ध्वनि (SOUND)

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ध्वनि (SOUND)

ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है जो कम्पायमान वस्तुओं से उत्पन्न होती है।

ध्वनि की चाल माध्यम की प्रकृति, घनत्व एवं वायुमण्डलीय परिस्थितियों (जैसे- आर्द्रता, ताप इत्यादि) पर निर्भर करता है।

ध्वनि की चाल ठोसों में सबसे अधिक, द्रवों में उससे कम तथा गैसों में सबसे कम होती है।

विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चालः

माध्यम ध्वनि की चाल ( मीटर / सेकेण्ड)

 

लोहा 5130
जल 1483
वायु 332
समुद्री जल 1533
पारा 1450
हाइड्रोजन 1269
कार्बन डाईआक्साइड 260
भाप 405
अलकोहल 1213
कांच 5640

 

ध्वनि की चाल पर ताप का प्रभावः

ताप बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है। वायु का ताप 10C बढ़ने ध्वनि की चाल 0.61 मीटर प्रति सेकेण्ड बढ़ जाती है।

ध्वनि की चाल पर आर्द्रता का प्रभावः

शुष्क वायु की अपेक्षा आर्द्रतायुक्त यानी नमीयुक्त वायु में ध्वनि की चाल अधिक होती हैं। यही कारण है कि बरसात के मौसम में आवाज दूर तक सुनायी देती है।

ध्वनि तरंगों के प्रकारः

ध्वनि तरंगें 03 प्रकार की होती हैः

1-अवश्रव्य तरंगें (Infrasonic Waves)।

2-श्रव्य तरंगें (Audible Wave)।

3-पराश्रव्य  तरंगें (Ultrasonic Wave)।

अवश्रव्य तरंगें (Infrasonic Waves)

वे तरंगें जिनकी आवृत्ति 20 हर्टज से कम होती है, अवश्रव्य तरंगें (Infrasonic Waves) कहलाती हैं। ये तरंगें मनुष्य को नही सुनायी देती हैं।

श्रव्य तरंगें (Audible Wave)

वे तरंगें जिनकी आवृत्ति 20 हर्टज से 20,000 हर्टज के मध्य होती हैं, श्रव्य तरंगें (Audible Wave) कहलाती हैं। ये तरंगें मनुष्य को सुनाई देती हैं।

पराश्रव्य  तरंगें (Ultrasonic Wave)

वे तरंगें जिनकी आवृत्ति 20,000 हर्टज से अधिक होती है, पराश्रव्य  तरंगें (Ultrasonic Wave) कहलाती हैं। ये तरंगें मनुष्य को नही सुनायी देती हैं परन्तु कुत्ता, विल्ली, चमगादड़ आदि को सुनायी देती हैं।

पराश्रव्य  तरंगें (Ultrasonic Wave) के उपयोगः

पराश्रव्य  तरंगें (Ultrasonic Wave) का उपयोग (1)समुद्र की गहराई को पता लगाने में (2)गठिया रोग के उपचार में (3 संकेत भेजनें में (4) दूध के हानिकाकरक जीवाणुओ को नष्ट करनें में (5) कारखानों की चिमनियों की कालिख हटाने में (6) मानव मस्तिष्क के ट्यूमर का पता लगाने में तथा (7) घड़ियों के पुर्जों को साफ करने में किया जाता है।

तारत्व (Pitch)

ध्वनि का वह लक्षण जिसके कारण ध्वनि मोटी या पतली होती है, तारत्व (Pitch) कहलाता है। तारत्व ध्वनि की आवृत्ति पर निर्भर करता है।

जब ध्वनि की आवृत्ति अधिक होती है तो तारत्व आधिक होता है जिसके कारण ध्वनि पतली अर्थात् सुरीली होती है।

जब ध्वनि की आवृत्ति कम होती है तो तारत्व कम होता है जिसके कारण ध्वनि मोटी होती है।

स्त्रियों की ध्वनि की आवृत्ति तथा तारत्व अधिक होता है जिसके कारण स्त्रियों की आवाज पतली एवं सुरीली होती है।

शेर की दहाड़ तथा मच्छरों की भिनभिनाहट में अधिक तारत्व मच्छरों की भिनभिनाहट में होती है।

विभिन्न ध्वनि श्रोतों की तीव्रताः

ध्वनि श्रोत तीव्रता (डेसीबल में)
साधारण बातचीत 30 से 40
तेज बातचीत 50 से 60
ट्रक, ट्रैक्टर 90 से 100
आरकेस्ट्रा 100
मिसाइल 180
मशीनगन 170
मोटर साइकिल, विद्युत मोटर 110
सायरन 110 से 120

 

∙ ध्वनि  का अपवर्तन (Refraction of Sound) क्या है?

जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती हैं तो अपने मार्ग से विचलित हो जाती है जिसे तरंगों का अपवर्तन (Refraction of Sound) कहते हैं।

∙ प्रतिध्वनि (Echo) क्या है?

जब ध्वनि तरंगे दूर स्थित किसी सतह से टकरा कर परावर्तित होती हैं तो इस परावर्तित ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते हैं। यह ध्वनि परावर्तन के कारण बार-बार सुनाई देती है। जैसे – कुएं में चिल्लाने पर प्रतिध्वनि सुनायी देती है।

प्रतिध्वनि सुनने के लिए श्रोता तथा परावर्तक सतह के बीच की न्यूनतम दूरी 16.44 मीटर ( लगभग 17 मीटर) होनी चाहिए।

वायुयान की ऊंचाई, समुद्र की गहराई तथा दूर स्थित पहाड़ की दूरी मापने के लिए प्रतिध्वनि का प्रयोग किया जाता है।

∙ अनुरक्षण (Reverberation) क्या है?

किसी बन्द स्थान जैसे हाल में ध्वनि श्रोत को बन्द कर देने के बाद भी कुछ समय तक ध्वनि सुनाई देती है जिसे ध्वनि के अनुरक्षण कहते हैं तथा जितने समय तक ध्वनि सुनाई देती है उसे अनुरक्षण काल कहते हैं। जैसे- बादलों का गर्जन

∙ ध्वनि का विवर्तन (Diffraction of sound) क्या है?

ध्वनि की तरंग दैर्ध्य 01 मीटर कोटि की होती है। जब इसी के बराबर कोटि का कोई अवरोधक ध्वनि के मार्ग में आता है तो ध्वनि उक्त अवरोध के किनारे से मुड़कर आगे बढ़ जाती है । इसी घटना को ध्वनि का विवर्तन कहते हैं।

∙ डाप्लर प्रभाव (Doppler,s Effect) क्या है? 

जब किसी ध्वनि श्रोत तथा श्रोता के मध्य आपेक्षिक गति होती है तो श्रोता की ध्वनि की आवृत्ति उसकी वास्तविक आवृत्ति से अलग सुनाई देती है जिसे डाप्लर प्रभाव (Doppler,s Effect) कहते हैं।

∙ प्रघाती तरंग (Shock Wave) क्या है?

जब किसी पिण्ड की चाल पराध्वनिक हो जाती है तो वह पिण्ड अपने पीछे माध्यम में शंक्वाकार विक्षोभ छोड़ता है। इसी विक्षोभ के संचरण को ही प्रघाती तरंग (Shock Wave) कहते हैं।

∙ मैक संख्या क्या है?

किसी माध्यम में किसी पिण्ड की चाल तथा उसी माध्यम में ताप तथा दाब की उन्ही परिस्थितियों में ध्वनि की चाल के अनुपात को मैक संख्या कहते हैं।

मैक संख्या 01 से अधिक होने पर पिण्ड की चाल पराध्वनिक तथा मैक संख्या 05 से अधिक होने पर अति पराध्वनिक होती है।

∙ अनुनाद (Resonance) क्या है?

जब किसी वस्तु के कम्पनों की स्वाभाविक आवृत्ति किसी चलायमान बल के कम्पनों की आवृत्ति के बराबर होती है तब उक्त वस्तु वहुत अधिक आयाम से कम्पन करने लगती है। इस घटना के अनुनाद (Resonance) कहते हैं।

∙ ध्वनि का परावर्तन (Refflection of Sound) क्या है?

जब ध्वनि किसी सतह से टकरा कर वापस लौटती हैं तो इस घटना को ध्वनि का परावर्तन (Refflection of Sound) कहते हैं।

∙ मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव कितने समय तक रहता है?

1/10 सेकेण्ड रहता है।

∙ दिन की अपेक्षा रात में ध्वनि दूर तक क्यों सुनाई देती है?

ध्वनि के अपवर्तन के कारण।

∙ एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर ध्वनि पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जब ध्वनि एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है तो ध्वनि की चाल एवं तरंग दैर्ध्य बदल जाती है। आवृत्ति पर कोई प्रभाव नही पड़ता है।

∙ ध्वनि के क्या लक्षण हैं ?

ध्वनि के 03 लक्षण हैं- तीव्रता (Intensity), तारत्व (Pitch) तथा गुणता (Quality)।

∙ तीव्रता (Intensity) क्या है?

ध्वन का तेज या धीमे सुनाई देने तीव्रता पर निर्भर करता है । इसकी मापन इकाई डेसीबल है।

∙ गुणता (Quality) क्या है?

ध्वनि का वह लक्षण जिसके कारण समान आवृत्ति की ध्वनियों में अन्तर प्रतीत होता है, गुणता (Quality) कहलाता है।

गुणता के कारण ही मनुष्य अपने परिचितों के बिना देखे ही आवाज सुनकर पहचान लेता है।

∙ आवृत्ति (Frequency) क्या है?

कोई कण एक सेकेण्ड में जितना कम्पन करता है उसे आवृत्ति कहते हैं । इसका S.I.मात्रक हर्टज है।

किसी तरंग की आवृत्ति माध्यम के कणों के दोलन की आवृत्ति के बराबर होती है।