग पर आरोपित बल द्रव द्वारा सभी दिशाओं में समान होता है।

द्रव का दाब किसी बर्तन के आकार या आकृति पर निर्भर नहीं करता जिस में द्रव रखा गया है।

गलनांक पर दाब का प्रभावः

गर्म करने पर जिन पदार्थों का आयतन बढ़ता है दाब बढ़ाने पर उनका गलनांक भी बढ़ जाता है। जैसे- घी, मोम आदि।

गर्म करने पर जिन पदार्थों का आयतन घटता है दाब बढ़ाने पर उनका गलनांक भी घट जाता है। जैसे– बर्फ आदि।

क्वथनांक पर दाब का प्रभावः

द्रवों के दाब तथा क्वथनांक का एक दूसरे पर काफी प्रभाव पड़ता है। द्रवों का दाब बढ़ाने पर क्वथनांक बढ़ जाता है तथा दाब घटाने पर क्वथनांक घट जाता है।

. दाब (Pressure) क्या है?

किसी वस्तु की सतह के इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल।

. दाब का S.I. मात्रक क्या है?

न्यूटन / मीटर2 या पास्कल (Pa)।

. दाब किस प्रकार की राशि है?

अदिश राशि।

. वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) क्या है?

पृथ्वी के एकांक क्षेत्रफल पर पड़ने वाले वायुदाब को वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) कहते हैं।

. वायुमण्डलीय दाब का S.I. मात्रक क्या है?

बार। 1 बार  = 105 N / m2  (  N = न्यूटन    m = मीटर )

. वायुमण्डलीय दाब की सर्वप्रथम गणना किसने किया था?

वान क्यूरिक।

. समुद्र तट पर वायुदाब कितना होता है?

समुद्र तट पर औसत वायुदाब 29. 92 इंच या 76 सेंटीमीटर या 1013 . 25 मिली बार होता है।

. पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर वायुमण्डलीय दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?

पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) घटता जाता है।

. समुद्र तट से लगभग 540 मीटर की ऊंचाई पर वायुमण्डलीय दाब कितना होता है?

समुद्र तट की तुलना में आधा हो जाता है।

. सागर तट पर न्यूनतम तथा अधिकतम वायुमंण्लीय दाब कितना होता है?

सागर तट पर न्यूनतम वायुमंण्लीय दाब 890 मिलीबार तथा उच्चतम वायुदाब 1060 मिलीबार होता है।

. पहाड़ों पर खाना बनाने में कठिनाई क्यों होती है?

वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) कम होने के कारण।

. वायुमण्डल में बैठे यात्री की फाउन्टेन पेन में स्याही क्यो रिसने लगती है?

वायुमण्डलीय दाब कम होने के कारण।

. अन्तरिक्ष यान में आकाश में किसी व्यक्ति का भार कम क्यों हो जाता है?

वायुमण्डलीय दाब कम होने के कारण।

. अधिक ऊंचाई पर जाने पर नाक से खून क्यों निकलने लगता है ?

वायुमण्डलीय दाब कम होने के कारण।

. वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?

वायुमण्डलीय दाब को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक ऊंचाई, तापमान, गुरुत्वाकर्षण बल तथा ऋतुएं हैं।

. वायुमण्डलीय दाब किस यन्त्र से मापा जाता है?

बैरोमीटर से।

. बैरोमीटर से किसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है?

मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमान।

. बैरोमीटर में पारे का पाठ्यांक अचानक नीचे गिरना किसका द्योतक है?

आंधी तूफान आने की संभावना का।

 . बैरोमीटर के पारे का पाठ्यांक धीरे-धीरे ऊपर चढ़ना किसका द्योतक है?

दिन साफ रहने की संभावना।

. पृथ्वी तल से ऊंचाई बढ़ने पर वायुमण्डलीय पर क्या प्रभाव पड़ता है?

वायुमण्डलीय दाब घटता जाता है।

. पृथ्वी तल से 5.4 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुदाब कितना होता है?

वायुदाब घटकर आधा हो जाता है।

. पृथ्वी तल से 11 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुदाब कितना होता है?

वायुदाब घटकर 25% हो जाता है।

. पृथ्वी तल से 25  किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुदाब कितना होता है?

वायुदाब लगभग नगण्य हो जाता है।

. भूमध्य रेखा पर वायुमण्डलीय दाब कम क्यों होता है?

भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें पूरे वर्ष सीधी पड़ने के कारण तापमान अधिक होता है जिसके कारण भूमध्य रेखा पर स्थित क्षेत्रों में वायुमण्डलीय दाब कम होता है।

अर्थात तापमान अधिक होने के कारण भूमध्य रेखा पर वायुमण्डलीय दाब कम होता है।

. सर्दियों में वायुमण्डलीय दाब अधिक क्यों होता है?

तापमान कम होने के कारण।

. गर्मियों में वायुमण्डलीय दाब कम क्यों होता है?

तापमान अधिक होने के कारण।

. ताप का वायुमण्डलीय दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?

तापमान अधिक होने पर वायुमण्डलीय दाब कम तथा ताप कम होने पर वायुमण्डलीय दाब अधिक होता है।

अर्थात वायुमण्डलीय दाब, ताप के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

. गुरुत्वाकर्षण बल का वायुमण्डलीय दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?

गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ने पर वायुमण्डलीय दाब बढ़ता है तथा गुरुत्वाकर्षण बल घटने पर वायुमण्डलीय दाब घट जाता है।

अर्थात वायुमण्डलीय दाब, गुरुत्वाकर्षण बल के अनुत्क्रमानुपाती होता है।

. वायुमण्डलीय दाब कहां पर अधिक तथा कहां पर कम होता है?

वायुमण्डलीय दाब ध्रुवों पर अधिक तथा भूमध्य रेखीय क्षेत्र पर कम होता है।